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UP: 'परिवार ने हौसला बढ़ाया पर मैं ही हार गया, बहुत डरा महसूस...', नोट में बीएलओ ने स्टाफ के लिए लिखे ये शब्द

Mon, 01 Dec 2025 11:14 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद में एक बीएलओ ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) का लक्ष्य पूरा न कर पाने के कारण तनाव में खुदकुशी कर ली। उसने सुसाइड नोट भी लिखा है। सुसाइड नोट में बीएलओ ने लिखा कि परिवार ने हौसला बढ़ाया लेकिन मैं ही हार गया। बहुत परेशान हूं मानसिक संतुलन खराब हो गया है। इसी कारण आत्मघाती कदम उठाना पड़ रहा है। 
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मुरादाबाद में बीएलओ ने की खुदकुशी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मुरादाबाद में बीएसए और जिला निर्वाचन अधिकारी को संबोधित सुसाइड नोट में बीएलओ सर्वेश सिंह ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने आगे लिखा...मैं सर्वेश सिंह जाहिदपुर सीकमपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में कार्यरत हूं। 15 साल की नौकरी में पहली बार सात अक्तूबर को बूथ संख्या 406 का बीएलओ नियुक्त किया गया है। इस विषय का पूर्ण ज्ञान नहीं होने के कारण समय से सो नहीं पा रहा हूं।

अपना टारगेट नहीं कर पा रहा हूं। रात दिन कड़ी मेहनत के बाद भी रात को मात्र दो या तीन घंटे भी नहीं सो पा रहा हूं। चार बेटियां हैं दो छोटी बेटियों की कई दिन से तबीयत खराब है। बहुत परेशान हूं मानसिक संतुलन खराब हो गया है। जिस कारण आत्मघाती कदम उठाना पड़ रहा है।
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रोते-बिलखते बीएलओ सर्वेश सिंह का परिवार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसकी पूर्ण जिम्मेदारी मेरी है। इसके लिए किसी को परेशान नहीं किया जाए। मेरे परिवार का कोई दोष नहीं है। मेरे परिवार ने तो मेरा बहुत हौसला बढ़ाया लेकिन मैं ही हार गया हूं। मेरे जाने के बाद किसी को दोषी नहीं ठहराया जाए। कहने को तो बहुत कुछ बाकी है लेकिन समय कम है।
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बीएलओ सर्वेश सिंह का सुसाइड नोट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मैं बहुत डरा महसूस कर रहा हूं
अगले पेज पर लिखा है...मैं जीना तो चाहता हूं पर क्या करूं मुझे बहुत बेचैनी और घुटन हो रही है। मैं बहुत डरा महसूस कर रहा हूं। मेरी चार छोटी बेटियां हैं। मैं लिखते समय बहुत पीड़ा महसूस कर रहा हूं। मेरी बेटियों व परिवार वालों का मेरी सेवा में जो भी राशि बनती है। मेरी पत्नी को मिलनी चाहिए ताकि मेरी बेटियां का जीवन में सहारा बन सके। अधिकारी परिवार को ज्यादा परेशान न करें। मेरे न होने के बाद उनका बहुत जीवन खराब हो सकता है मगर समय ज्यादा होता तो मैं शायद कार्य पूर्ण कर लेता।

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बीएलओ सर्वेश सिंह का सुसाइड नोट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आई लाइक माय स्टाफ...आईएम सॉरी
मैं आशा करता हूं मेरे मृत शरीर को मेरे परिवार के हवाले कर देना ताकि इसका क्रियाक्रम कर सके। दुखद घटना है यह मेरे लिए। रात दिन काम करता रहा फिर भी लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया। रात मुश्किल से कटती है दिन को चैन नहीं मिला है। मुझे क्षमा करना। आई लाइक माय स्टाफ आई एम सॉरी।
 
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बीएलओ सर्वेश सिंह का सुसाइड नोट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बीएलओ ने की खुदकुशी
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) का लक्ष्य पूरा न कर पाने के कारण तनाव में आए मुरादाबाद के भोजपुर निवासी बीएलओ सर्वेश सिंह (42) ने शनिवार रात फंदा लगाकर जान दे दी। रविवार की सुबह करीब चार बजे पत्नी और परिवार के लोगों ने उन्हें फंदे पर लटका देखा तो चीख-पुकार मच गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, वहां डॉक्टरों ने मृत मृत घोषित कर दिया। जान देने से पहले सर्वेश ने तीन पेज का सुसाइड नोट भी लिखा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लटकने से मौत होने की पुष्टि हुई है। इस दौरान पोस्टमार्टम हाउस के पास सड़क पर महिलाओं ने आक्रोश जताते हुए जाम भी लगाया। 

 
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बीएलओ सर्वेश सिंह की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जानकारी के अनुसार, भोजपुर थाना इलाके के बहेड़ी ब्रह्मनान निवासी सर्वेश सिंह भगतपुर टांडा ब्लॉक के जाहिदपुर सीकमपुर कंपोजिट विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे। एसआईआर के लिए उन्हें बूथ नंबर 406 का बीएलओ बनाया गया था। शनिवार की रात वह अपने कमरे में जाकर सो गए। उनकी पत्नी बबली, उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के जसपुर के कासमपुर निवासी उनके साले अरुण कुमार और भगतपुर के डूंगरपुर निवासी भांजे मोनू उर्फ जितेंद्र कुमार देर रात तक सर्वेश सिंह के बताए एसआईआर के आंकड़ों की फीडिंग करते रहे।
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रोते-बिलखते बीएलओ सर्वेश सिंह का परिवार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद सभी लोग सो गए। रविवार की सुबह चार बजे बबली जागीं तो देखा कि मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में सर्वेश सिंह मौजूद नहीं हैं। बबली ने अपने भांजे और भाई को जगाया। उन्होंने घर में सर्वेश सिंह की तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद परिजन उनकी तलाश में जंगल की ओर जाने लगे। तभी बाइक की लाइट में जितेंद्र ने सर्वेश को मकान से कुछ दूर बनी पशुशाला में फंदे से लटका देखा। रस्सी काटकर उन्हें नीचे उतारा गया और चार निजी अस्पतालों में दिखाया गया। सभी जगह डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव घर ले गए। 

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रोते-बिलखते बीएलओ सर्वेश सिंह का परिवार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बीएलओ द्वारा आत्महत्या की जानकारी मिलने पर भोजपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर बुला ली गई। पड़ताल में तीन पेज का सुसाइड नोट मिला है। दो पेज में उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग और जिला निर्वाचन अधिकारी को संबोधित करते हुए एसआईआर का लक्ष्य पूरा न होने से परेशान होने की बात लिखी है। तीसरे पेज में भी उन्होंने एसआईआर की वजह से तनाव में होने का कारण लिखा है।

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रोते-बिलखते बीएलओ सर्वेश सिंह का परिवार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीछे-पीछे बड़ी संख्या में शिक्षक और रिश्तेदार भी पहुंच गए। रविवार की दोपहर 1:10 बजे महिलाओं ने पोस्टमार्टम हाउस के सामने जाम लगा दिया। महिलाएं मांग कर रही थीं कि एसआईआर के लिए जिन अधिकारियों ने दबाव बनाया, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। भोजपुर थाना प्रभारी संजय कुमार पांचाल ने लोगों को समझाबुझा कर जाम खुलवाया। एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लटकने से मौत की पुष्टि हुई है। मौके से सुसाइड नोट मिला है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। 
 

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रोते-बिलखते बीएलओ सर्वेश सिंह की मां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बीएलओ बोले-काम का तनाव, फटकार का डर, लोगों का गुस्सा झेलना भी मजबूरी
मुरादाबाद में बीएलओ सर्वेश सिंह के खुदकुशी करने से जिले के शिक्ष नाराज हैं। कुछ बीएलओ का कहना है कि एसआईआर फॉर्म भरवाकर जमा कराना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। तमाम मतदाता इसकी अहमियत नहीं समझ रहे तो बहुत से ऐसे भी हैं जो बीएलओ को समय पर फॉर्म भरकर नहीं दे रहे हैं। जिले में कई जगह बीएलओ से अभद्रता भी हुई। यह कहना है कि जिले में बीएलओ की भूमिका निभा रहे कई शिक्षकों का। कुछ बीएलओ ने बताया कि फार्म में मांगी गई जानकारियां लोगों के समझ में नहीं आ रही है। 2003 का डाटा लोग नहीं जुटा पा रहे हैं।
 

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बीएलओ सर्वेश सिंह के आत्महत्या करने के बाद पोस्टमार्टम हाउस के पास सड़क पर जाम लगातीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
अगर लोगों को समझाते हैं तो वह बीएलओ पर भड़क जाते हैं। कम का दबाव झेल रहे बीएलओ को अफसर की डांट पड़ने का भी डर है। इस तरह की दिक्कत ग्रामीण इलाकों को ज्यादा हैं। एसआईआर फॉर्म भरवा रहीं महिला बीएलओ ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में मतदाताओं एसआईआर फॉर्म के बारे में समझाना बड़ा ही चुनौतीपूर्ण काम है। कुछ समझ रहे तो कुछ भड़क जा रहे हैं, चूंकि सभी का फॉर्म भरवाना अनिवार्य है, इसलिए उनसे निवेदन तक करना पड़ रहा है जो मतदाता गांव के बाहर अन्य राज्यों में नौकरी कर रहे हैं, ऐसे मतदाताओं की जानकारी जुटाने में दिक्कत आ रही है जो शिक्षक बीएलओ के रूप में काम कर रहे हैं उन्हें एक घंटा स्कूल में पढ़ाना भी है और फिर फॉर्म भी भरवाने हैं। 
 
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आत्महत्या करने वाले बीएलओ सर्वेश सिंह का फाइल फाटो - फोटो : अमर उजाला
व्यक्तिगत जीवन भी प्रभावित हो रहा है। शिक्षक बीएलओ ने बताया कि संसाधन की कमी है। तमाम लोग घरों में नहीं मिल रहे हैं। कृषि के काम में लगे हैं। एप सही से काम नहीं करता, जिससे अपडेट करने में दिक्कत होती है। हालांकि फाॅर्म फीड करने के लिए तहसील में कर्मचारी तैनात है जो रात में यही काम करते हैं। अब समय अवधि बढ़ने से कुछ राहत मिली है।
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