संभल में खोदाई के दौरान बावड़ी में उतर कर एक शख्स ने शंखनाद कर दिया। दोपहर 12 बजे एक शख्स शंख लेकर बावड़ी में पहुंच गया था और शंखनाद कर दिया। शख्स को पकड़ने के लिए पुलिस दौड़ी तो वो भाग निकला।
संभल जिले के चंदौसी के मुस्लिम बहुल मोहल्ला लक्ष्मण गंज के खाली प्लाट में मिली बावड़ी की खोदाई के दौरान रविवार की दोपहर करीब 12 बजे एक शख्स पहुंचा। उसने बावड़ी में उतर कर शंखनाद कर दिया। शंखनाद की आवाज सुन करते ही पुलिस के होश उड़ गए।
पुलिस शंखनाद करने वाले शख्स को पकड़ने के लिए दौड़ी तो वो भागने में सफल हो गया। पुलिस शख्स को तलाश कर रही है। वहीं, दूसरे समुदाय के लोगों का कहना है कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों पर कार्रवाई की जाए।
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शंखनाद करता शख्स
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार, रोजाना की तरह रविवार को भी सुबह 10 बजे नगर पालिका परिषद की टीम मजदूरों के साथ मौके पर पहुंची और बावड़ी को अस्तित्व में लाने के लिए खोदाई का कार्य शुरू किया गया। दोपहर करीब 12 बजे मजदूरों की तीन टीमें अलग-अलग स्थानों पर लगी थीं।
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चंदाैसी में बावड़ी की खोदाई जारी
- फोटो : संवाद
पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ
उसी समय एक शख्स बावड़ी में पहुंचा। कुर्ता पायजामा पहने शख्स के गले में पीले रंग का पटका पड़ा था। बावड़ी में उतर कर उसने अपनी जेब से शंख निकाला और शंखनाद कर दिया। शंखनाद सुन कर मौजूद कोतवाली पुलिस दौड़ कर मौके पर पहुंची। इससे पहले ही वह चकमा देकर भाग निकला।
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चंदाैसी में बावड़ी की खोदाई जारी
- फोटो : संवाद
शाह के नाम संबोधित पत्र भी बांटे
इतना ही नहीं शख्स वहां मौजूद कुछ लोगों को गृहमंत्री अमित शाह को संबोधित प्रार्थना पत्र भी बांटे। जिसमें शख्स मुकेश गुप्ता की ओर से ये प्रार्थना दिया गया है। प्रार्थना पत्र में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से चंदौसी आगमन के लिए निवेदन किया गया है।
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चंदाैसी में बावड़ी की खोदाई जारी
- फोटो : संवाद
उधर, शंखनाद पर मुस्लिम समाज के लोगों ने आपत्ति जाहिर करते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
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संभल शिव मंदिर में पूजा करते भक्त
- फोटो : संवाद
सुबह-शाम हो रही आरती, दर्शन को उमड़ रही भीड़
संभल के मोहल्ला खग्गू सराय में 46 वर्ष बाद खुले शिव मंदिर में रोजाना सुबह-शाम में आरती हो रही है। इसमें भक्तों की भीड़ रहती है। वहीं, दिनभर श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रसाद का वितरण किया जाता है। इस प्राचीन मंदिर में दर्शन के लिए दूर दराज से भी लोग पहुंच रहे हैं।
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संभल जामा मस्जिद के पास बन रही चाैकी के पास पूजा अर्चना करती महिलाएं
- फोटो : संवाद
1978 के दंगों के बाद खग्गू सराय से हिंदू परिवार पलायन कर गए थे। मुस्लिम आबादी से घिरे शिव मंदिर में भी ताला लगा दिया गया था। 46 वर्ष तक मंदिर में ताला लगा रहा। 14 दिसंबर को प्रशासन की पहल पर मंदिर का ताला खोला गया।
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चंदाैसी में बावड़ी की खोदाई जारी
- फोटो : संवाद
अधिकारियों ने अपने हाथ से सफाई की। इसके बाद श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। इसके बाद से लगातार श्रद्धालु पूजा पाठ के साथ दर्शन करने के लिए उत्साहित हैं।
चंदाैसी में सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी
- फोटो : संवाद
इसी तरह सरायतरीन के मोहल्ला कछवायन में स्थित प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर के भी दर्शन श्रद्धालु लगातार करने के लिए पहुंच रहे हैं। इस मंदिर में 1992 दंगों के बाद से ताला लगा था। पुलिस की निगरानी में 17 दिसंबर को खोला गया है।