मुरादाबाद के बाजार का नजारा
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सरकार के साफ निर्देश हैं कि दवा विक्रेता घटी हुई जीएसटी दरों पर ही दवा बेचें। इसका बिल बनाकर ग्राहक को दें और उसमें स्पष्ट करें कि पुरानी दरों के मुताबिक दवा की कीमत कितनी थी और नई जीएसटी दरों के लागू होने से उन्हें कितने रुपये का लाभ मिला है। सामान्य दवाओं को पांच प्रतिशत के स्लैब में लाया गया है। जबकि गंभीर बीमारियों की दवा पर जीएसटी शून्य है। - साहित्य रस्तोगी, अध्यक्ष, ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन
ग्राहकों की जागरूकता से बाजार में असर दिखेगा। जीएसटी घटने से कई लोगों ने वस्तुओं का मूल्य ही बढ़ा दिया है। कई उत्पादों का मूल्य कंपनियों ने बढ़ाया है। इसलिए दाम में अंतर नहीं दिख रहा है। हालांकि टैक्स में छूट मिलने से सभी खुश हैं। - अरविंद अग्रवाल, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार मंडल