रामपुर में मिशन शक्ति के तहत डीएम आंजनेय कुमार की पहल पर एक दिन के लिए पूरे जिले की कमान बेटियों को सौंप दी गई। गुरुवार को बेटियों ने जिले के 65 अधिकारियों की कुर्सियों की जिम्मेदारी संभाली। इसी दौरान एक दिन के लिए थानेदार बनी बेटियों ने जिले के लोगों को कोरोना से बचाव और यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाया।
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एक दिन के लिए एसपी बनी बेटी
- फोटो : अमर उजाला
सड़क पर चेकिंग करने उतरी बेटियों ने धड़ाधड़ चालान काटे और लगभग 77 हजार रुपये जुर्माना के रूप में वसूला। सिविल लाइंस कोतवाली के सामने थानेदार बनी प्रतिभा और उसकी टीम ने एयरफोर्स के जवानों के एक वाहन को रोक लिया, जिसमें तीन जवान बिना मास्क के बैठे थे। लगभग आधे घंटे की बहस के बाद जवानों ने अपना चालान कटवाया।
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एक दिन के लिए डीएम बनी बेटी
- फोटो : अमर उजाला
सिविल लाइंस कोतवाली में थानेदार की कुर्सी संभालने के बाद प्रतिभा और उसकी टीम चेकिंग करनी निकली। दोपहर लगभग 12 बजे कोतवाली के सामने हाईवे पर एयरफोर्स के जवानों का एक वाहन बरेली की ओर से आ रहा था। वाहन के पीछे तीन जवान बिना मास्क के बैठे थे।
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एक दिन के लिए अधिकारी बनी बेटियों को किया गया सम्मानित
- फोटो : अमर उजाला
बेटियों ने टीम ने उनको रोक लिया और बिना मास्क के सफर करने पर चालान की बात कही। वायुसेना के जवान इस बात पर अड़ गए कि वो चालान नहीं कटवाएंगे। इसको लेकर लगभग आधे घंटे तक बहस होती रही। आखिरकार एसपी शगुन गौतम को कहना पड़ा कि अगर आप चालान नहीं कटवाओगे तो मैं आपके सीनियर अधिकारियों को आपकी रिपोर्ट भेज दूंगा।
शाम को बेटियों ने निकाला कैंडल मार्च
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद एक जवान ने 500 रुपये का चालान कटवाया। एसपी शगुन गौतम ने बताया कि बेटियों ने बिना मास्क के जा रहे एयरफोर्स के जवानों को रोक लिया था। जवान चालान नहीं कटवाने को लेकर अड़ गए थे। काफी समझाने पर एक जवान ने पांच सौ रुपये का चालान कटवाया।