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UP: 'मैं जिंदा हूं, अब भी यकीन नहीं', हवा में उछली, बोनट पर गिरी, सामने नजर आ रही थी मौत; घायलों ने बताई कहानी

Sun, 09 Feb 2025 11:51 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद के शहर के गोल्डन गेट ग्लोबल स्कूल के पास शुक्रवार को सड़क किनारे खड़ी 12वीं की छह छात्राओं को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। छात्राएं दूर जा कर गिरीं। बोनट में फंसी एक छात्रा 50 मीटर तक घिसटती चली गई। छात्राओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों ने कार चला रहे युवक को पकड़ लिया। जबकि कार में सवार बाकी चार युवक भाग गए।
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Moradabad Accident - फोटो : अमर उजाला
मुरादाबाद की शहर की पॉश कॉलोनी में दुस्साहसिक घटना होने के बाद भी पुलिस की नींद नहीं टूटी। शनिवार को भी दिनभर रामगंगा विहार पुलिस चौकी के पास हाई स्ट्रीट और गोल्डन गेट ग्लोबल स्कूल वाली सड़क पर युवक कारें दौड़ाते रहे और कार चलाना सीखते रहे। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी यहां वाहन सीखने पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है।

गोल्डन गेट और हाई स्पीड वाली सड़क के आसपास कई काॅम्प्लेक्स और शोरूम हैं। इसके अलावा कुछ भवनों का निर्माण किया जा रहा है। यहां रहने वाले राजीव कुमार का कहना है कि कार सीखने वाले सुबह से शाम तक यहां आते हैं और रफ्तार में कार चलाते हैं। युवक यहां रील बनाते हैं। कभी-कभी तो इतनी भीड़ हो जाती है कि यहां से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। 
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छात्राओं को टक्कर मारने के आरोपी - फोटो : संवाद
यहीं के रहने संजीव बताते हैं कि शुक्रवार को युवकों ने कार से छह छात्राओं को टक्कर मार दी थी। पुलिस ने भी कई बार चक्कर लगाया था और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली थी। इसके बाद लगा कि यहां अब कुछ शांति हो जाएगी, लेकिन शनिवार सुबह फिर से लोग यहां कार लेकर आए और सीखने लगे। यह नजारा सुबह से शाम तक रहा। जबकि यहां से पुलिस चौकी मात्र 100 से 150 मीटर की दूरी पर है। बावजूद इसके यहां कार सीखने वालों पर कोई पाबंदी नहीं लगाई जा रही है।
 
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मुरादाबाद में इसी कार ने मारी थी छात्राओं को टक्कर - फोटो : अमर उजाला
'मैं जिंदा हूं, अब भी यकीन नहीं'
मैं जिंदा हूं, अब भी यकीन नहीं हो रहा है। हम सभी छात्राएं सड़क किनारे खड़ी होकर बातचीत कर रही थीं। इसी दौरान तेजी से टक्कर लगी और मैं हवा में उछलकर बोनट पर गिर गई। मैंने बोनट को किसी तरह पकड़ लिया। मेरे पैर नीचे लटके थे। चिल्ला रही थी, लेकिन लड़कों ने कार धीमी नहीं की। मैंने बोनट पकड़ रखा था। मौत सामने नजर आ रही थी। कार बहुत दूर तक घसीटते हुए ले गई। मेरे पैर सड़क पर टकरा रहे थे। इसके बाद मुझे होश नहीं रहा। होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया। अब भी मुझे यकीन नहीं है कि मैं जिंदा हूं। यह शब्द, उन छह छात्राओं में से एक छात्रा के हैं, जिन्हें कार सवारों ने टक्कर मार दी थी।

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घटना के बाद अस्पताल पहुंचे परिजन - फोटो : संवाद
मुंह के बल सड़क पर गिरी और आंखें हो गई थी बंद
विवेकानंद अस्पताल में भर्ती दूसरी छात्रा आपबीती सुनाते हुए रोने लगी। कुछ देर शांत रहने के बाद बोली, हम सभी सहेलियां बहुत खुश थीं। मैं सहेलियों के साथ सड़क के किनारे खड़ी थी। हम आपस में बातचीत कर रहे थे। एक दूसरे को टाटा करके घर जाने की तैयारी में थे। तभी एक कार हमारी ओर आती दिखी। पूरी सड़क खाली थी, लेकिन कार ने हम सभी को तेज टक्कर मार दी। मैं हवा में उछल गई। कानों से आवाज आनी बंद हो गई। मैं मुंह के बल सड़क पर गिरी। इसके बाद आंखें बंद हो गईं। कुछ भी दिखाई नहीं दिया। इसके बाद होश नहीं रहा। होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया है। मेरी बाकी सहेलियां ठीक तो हैं।
 
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अस्पताल पहुंचे परिजन - फोटो : संवाद
छात्राएं बोलीं, छेड़खानी के विरोध में चढ़ाई कार, पुलिस ने बढ़ाई पॉक्सो एक्ट
पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर तीन छात्राओं के बयान दर्ज किए। जिसमें छात्राओं ने बताया कि आरोपियों ने उनके साथ छेड़खानी की। विरोध किया तो कार चढ़ाकर उन्हें मारने की कोशिश की। पुलिस ने छात्राओं के बयान के आधार पर पॉक्सो एक्ट की धारा भी बढ़ा दी है। इसके अलावा पुलिस ने वायरल वीडियो और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी केस का हिस्सा बना लिया है।
 
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मुरादाबाद में कार की टक्कर लगने के बाद जख्मी छात्राएं - फोटो : संवाद
सिविल लाइंस थाना प्रभारी मनीष सक्सेना ने बताया कि केस की विवेचना शुरू कर दी गई है। विवेचक ने तीन छात्राओं के बयान दर्ज किए हैं। तीनों छात्राएं नाबालिग हैं। दो छात्राएं आईसीयू में भर्ती है। जबकि एक छात्रा को दिल्ली रेफर किया गया है। इन छात्राओं के ठीक होने पर बयान दर्ज किए जाएंगे। जिन छात्राओं के बयान दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कार सवार आरोपियों ने उनके साथ छेड़खानी की। उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर कार चढ़ा दी थी। पुलिस ने छात्राओं के बयान के आधार पर केस में पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ा दी है।
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मुरादाबाद में कार ने मारी टक्कर - फोटो : संवाद
घटना के समय एक छात्रा का भाई था मौजूद
पुलिस की जांच पड़ताल और छात्राओं के बयान के बाद पता चला कि एक छात्रा का भाई भी घटनास्थल पर मौजूद था। उसने ही अन्य लोगों की मदद से अपनी बहन और उसकी सहेलियों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की थी। पुलिस ने भाई के भी बयान दर्ज कर लिए हैं।
 

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टक्कर लगने के बाद सड़क पर गिरी छात्राएं - फोटो : संवाद
एक छात्रा के सिर में जमे खून के थक्के को निकाला, दूसरी की हुई नाक की सर्जरी
एशियन विवेकानंद अस्पताल में भर्ती एक छात्रा की नाक की सर्जरी की गई है जबकि दूसरी छात्रा के सिर में जमे खून के थक्के को निकाला गया है। दोनों छात्राएं अभी आईसीयू में भर्ती हैं। वहीं इलाज के बाद दो छात्राओं को घर भेज दिया गया है।
 

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छात्राओं के टक्कर मारने के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
छेड़खानी के आरोपी पर गैंगस्टर कार्रवाई की मांग
शिवसेना के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र अरोड़ा कार्यकर्ताओं के साथ एशियन विवेकानंद अस्पताल पहुंचे। उन्होंने छात्राओं के परिजनों से बातचीत की। पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने छेड़खानी के आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की मांग की।
 
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आरोपियों की कार - फोटो : अमर उजाला
मां-बाप को देखकर फफक पड़े आरोपी, बोले गलती हो गई
छेड़खानी के विरोध में कार से छात्राओं को कुचलने के आरोपी शगुन, लक्ष्य और उदय के परिजन सुबह से ही सिविल लाइंस थाने में जुटे रहे। तीनों आरोपी अपने मां-बाप को थाने में देखकर फफक पड़े और बोले कि गलती हो गई।
 
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