मुरादाबाद के पाकबड़ा थानाक्षेत्र के लोधीपुर राजपूत स्थित मदरसा जामिया एहसान-उल-बनात में आठवीं कक्षा में दाखिला देने से पहले 13 वर्षीय छात्रा से वर्जिनिटी सर्टिफिकेट (कौमार्य प्रमाणपत्र) की मांग की गई। मदरसा प्रबंधन की इस अजीब मांग से छात्रा और उसके मां-पिता हैरान रह गए। पीड़िता के पिता की शिकायत पर शुक्रवार को पुलिस ने प्रधानाचार्य रहनुमा, एडमिशन सेल के प्रभारी मो. शाहजहां और अन्य स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
1 of 16
मुरादाबाद में मदरसा संचालकों पर गंभीर आरोप
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के मुरादाबाद के मदरसा प्रशासन के आरोपों से 13 साल की छात्रा बहुत दुखी है। उसने टीसी फार्म पर ही अपना दर्द बयां किया है। छात्रा ने लिखा है कि मैं इमरजेंसी में अपने पिता के साथ घर चली गई थी। घर से वापस मदरसे पहुंची तो मेरा मेडिकल कराने के लिए दबाव बनाया गया। मेरे चरित्र पर अंगुली उठाई गई है जिसकी कोई बुनियाद नहीं है। मेरी मां मेडिकल कराने को तैयार नहीं हुई। मुझे मदरसा की ओर से मेंटल टॉर्चर किया गया है। मैं कुछ सोच नहीं पा रही हूं। मेरा एक सवाल है कि क्या कोई बेटी अपने पिता के साथ अकेली नहीं रह सकती। मैं पढ़ना चाहती हूं लेकिन मदरसे वालों ने मेरा भविष्य खराब कर दिया। मेरा साथ कोई नहीं दे रहा है। मदरसे ने मेरी टीसी भी नहीं दी है।
विज्ञापन
2 of 16
मेडिकल मांगने के आरोप में गिरफ्तार प्रभारी
- फोटो : संवाद
मेरी बेटी आत्महत्या करने को विवश
छात्रा के पिता का कहना है कि मदरसा प्रशासन ने उनकी बेटी के चरित्र का हनन किया है। हमने टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) मांगी तो 500 रुपये जमा करा लिए मगर टीसी नहीं दी गई। उल्टे मदरसा स्टाफ ने मां-बेटी और उनके साथ गाली गलौज की। उन्हें धमकी दी कि अगर दोबारा दाखिला दिलाने आए तो अंजाम बुरा होगा। बेइज्जत होने पर उनकी बेटी रोते-रोते बोली, अब मैं कहां पढ़ूंगी? उन्होंने हमारे ऊपर इल्जाम लगाकर हमारी इज्जत मिट्टी में मिला दी। उनकी बेटी आत्महत्या करने को मजबूर है। पिता ने वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर अपना दर्द बयां किया है।
विज्ञापन
3 of 16
पिता ने पुलिस को साैंपे शिकायती पत्र
- फोटो : संवाद
टीसी के नाम पर भी ले लिए 500 रुपये
पिता का कहना है कि जब बेटी का मदरसे में दाखिला नहीं हुआ तो उन्होंने जमा की गई फीस वापस मांगी। इस पर फीस देने से इन्कार कर दिया और टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) देने के नाम पर 500 रुपये भी ले लिए। फिर भी मदरसा प्रबंधन ने टीसी नहीं दी। टीसी मांगने पर प्रधानाचार्य, एडमिशन सेल के प्रभारी ने धमकी दी अगर बार बार यहां टीसी या फीस मांगने आए तो अंजाम बुरा होगा। ऐसा चरित्र प्रमाणपत्र बनाया जाएगा कि कहीं दूसरी जगह पर भी छात्रा का एडमिशन नहीं हो जाएगा।
4 of 16
पाकबड़ा थाने की घटना
- फोटो : संवाद
चंडीगढ़ के एक व्यक्ति ने पाकबड़ा क्षेत्र के मदरसे के प्रधानाचार्य, एडमिशन सेल के इंचार्ज समेत अन्य स्टाफ पर आरोप लगाया कि उनकी बेटी के चरित्र का हनन किया है। उनसे मेडिकल रिपोर्ट की मांग की गई है। इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। एडमिशन सेल के इंचार्ज मो. शाहजहां को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। - कुमार रण विजयसिंह, एसपी सिटी
विज्ञापन
5 of 16
मुरादाबाद स्थित मदरसा संचालकों पर गंभीर आरोप
- फोटो : संवाद
पति-पत्नी के आपसी विवाद में हमारे मदरसे को बदनाम किया जा रहा है। यह बात बिल्कुल गलत है। - अरबाब शम्सी, सचिव, मदरसा जामिया एहसान-उल-बनात
विज्ञापन
6 of 16
पीड़ित पिता
- फोटो : संवाद
मदरसे में दो घंटे जांच स्टाफ से लंबी पूछताछ
मदरसे में दाखिला देने से पहले कौमार्य प्रमाणपत्र (मेडिकल रिपोर्ट) मांगे जाने से हड़कंप मचा तो पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने मदरसे में करीब दो घंटे तक जांच की। स्टाफ और छात्राओं से लंबी पूछताछ की। मदरसा प्रबंधन ने दलील दी, छात्रा की मौसी ने कॉल कर बताया था कि छात्रा करीब एक माह तक अपने पिता के साथ अकेली रही। उसकी मां मायके गई थी। छात्रा के साथ कुछ गलत हुआ है।
विज्ञापन
7 of 16
इसी मदसरे के संचालकों पर लगे गंभीर आरोप
- फोटो : संवाद
इस कॉल के बाद मदरसा प्रशासन ने रिपोर्ट की मांग की। मामला सामने आने के बाद एसएसपी सतपाल अंतिल ने सीओ हाईवे राजेश कुमार और पाकबड़ा थाना प्रभारी योगेश कुमार को जांच करने के निर्देश दिए। दोनों अधिकारी पुलिस टीम के साथ सुबह करीब 11 बजे मदरसा पहुंचे। टीम में महिला दरोगा और सिपाही भी शामिल किए गए। टीम ने मदरसे के रिकॉर्ड चेक किए।
8 of 16
मुरादाबाद स्थित मदरसा संचालकों पर गंभीर आरोप
- फोटो : संवाद
इसके अलावा एडमिशन इंचार्ज और अन्य स्टाफ के अलावा छात्राओं के भी बयान दर्ज किए गए। जांच में सामने आया कि छात्रा को उसके पिता 16 जुलाई को अपने घर ले गए थे लेकिन 21 अगस्त को उसकी मां उसे छोड़ने मदरसे में पहुंची थी। इससे पहले ही किसी महिला ने मदरसे में कॉल की और बताया कि वह छात्रा की मौसी है। चंडीगढ़ में छात्रा अपने पिता के साथ अकेली रहती है। उसकी मां अपने मायके प्रयागराज में है। उसे शक है कि चंडीगढ़ में छात्रा के साथ कुछ गलत हो रहा है। इस कॉल की वजह से मदरसा प्रशासन अलर्ट हो गया था। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे टीम वापस चली गई।
9 of 16
मुरादाबाद स्थित मदरसा संचालकों पर गंभीर आरोप
- फोटो : संवाद
कॉल करने वाली महिला की होगी जांच
एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि मदरसा प्रशासन की ओर से दावा किया गया कि किसी महिला ने कॉल कर उन्हें जानकारी दी थी कि छात्रा के साथ कुछ गलत हुआ है। हालांकि छात्रा और उसके पिता को कोई शिकायत नहीं थी। इसके बावजूद दाखिला करने पर मेडिकल रिपोर्ट मांगना गलत है। जिस महिला द्वारा कॉल किए जाने की बात की गई है। उसकी जांच की जाएगी कि कोई कॉल आई थी या नहीं।
10 of 16
मुरादाबाद में गश्त करती पुलिस
- फोटो : संवाद
अलग-अलग बयान दे रहे सचिव व उस्ताद
सोशल मीडिया पर मदरसे के सचिव अरबाब शम्सी का बयान वायरल हो रहा है। वह बता रहे हैं कि पति-पत्नी के बीच विवाद है। उनके मदरसे को बेवजह पार्टी बनाया जा रहा है। यह गलत है। मदरसे के उस्ताद मो. सलमान कहा कि मदरसे में 400 से ज्यादा छात्राएं हैं, किसी ने कभी कोई शिकायत नहीं की। हमारा गुनाह बस इतना है कि फीस मांग ली गई थी। यहां सवाल यह उठता है कि उस्ताद सच बोल रहे हैं सचिव। अगर मदरसे के पास किसी तरह की सूचना आई थी तो उन्होंने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी।
11 of 16
मुरादाबाद में गश्त करती पुलिस
- फोटो : विभाग
इन धाराओं में दर्ज किया गया केस
मुरादाबाद के पाकबड़ा थाने में पिता की तहरीर पर बीएनएस की धारा 79, 351(2),352, 316(2) और पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
12 of 16
मुरादाबाद पुलिस गश्त करती हुई
- फोटो : विभाग
शर्मनाक : मदरसे में 13 साल की छात्रा से मांगा कौमार्य प्रमाणपत्र, एडमिशन सेल प्रभारी गिरफ्तार
मुरादाबाद के पाकबड़ा थानाक्षेत्र के लोधीपुर राजपूत स्थित मदरसा जामिया एहसान-उल-बनात में आठवीं कक्षा में दाखिला देने से पहले 13 वर्षीय छात्रा से वर्जिनिटी सर्टिफिकेट (कौमार्य प्रमाणपत्र) की मांग की गई। मदरसा प्रबंधन की इस अजीब मांग से छात्रा और उसके मां-पिता हैरान रह गए। पीड़िता के पिता की शिकायत पर शुक्रवार को पुलिस ने प्रधानाचार्य रहनुमा, एडमिशन सेल के प्रभारी मो. शाहजहां और अन्य स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मो. शाहजहां को गिरफ्तार कर लिया है।
13 of 16
एसएसपी मुरादाबाद
- फोटो : पुलिस
चंडीगढ़ के मनीमाजरा क्षेत्र में रहने वाले टेलर ने पाकबड़ा थाने में दर्ज कराए केस में बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 को अपनी बेटी का दाखिला पाकबड़ा थानाक्षेत्र के लोधीपुर राजपूत स्थित मदरसा जामिया एहसान-उल-बनात में कक्षा सात में कराया था। बेटी ने सातवीं कक्षा पास कर ली और इस बार आठवीं कक्षा में दाखिला होना था। इसी साल जुलाई माह में प्रयागराज में रहने वाली उसकी सास की तबीयत खराब हो गई थी। टेलर ने बताया कि उनकी पत्नी अपनी मां की देखभाल के लिए प्रयागराज चली गई थी और उनसे कहा कि वह बेटी को मदरसे से चंडीगढ़ ले जाएं।
14 of 16
जांच में जुटी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
16 जुलाई को टेलर बेटी को चंडीगढ़ ले गया था। कुछ दिन बाद पत्नी प्रयागराज से वापस आ गई थी। इसके बाद टेलर की पत्नी 21 अगस्त को बेटी को लेकर पाकबड़ा के मदरसे पहुंची। आठवीं कक्षा में दाखिला करने के लिए प्रधानाचार्य रहनुमा और एडमिशन सेल प्रभारी मो. शाहजहां से मिलीं। आरोप है कि दोनों ने पहले 35 हजार रुपये जमा करा लिए। इसके बाद कौमार्य प्रमाणपत्र की मांग की गई।
15 of 16
UP police
- फोटो : अमर उजाला
इसकी जानकारी मिलने पर पिता भी पहुंच गए। आरोप है कि उनके साथ मदरसा स्टाफ ने अभद्रता की और धक्के देकर तीनों को बाहर निकाल दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर एडमिशन सेल के प्रभारी एवं बिहार के पूर्णिया जिले के रानी पत्रा क्षेत्र के पुरखरिया निवासी मो. शाहजहां को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस प्रधानाचार्य रहनुमा व अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
UP Police, यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
डॉक्टर बोलीं- अमानवीय और भेदभावपूर्ण है कौमार्य टेस्ट
जिला अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संगीता गुप्ता का कहना है कि कौमार्य टेस्ट अमानवीय और भेदभावपूर्ण है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के संशोधित पाठ्यक्रम के अनुसार कौमार्य के संकेतों के बारे में जिक्र करना या यह पुष्ट करना है कि हाइमन (झिल्ली) है या नहीं ऐसे सभी विषय वैज्ञानिक तौर पर आधारहीन हैं। कुछ मामलों में ब्लड सैंपल से भी यह जांच की जाती थी। डॉ. गुप्ता ने बताया कि हाइमन के हटने के कई कारण हो सकते हैं। किशोरावस्था में वजन उठाने, साइकिलिंग, चोट या अन्य कारणों से भी यह झिल्ली हट सकती है। कौमार्य टेस्ट (जिसमें टू-फिंगर-टेस्ट भी शामिल है) न केवल अवैज्ञानिक है, बल्कि अमानवीय भी है।