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रामगंगा पुल बंद: हजारों के सामने रोजगार का संकट, किसी ने बदला मकान तो कोई लाैटा गांव, लंबी दूरी तय कर रहे लोग

Thu, 06 Feb 2025 07:46 PM IST
विमल शर्मा जितेंद्र कुमार, अमर उजाला मुरादाबाद

सार

रामगंगा पुल दो माह के लिए बंद होने से कई लोग अपने ठिकाने बदलने पर मजबूर हो गए। खासकर वह जो रामपुर, मुरादाबाद देहात क्षेत्र से हैं और शहर में रहते थे। कई परिवारों ने किराये के मकान छोड़कर रामगंगा पार या अपने पैतृक गांवों में चले गए हैं।
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रामगंगा पुल बंद होने के बाद परेशान यात्री - फोटो : अमर उजाला

रामगंगा पुल दो माह के लिए बंद होने और शहर में खराब यातायात व्यवस्था से बचने के लिए कई लोगों ने अपने ठिकाने बदल लिए। किसी ने रामगंगा पुल पार कर किराये पर मकान ले लिया तो कोई अपने पैतृक गांव में जाकर बस गया। कई लोगों के सामने रोजगार का संकट आ गया। इनमें अधिकांश वह लोग हैं जो रामपुर, मुरादाबाद देहात क्षेत्र और उसके आसपास के मूल निवासी हैं और उसी क्षेत्र में नौकरी करते हैं लेकिन परिवारों के साथ शहर में रह रहे थे।

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रामगंगा पुल बंद होने के बाद परेशान यात्री - फोटो : अमर उजाला

भोजपुर, भगतपुर, डिलारी, ठाकुरद्वारा के अलावा रामपुर के रहने वाले सरकारी, गैर सरकारी स्कूल के शिक्षक, बैंक कर्मी, ब्लाॅक, नगर पंचायत के कर्मचारी नौकरी उसी क्षेत्र में करते हैं लेकिन परिवार के साथ शहर में रहते हैं। किराये के मकानों में रहने वाले लोग मकान छोड़कर रामगंगा पार किराये का मकान लेकर रहने लगे हैं।

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रामगंगा पुल बंद होने के बाद परेशान यात्री - फोटो : अमर उजाला
वहीं कुछ लोग अपने पैतृक गांव चले गए हैं। लाइनपार में रहने वाले विनोद सिंह मूलरूप से भोजपुर के सिरसवां गाैड़ के रहने वाले हैं। वह और उनकी पत्नी अलग-अलग सरकारी स्कूल में तैनात हैं लेकिन दोनों के स्कूल रामगंगा पार के क्षेत्र में ही हैं। वह रोज सुबह साथ ड्यूटी जाते थे और छुट्टी के बाद साथ ही वापस आते थे लेकिन पुल बंद होने के कारण दोनों को ही परेशानी होनी लगी।

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रामगंगा पुल बंद होने के बाद परेशान यात्री - फोटो : अमर उजाला
मुश्किलों से बचने के लिए वह परिवार के साथ पैतृक गांव  चले गए। वहीं बुद्धि विहार में रहने वाले अनूप सिंह और उनकी पत्नी भी सरकारी शिक्षक हैं। दोनों के स्कूल भोजपुर क्षेत्र में हैं। पुल बंद होने के कारण वह भी भोजपुर क्षेत्र स्थित अपने पैतृक गांव चले गए हैं। 
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रामगंगा पुल बंद होने के बाद परेशान यात्री - फोटो : अमर उजाला

फैक्टरी कर्मियों के लिए भी बढ़ी परेशानी 
सरकारी विभाग के कर्मचारियों ने भले ही नया रास्ता खोज लिया हो लेकिन मजदूर और फर्मकर्मियों के लिए परेशानी बढ़ गई है। यह मजदूर और कर्मचारी सुबह अपने गांव से मुरादाबाद आकर फैक्टरियों में काम करते हैं। रामगंगा पुल बंद होने से इनके लिए परेशानियां बढ़ गई हैं। इन्हें लंबी दूरी तय करने के साथ अधिक किराया भी देना पड़ रहा है, जो जेब पर बोझ बन रहा है।

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रामगंगा पुल बंद होने के बाद परेशान यात्री - फोटो : अमर उजाला

शहर की एक पीतलफर्म में काम करने वाले ठाकुरद्वारा निवासी रामबिलास और अनोखेलाल ने बताया कि पहले बस से काशीपुर बस अड्डे तक पहुंच जाते थे। अब बस चालक सात किलोमीटर पहले ही काशीपुर तिराहे पर उतार रहे हैं। यहां से शहर आने के लिए ताजपुर होते हुए जामा मस्जिद पुल के रास्ते आने पर 20-30 रुपये अधिक खर्च हो रहे हैं।

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