मुरादाबाद में पासिंग आउट परेड के दौरान कैडेट
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पुलिस विभाग में आना संयोग
मेरे पिता सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त हैं, जबकि मम्मी गृहिणी हैं। मेरा सपना शिक्षक बनने का था। मैं सीटेट उत्तीर्ण हूं। पुलिस विभाग में आना संयोग ही कहेंगे। सब इंस्पेक्टर बनने के बाद भी मैं अपने इस सपने को पूरा करना चाहूंगी। खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए काम करना चाहती हूं। जरूरतमंद बच्चों को किताबें उपलब्ध करवाऊंगी, ताकि उनकी पढ़ाई में रुकावट न हो। - आकांक्षा तिवारी, हरदोई, इनडोर कैडेट
गांव-गांव जाकर करूंगी जागरूक
पासिंग आउट परेड में मैं सेक्शन कमांडर हूं। अब मैं सब इंस्पेक्टर बन गई हूं। मेरा यह सफर बहुत खूबसूरत है। मैं कांस्टेबल के रूप में चंदौली तैनात रह चुकी हूं। हम सभी लड़कियां साइकिल से जातीं थीं। मुझे ग्रामीण क्षेत्र में पोस्टिंग मिली तो गांव-गांव जाकर मैं लोगों को जागरूक करूंगी बेटियों के सपनों को पूरा करने में सहयोगी बनें। - नेहा कुमारी, बलिया