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मुरादाबाद ग्राउंड रिपोर्ट: बाजार का खेल... जीएसटी की छूट जमीन पर फेल, दुकानदारों के अपने तर्क, पीस रहे ग्राहक

Thu, 25 Sep 2025 11:53 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

सरकार ने जीएसटी की नई दरों के बाद कई वस्तुओं के दाम कम होने का दावा किया है। बावजूद ग्राहकों को अभी इसका फायदा नहीं मिल रहा है। अमर उजाला की पड़ताल में दुकानदारों ने बताया कि दैनिक उपयोग की चीजें अब भी पहले जैसी दरों पर बिक रही हैं। 
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मुरादाबाद के बाजार का नजारा - फोटो : अमर उजाला
सरकार की ओर से जीएसटी की नई दरों के बाद कई वस्तुओं के दाम कम होने का दावा किया जा रहा है, जबकि बाजार में लोगों को उनके दैनिक उपयोग की चीजें अभी घटी दरों पर नहीं मिल रही हैं। अमर उजाला ने बाजार में अलग-अलग उत्पादों के दुकानदारों से बातचीत की तो जमीनी हकीकत दावों से अलग मिली।
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मुरादाबाद के बाजार का नजारा - फोटो : अमर उजाला
पुराने रेट पर ही बिक रही दाल, बटर व दूध भी महंगे
कटरा बाजार में अमरोहा गेट के पास किराना दुकानदार श्याम बंसल ने पूछने पर लोकल ब्रांड मधुसूदन देशी घी के टिन का दाम 9280 रुपये बताया। जीएसटी की घटी दरों का बात सुनते ही कहते हैं कि सोमवार को 30 रुपये प्रति लीटर घटे थे। मंगलवार को कंपनी ने 20 रुपये प्रति लीटर एमआरपी बढ़ा दिया। लाइनपार में आरके ट्रेडर्स के संचालक राजेश कहते हैं कि अरहर की दाल पहले 90 रुपये किलो थी और अब भी। इसी तरह चीनी का 50 किलो का कट्टा 2150 रुपये का था और अब भी इतने का ही है। अमूल, पराग के दूध का दाम भी कम नहीं हुआ है। दुकानदार संजीव यादव का कहना है कि अभी पुराना स्टॉक है, जब नया माल आएगा को अंतर दिखेगा। फारच्यून रिफाइंड के टिन के दाम महीने भर से 1960 और रविंद्रा तेल के 2517 ही हैं।
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मुरादाबाद के बाजार का नजारा - फोटो : अमर उजाला
दवाओं के दाम में भी दुकानदारों की मनमानी 
एजीथ्रोमाइसिन, डोलो, सिट्राजीन जैसी सामान्य दवाओं के दाम बाजार में कम नहीं हुए हैं। कैंसर व दिल की बीमारियों के दाम भी पुराने ही हैं। साईं अस्पताल के सामने मेडिकल स्टोर संचालक सुधाकर शर्मा बताते हैं कि कंपनियों की ओर से नए एमआरपी जारी करने में अभी समय लगेगा। अभी मार्केट में पुराना स्टॉक है और उसी एमआरपी के आधार पर दवाएं बेची जा रही हैं। सिद्ध अस्पताल के पास इंसुलिन का कार्टेज खरीद रहे तीमारदार अमित ने बताया कि उन्हें पुराने मूल्य पर ही दवा मिली है। जबकि ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष साहित्य रस्तोगी का कहना है कि पहले खरीदी जा चुकी दवाओं को भी विक्रेता को नई जीएसटी दरों पर बेचना चाहिए। उसका बिल भी ग्राहक को देना चाहिए। 

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मुरादाबाद के बाजार का नजारा - फोटो : अमर उजाला
नहीं घटे पीतल के बर्तन, पूजन की मूर्तियों के दाम
मंडी चौक में त्योहारी सीजन के लिए सजी पीतल के बर्तनों व सजावटी उत्पादों की दुकानों पर भी चीजों के दाम में कोई अंतर नहीं आया है। हालांकि दुकानदार बिल में पांच प्रतिशत जीएसटी लगाकर ग्राहक को सामान दे रहे हैं लेकिन मूल्य बढ़ जाने से ग्राहक को कोई छूट नहीं मिल रही है। एएम ट्रेडर्स के संचालक अर्पित अग्रवाल व एक अन्य दुकानदार राहुल अग्रवाल के मुताबिक कच्चे माल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इसलिए पीतल के उत्पादों का दाम बढ़ गया है। मंडी चौक में अलग-अलग दुकानों पर पीतल का दाम भी अलग-अलग है। इस पर कोई अंकुश नहीं है। 10 किलो का पीतल का घंटा किसी दुकान पर 680 रुपये प्रति किलो है तो किसी के पास 1000 रुपये किलो।
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मुरादाबाद के बाजार का नजारा - फोटो : अमर उजाला
स्पलेंडर पर 8000 तो बुलेट के दाम में 15000 की गिरावट
दिल्ली रोड पर जवाहर मोटर्स, ब्रास सिटी मोटर्स हो पीली कोठी पर रॉयल एनफील्ड का शोरूम। हर जगह ग्राहकों की भीड़ है। जवाहर मोटर्स के संचालक राहुल कपूर के मुताबिक 350 सीसी से कम की बाइक और सामान्य कारों के लिए जीएसटी 28 से घटाकर 18 प्रतिशत की गई है। इसके कारण स्पलेंडर बाइक 8000 रुपये और बुलेट 350 बाइक 15000 रुपये तक सस्ती हो गई है। यही स्थिति टीवीएस अपाचे और बजाज पल्सर की है। दिल्ली रोड स्थित टाटा मोटर्स शोरूम के संचालक आदित्य गुप्ता बताते हैं कि त्योहारी सीजन में कारों की बंपर बुकिंग है। 
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मुरादाबाद के बाजार का नजारा - फोटो : अमर उजाला
40 हजार का टीवी अब 36000 में मिल रहा
लाइनपार में रोमिव इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम के संचालक रोमिव बताते हैं कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के दामों में गिरावट आई है। जीएसटी की दरें 28 से घटकर 18 प्रतिशत हो गई हैं। इससे दुकानदार के साथ ग्राहक को सीधा फायदा पहुंचा है। शैंकी नागरथ कहते हैं कि 40 हजार का एलईडी टीवी अब 36 हजार में मिल रहा है। दुकानदार हरविंदर सिंह का कहना है कि शादियों का सीजन आने वाला है। इसलिए वाशिंग मशीन की भी अच्छी बुकिंग है। 
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मुरादाबाद के बाजार का नजारा - फोटो : अमर उजाला
सरकार के साफ निर्देश हैं कि दवा विक्रेता घटी हुई जीएसटी दरों पर ही दवा बेचें। इसका बिल बनाकर ग्राहक को दें और उसमें स्पष्ट करें कि पुरानी दरों के मुताबिक दवा की कीमत कितनी थी और नई जीएसटी दरों के लागू होने से उन्हें कितने रुपये का लाभ मिला है। सामान्य दवाओं को पांच प्रतिशत के स्लैब में लाया गया है। जबकि गंभीर बीमारियों की दवा पर जीएसटी शून्य है। - साहित्य रस्तोगी, अध्यक्ष, ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन 

ग्राहकों की जागरूकता से बाजार में असर दिखेगा। जीएसटी घटने से कई लोगों ने वस्तुओं का मूल्य ही बढ़ा दिया है। कई उत्पादों का मूल्य कंपनियों ने बढ़ाया है। इसलिए दाम में अंतर नहीं दिख रहा है। हालांकि टैक्स में छूट मिलने से सभी खुश हैं। - अरविंद अग्रवाल, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार मंडल
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GST New Slab - फोटो : अमर उजाला
घटी दरों पर सामान न दें दुकानदार तो 1915 पर करें कॉल : एके सिंह 
राज्यकर के अपर आयुक्त ग्रेड-1 एके सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार के अधिकारी बाजारों की मॉनिटरिंग में लगे हैं। यदि कोई दुकानदार जीएसटी की घटी दरों के मुताबिक सामान न दे तो आप व्हाट्सएप नंबर 8800001915 पर शिकायत करें या फिर 1915 डायल कर फौरन सूचना दें। स्थानीय स्तर पर जीएसटी कार्यालय में शिकायत की जा सकती है। सरकार के निर्देशों के बाद निर्माता कंपनियों ने साफ कहा है कि दुकानदार पुराने स्टॉक को भी जीएसटी की घटी दरों पर बेचें। उसका बिल बनाकर कंपनी को दें नुकसान की भरपाई निर्माता की ओर से की जाएगी। उदाहरण के लिए पार्ले-जी से लेकर अंकल चिप्स तक सबके दाम कम होने चाहिए। स्थानीय स्तर पर लोगों की शिकायत मिलने पर हमारे विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। 
  • उक्त उत्पादों पर जीएसटी की दर 12 से घटाकर 5% की गई है। 
  • सामान्य दवाओं को 12 प्रतिशत के स्लैब से पांच प्रतिशत पर लाया गया है। 
  • पीतल व अन्य धातु उत्पादों पर जीएसटी की दर 18 से घटाकर पांच प्रतिशत की गई है। 
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