फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sambhal Shiv Mandir: दहला देने वाला था 1978 का दंगा, इसलिए 46 साल पहले बंद हुआ था मंदिर; बुजुर्ग ने बताई कहानी

Mon, 16 Dec 2024 02:43 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

46 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद संभल के खग्गू सराय का शिव मंदिर अब लोगों की आस्था का केंद्र बन चुका है। यहां हर रोज भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो इस ऐतिहासिक स्थल के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा और विश्वास को दर्शाती है।
विज्ञापन
1 of 8
संभल में मंदिर में पूजा शुरू - फोटो : अमर उजाला
1978 का दंगा दहला देने वाला था। कई लोगों की जान गई थीं और इससे भय का माहौल बन गया था। 40 रस्तोगी परिवार रहते थे इसमें ज्यादातर कारोबारी थे। इसलिए पलायन करना पड़ा। कई परिवार ऐसे थे जिनके पास किराए पर रहने की भी स्थिति नहीं थी, उन्हें हमने रहने के लिए व्यवस्था की थी। उस समय मंदिर को बंद किया गया था। यह कहना है नगर हिंदू महासभा के संरक्षक विष्णु शरण रस्तोगी का।

82 वर्षीय विष्णु शरण रस्तोगी का पुश्तैनी मकान 1978 तक नगर के खग्गू सराय में हुआ करता था। सभी 40 परिवार रस्तोगी थे। जोविष्णु शरण रस्तोगी के परिवार के थे। इसी परिवार का शिवमंदिर है जो अब 46 वर्ष बाद खुला है।
विज्ञापन

2 of 8
संभल के शिव मंदिर के बारे में जानकारी देते विष्णु शरण रस्तोगी - फोटो : संवाद
विष्णु शरण रस्तोगी ने बताया कि 1978 में अचानक से दंगा हुआ था। इसमें कई हिंदू समाज के लोगों की जान गई थी। इससे उन इलाकों में ज्यादा भय था जहां हिंदू आबादी कम थी और मुस्लिम आबादी ज्यादा थी। 

इसमें खग्गू सराय भी ऐसा ही इलाका था जहां हिंदू 40 परिवार थे और मुस्लिम बड़ी संख्या में थे। इसलिए हिंदू परिवारों ने पलायन करना ही सही निर्णय माना। इसलिए मोहल्ला ठेर, कोटपूर्वी जैसे हिंदू आबादी वाले इलाके में जाकर बस गए। जब हिंदू परिवार नहीं रहे तो मंदिर पर ताला लगाना पड़ा था।
 
विज्ञापन

3 of 8
संभल के शिव मंदिर में पूजा - फोटो : संवाद
कहा ये जाता है कि 1976 में इमाम की हत्या हुई थी उसको लेकर ही तनाव रहता था। 1977 में मंजर शफी ने मुस्लिम लीग से चुनाव लड़ा था। वो हार गया था, 1978 में वो बाजार बंद करा रहा था। तभी एक हिन्दू दुकानदार ने दुकान बंद नहीं की। विवाद बढ़ गया और अफवाह फैली कि मंजर शफी की हत्या कर दी। इसके बाद दंगा शुरू हुआ था।

4 of 8
संभल के शिव मंदिर में पूजा - फोटो : संवाद
कई परिवारों ने मजबूरी में छोड़ा था अपना मकान, बेचा भी बाद में
विष्णु शरण रस्तोगी ने बताया कि कई ऐसे भी परिवार थे जिनके पास किराए पर रहने की भी स्थिति नहीं थी। उन परिवारों को उन्होंने जगह दी। इसके बाद वह जब उन्होंने अपने मकान बेचे तो दूसरे इलाके में घर ले सके। बताया कि दंगे के समय मकान से महत्वपूर्ण अपनी जान थी इसलिए लोगों ने खग्गू सराय से पलान करना ही बेहतर समझा था।
विज्ञापन

5 of 8
संभल के शिव मंदिर में पूजा - फोटो : संवाद
मुख्यमंत्री ने किया संभल के मंदिर और दंगे का जिक्र
एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल में 46 वर्ष बाद खुले शिव मंदिर और 1978 दंगों का जिक्र किया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि 46 वर्ष पहले जिस मंदिर को बंद कर दिया गया था। अब वह प्राचीन मंदिर खुला है। 1978 में दंगे के दौरान निर्दोष लोगों की निर्मम हत्या की गई थी। उन हत्यारों को सजा क्यों नहीं मिली। विपक्ष को घेरते हुए कहा कि संसद में संभल के 24 नवंबर को हुए बवाल की चर्चा की जाती है लेकिन 46 वर्ष पहले संभल में ही हुए नरसंहार की चर्चा कोई नहीं करता।

 
विज्ञापन

6 of 8
संभल में बंद मंदिर के कपाट खुलने के बाद पूजा अर्चना शुरू - फोटो : संवाद
कुएं की खुदाई जारी, पुराने स्वरूप में लाया जाएगा कुआं
शिवमंदिर जितना प्राचीन है उससे भी प्राचीन कुआं होने का अनुमान है। कुआं पाट दिया गया था। अब कुएं की भी खोदाई कराई जा रही है। कुएं को भी पुराने स्वरूप में लाने का काम किया जाएगा। इसके लिए पालिका की ओर से प्रयास शुरू कर दिए हैं। खग्गू सराय निवासी बुजुर्ग मोहम्मद हनीफ ने बताया कि उनकी उम्र करीब 90 वर्ष हो गई है। उन्होंने तो कुआं और मंदिर दोनों देखे थे। कुएं को लेकर बताया कि 1980 के आसपास यह कुआं पाट दिया गया था। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि शिवमंदिर और कुआं प्राचीन है। कुएं की खोदाई कराई जा रही है, जिससे वह पुराने स्वरूप में लौट सके।
 
विज्ञापन

7 of 8
संभल में बंद मंदिर के कपाट खुलने के बाद पूजा अर्चना शुरू - फोटो : संवाद
कुएं की खोदाई में मिली मूर्तियां
संभल के खग्गू सराय मोहल्ले में शिव मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन कुएं की खोदाई के दौरान भगवान शिव, गणेश और माता पार्वती की खंडित मूर्तियां मिली हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मूर्तियों को अपने संरक्षण में ले लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्रीशचंद ने बताया कि कुएं की खोदाई के दौरान भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की टूटी हुई मूर्तियां मिली हैं। मूर्तियां कुएं में मलबा और मिट्टी के बीच पाई गईं। कुएं की खोदाई अभी जारी है। मूर्तियां खंडित कैसे हुईं इसकी भी जांच और जानकारी करवाई जा रही है।
विज्ञापन

8 of 8
संभल में बंद मंदिर के कपाट खुलने के बाद पूजा अर्चना शुरू - फोटो : संवाद
पीपल का वृक्ष नष्ट हो गया
मंदिर परिसर में कुएं के साथ पीपल का वृक्ष भी था, जो समय के साथ नष्ट हो गया। इस मोहल्ले के बुजुर्गों का कहना है कि पीपल का वृक्ष समय के साथ नष्ट हो गया। पीपल का वृक्ष होने की गवाही कई लोगों ने दी। हालांकि वहां मौजूद लोगों में चर्चा है कि पीपल के वृक्ष को किसी ने नष्ट किया होगा। क्योंकि पीपल के वृक्ष की आयु लंबी होती है और वह आसानी से नष्ट नहीं होता है।


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें