मुरादाबाद के गांव दरियापुर में बाढ़ के पानी से घिरे घरों से एसडीआरएफ और प्रशासन ने समय रहते तीन गर्भवती महिलाओं व एक प्रसूता को सुरक्षित निकाल लिया। इसके अलावा रामगंगा नदी ऊफान पर है। प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
अगवानपुर नगर से सटे जंगल में अचानक बाढ़ का पानी बढ़ने से झाड़ियों में छिपा तेंदुआ पेड़ पर जाकर बैठ गया। तेंदुए को देखकर लोग दहशत में आ गए। कई लोग उसकी वीडियो बनाने में लग गए। मोहल्ला ढाप से लगे जंगल में रात करीब एक तेंदुआ पानी से बचने के लिए पेड़ पर जाकर बैठ गया। इसकी सूचना मोहल्ले लोगों को लगी तो दर्जनों लोग टार्च और लाठी डंडों के साथ जंगल के किनारे जमा हो गए।
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मुरादाबाद में बारिश के बाद जलभराव का नजारा
- फोटो : अमर उजाला/ संवाद
टॉर्च की रोशनी में तेंदुआ पेड़ पर बैठा साफ नजर आया। तेंदुए को भगाने का प्रयास किया लेकिन तेंदुआ पेड़ से नहीं उतरा। तेंदुए की दहशत में क्षेत्र के लोग रात में जागते रहे। सुबह तेंदुए को खोजने का सिलसिला चलता रहा। बाढ़ का पानी खेतों में पानी चुके है। अब ऐसे में जंगल में जानवरों के छिपने की जगह नहीं रही है। यही कारण रहा कि तेंदुआ झाड़ियों से बाहर निकलकर मैदान में भागने की कोशिश की। हालांकि तेंदुआ आबादी की तरफ नहीं आया।
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मुरादाबाद में बारिश के बाद भारी जलभराव
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गोशाला पर पहुंचा बाढ़ का पानी, फसलें डूबीं
रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से अगवानपुर गोशाला तक पानी पहुंच गया है। नदी के किनारे खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं। बाढ़ ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रामगंगा नदी से करीब 500 मीटर दूर अगवानपुर की कान्हा गोशाला है। बाढ़ का पानी गोशाला की दीवारों तक आ गया है। सड़क और आसपास के खेतों में पानी देखकर गोशाला में पानी घुसने का खतरा बढ़ गया है।
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मुरादाबाद में जलभराव के बाद का नजारा
- फोटो : अमर उजाला
गोशाला के कर्मचारियों ने दोनों गेटों पर मिट्टी के बड़े ढेर खड़े कर पानी को रोक दिया है। सड़क और खेत बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। लगातार रामगंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे पोस्टमॉर्टम हाउस वाले घाट पर पुलिस तैनात की गई है। पुलिस किसी को रामगंगा नदी की तरफ नहीं जाने दे रहीं है। नदी किनारे बोई गई सब्जियां पानी से भर गई है। किसान बाढ़ को लेकर चिंतित हैं।
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मुरादाबाद में जलभराव के बाद का नजारा
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दरियापुर के घरों में भरा पानी
कांठ के गांव दरियापुर में नदी का पानी लोगों के घरों में पीठ की ऊंचाई तक आ गया है। शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंसी तीन गर्भवती महिलाओं को प्रशासन ने समय रहते सुरक्षित निकाल लिया। तीनों महिलाएं 37 सप्ताह की गर्भवती हैं और अब प्रसव का समय निकट है। तीनों को सीएचसी कांठ में भर्ती किया गया है।
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मुरादाबाद में जलभराव के बाद का नजारा
- फोटो : अमर उजाला
गांव में बाढ़ का पानी घरों और सड़कों पर आने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। गांव के कई परिवार अपने घरों में फंसे हुए हैं। इस आपदा के बीच तीन गर्भवती महिलाओं की स्थिति चिंताजनक थी। सीएचसी प्रभारी डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि यह क्षेत्र ठाकुरद्वारा सीएचसी के अंतर्गत आता है।
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मुरादाबाद में जलभराव के बाद का नजारा
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उन्हें वहीं से मैसेज मिला कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में तीन गर्भवती महिलाएं हैं, उन्हें निकालना जरूरी है। एसडीआरएफ व प्रशासन के पास भी समान मैसेज पहुंचा। एसडीएम कांठ संत देव पंवार व एसडीआरएफ के साथ मौके पर जाकर गर्भवती महिलाओं को निकाला है।
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मुरादाबाद में जलभराव के बाद का नजारा
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डॉ. राजीव का कहना है कि एक महिला की डिलीवरी गांव में चार-पांच दिन पहले हुई थी। प्रसूता व नवजात को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया है। एसडीआरएफ की टीम ने बाढ़ के पानी में लाइफ बोट के जरिये अभियान को अंजाम दिया। तीनों महिलाओं को सुरक्षित रूप से निकालकर कांठ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
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मुरादाबाद में जलभराव के बाद का नजारा
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तीनों महिलाओं की निगरानी की जा रही
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल का कहना है कि तीनों महिलाओं की स्थिति की निगरानी की जा रही है और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दूसरी ओर दरियापुर के लोग प्रशासन के राहत कार्यों पर निर्भर हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
मुरादाबाद में बारिश के बाद जलभराव का नजारा
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ट्रैक्टर से पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे विधायक कमाल
रामगंगा नदी ने खादर क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। शुक्रवार को कांठ के सपा विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करने के लिए पहुंचे। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से बात करते हुए समस्याओं के बारे में जाना। साथ ही प्रशासन से बाढ़ पीड़ितों को तुरंत राहत देने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि बरसात में तमाम गांव बाढ़ से ग्रस्त हैं। किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। सरकार को सर्वे कराकर किसानों और ग्रामीणों को मुआवजा देना चाहिए।