रोजाना हादसों में लोगों की जान जाने के बाद भी दोपहिया वाहन चालक हेलमेट की उपयोगिता नहीं समझ रहे हैं। बीते साल भर में पुलिस ने 1,13285 लोगों को बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते पकड़ा। इन लोगों ने 5.69 करोड़ रुपये का जुर्माना भरा। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक आईएसआई मार्का का एक हेलमेट 850 रुपये में आ जाता है।
इस हिसाब से जुर्माने की रकम से 66,991 हेलमेट आ सकते थे। एक जनवरी से 31 दिसंबर 2025 के दौरान बिना हेलमेट लगाए दोपहिया वाहन दौड़ाने वालों से 5.69 करोड़ रुपये बतौर जुर्माना वसूले गए। कई लोग तो ऐसे हैं, जिनका कई-कई दफा चालान हो चुका है लेकिन हेलमेट फिर भी नहीं ले रहे हैं।
बिना हेलमेट पहली बार पांच सौ रुपये का चालान होता है। उसी व्यक्ति के गलती दोहराने पर चालान की राशि एक हजार रुपये हो जाती है। तीन बार चालान होने के बाद फिर पुनरावृत्ति पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने का प्रावधान है। ट्रैफिक पुलिस जागरूकता अभियान और चालानों के बाद भी चालकों को हेलमेट की आदत के लिए पाबंद नहीं कर पा रही है।
सवाल उन अभिभावकों पर भी है, जो अपने बेटे-बेटियों को शौक और स्टेटस के लिए बाइक-स्कूटर तो थमाते हैं लेकिन हेलमेट की गंभीरता नहीं समझाते।