संभल हिंसा में घायल वसीम के चाचा नसीम ने तुर्क बिरादरी के लोगों पर फायरिंग का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है। नसीम का कहना है कि 24 नवंबर को मस्जिद के सर्वे के दौरान उपद्रवियों ने पथराव और गोलीबारी की जिसमें वसीम घायल हुआ। केस दर्ज होने के बाद संभल में राजनीति गर्म हो गई है। अब नेता दबी जुबान से एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
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sambhal jama masjid controversy
- फोटो : अमर उजाला
संभल हिंसा में फायरिंग करने वालों पर एक और केस दर्ज किया गया है। हिंसा में गोली लगने से घायल वसीम के चाचा नसीम ने पाकबड़ा थाने में दर्ज कराए केस में आरोप लगाया कि तुर्क बिरादरी के लोगों ने फायरिंग की थी। इस केस की विवेचना मुरादाबाद से संभल ट्रांसफर कर दी गई है। केस दर्ज होने के बाद संभल में राजनीति गर्म हो गई है। अब नेता दबी जुबान से एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
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संभल में बवाल
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संभल हिंसा में अब तक 12 केस दर्ज हो चुके हैं। संभल के मोहल्ला कोर्ट गर्वी मौलवी साहब वाली मस्जिद निवासी नसीम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके घर के पास ही जामा मस्जिद है। 24 नवंबर की सुबह टीम जामा मस्जिद में सर्वे करने पहुंची थी।
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संभल में हिसा के बाद पुलिस बल
- फोटो : संवाद
पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में सर्वे का कार्य चल रहा था। इसी दौरान शहर के कुछ शरारती और उपद्रवी लोगों ने जामा मस्जिद के आसपास इकट्ठा होना शुरू कर दिया था। कुछ ही देर में मस्जिद के आसपास के सभी रास्तों पर भीड़ जमा हो गई थी। इसमें तुर्क बिरादरी के लोग भी शामिल थे।
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संभल में हिंसा
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जिसमें से कुछ उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारियों ने पथराव करने वाले लोगों को समझाना चाहा लेकिन उपद्रवियों ने जान से मारने की नियत से फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली मेरे भतीजे वसीम को लगी।
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संभल हिंसा के आरोपी
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वसीम अपने घर के दरवाजे पर खड़ा था। नसीम और परिवार के अन्य लोग वसीम को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां हालत गंभीर होने पर उसे रेफर कर दिया गया। भतीजे के इलाज के लिए वह टीएमयू अस्पताल में ही मौजूद रहा। जिस कारण तहरीर देने में देरी हुई है।
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संभल में हिंसा
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एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि तहरीर के आधार पर पाकबड़ा थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। जिसे संबंधित जनपद संभल भेज दिया गया है। इस केस की विवेचना संभल में ही होगी।
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संभल में हिसा के बाद पुलिस बल
- फोटो : संवाद
मुरादाबाद के पाकबड़ा थाने में जीरो एफआईआर दर्ज हुई थी। जो अब संभल थाने को ट्रांसफर की गई है। इस एफआईआर की भी विवेचना शुरू कर दी है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल
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संभल में बवाल
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पुलिस ने ही चलाई थी गोली, सबूत जगजाहिर हैं...
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि बवाल के दौरान गोली पुलिस ने ही गोली चलाई है। इसके सबूत जगजाहिर हैं। बिरादरीवाद का रंग देकर पुलिस अपने गुनाह को छिपाना चाहती है। बेबुनियाद तरीके से घटना को मोड़ा जा रहा है। मस्जिद पर हक हर मुसलमान का है। जो एफआईआर कराई गई है, उसमें भी दवाब बनाया गया है।
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Sambhal Violence
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जिन लोगों की जान गई है, उनके परिवार के लोगों पर भी पूरा दबाव दिया गया है। सादा कागज पर अंगूठे तक लिए हैं। पुलिस के सभी कारनामों के सबूत हैं। इसलिए खुद को बचाने के लिए तरह-तरह के मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। मैं सदन में लोगों को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठा रहा हूं और आगे भी उठाता रहूंगा। जो सच है वह दुनिया तक पहुंच गया है। अब पीड़ितों को न्याय मिलने का इंतजार है।
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संभल हिंसा में शामिल आरोपियों की पुलिस ने तस्वीर जारी की हैं
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सांसद ने दीपासराय में बुलडोजर कार्रवाई पर भी सवाल उठाए
बवाल के बाद से दीपासराय में लगातार हो रही कार्रवाई को लेकर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रशासन पर मुसलमानों को खौफजदा करने का आरोप लगाया है। सांसद ने एक्स पर बुधवार की देर रात लिखा है कि पांच मुसलमानों की जान लेने के बाद अब बुलडोजर चलाकर मुस्लिम मोहल्लों में खौफ पैदा किया जा रहा है।
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Sambhal Masjid Survey Dispute
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पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय मुसलमानों को शक की बुनियाद पर जेलों में डाला जा रहा है, और बेबुनियाद इल्जाम लगाए जा रहे हैं। जबकि इंसाफ की मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है। जुल्म से महिलाएं भी नहीं बची हैं। पूरे मोहल्ले खौफजदा हैं।
सांसद ने आगे लिखा है कि उत्तर प्रदेश में संभल ऐसा शहर है जहां मुसलमानों पर जुल्म बढ़ रहे हैं। आगे लिखा है कि वह संसद में इस मुद्दे को उठाते रहेंगे। न्याय के लिए लड़ते रहेंगे। बतादें कि दीपासराय में ही सांसद बर्क का भी आवास है।