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बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री: मेरे मुरादाबाद के पागलो...ठठरी बांध देंगे, कथा में चिरपरिचत अंदाज में आए नजर

Tue, 19 Mar 2024 01:38 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री - फोटो : अमर उजाला
Baba Dhirendra shastri program Moradabad: मुरादाबाद के लोहिया एस्टेट में श्री राम बालाजी धाम बाबा नीब करौरी आश्रम ट्रस्ट और लोहिया मानव कल्याण ट्रस्ट की ओर से आयोजित चार दिवसीय श्री हनुमंत कथा एवं दिव्य दरबार चल रहा है। इसमें बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कथा सुनाने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि संसार के सात सुख हैं। पहला निरोगी काया, दूसरा ज्ञान प्राप्त हो जाना (ब्रह्म के बारे में जानना), मान-सम्मान पा लेना, धर्म-कर्म पर चलना, घर में माया, सुलक्षण नारी-सुत आज्ञाकारी और आनंद परमानंद ही सात सुख हैं।
 
 
 
 
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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही भक्तमाल की कथा का भी वर्णन किया और कहा कि भाव दृढ़ होगा तो पत्थर में भी भगवान प्रकट हो जाएंगे। भगवान के साथ रहोगे तो मन भी भक्त बन जाएगा। उन्होंने नियमित हनुमान चालीसा का पाठ करने को प्रेरित किया। बाबा बागेश्वर धाम ने कहा कि यदि आपके पास समय की कमी है तो आप जय-जय जय हनुमान गोसाईं कृपा करो गुरुदेव की कृपा करो गुरुदेव की नाई चौपाई का पाठ करने से भी कल्याण हो जाएगा।
 
 
 
 
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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
... मेरे पागलों कहकर किया संबोधित
बाबा बागेश्वर धाम हनुमंत कथा में अपने चिरपरिचत अंदाज में नजर आए। जब-जब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ठठरी बांध देंगे कहा तो श्रद्धालुओं ने खूब ठहाके लगाए। वह बार-बार मुरादाबादवासियों को मेरे पागलों कहकर संबोधित कर रहे थे।
 
 
 
 
 

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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

सनातन संवर्धन केंद्रों की स्थापना की दी जानकारी
बागेश्वर धाम सरकार के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री देशभर में सनातन संवर्धन केंद्रों की स्थापना कर रहे हैं। यह ज्वाइंट भारत मुहिम के तहत हो रहा है। इसका उद्देश्य हिंदू राष्ट्र बनाने का आह्वान करना है।  यह केंद्र संसाधनों पर निर्भर नहीं होंगे, बल्कि संकल्प और साधना पर आधारित होंगे। इसमें श्रद्धालुओं को 11 लोगों की टीम बनानी होगी।

 
 
 
 
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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
प्रत्येक मंगलवार या शनिवार को निर्धारित स्थान पर बैठकर 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। 108 बार राम-राम का जाप करना है। हनुमान जी की आरती करनी है। सनातनी एक हों और भारत हिंदू राष्ट्र बने, इसका आह्वान करना है। इसकी जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जातिगत तनातनी छोड़कर सनातनी बनना होगा, सवा घंटा तुम्हारा और मजबूत धर्म हमारा होगा।
 
 
 
 
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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
संगत का समझाया अर्थ
उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि विभीषण ने प्रभु श्री राम के चरणों का सहारा लिया तो वह लंकेश हो गया और कर्ण इतना बड़ा दानी होने के बाद भी उसने दुर्योधन का साथ दिया तो वह अपने आप को तार नहीं पाया। यदि आप भक्ति की राह पर चलेंगे तो आप में सद्गुण आएगा।
 
 
 
 
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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

सात सुखों का किया वर्णन
उन्होंने कहा कि संसार के सात सुख हैं। पहला निरोगी काया, दूसरा ज्ञान प्राप्त हो जाना (ब्रह्म के बारे में जानना), मान-सम्मान पा लेना, धर्म-कर्म पर चलना, घर में माया, सुलक्षण नारी-सुत आज्ञाकारी और आनंद परमानंद ही सात सुख हैं। इसके साथ ही भक्तमाल की कथा का भी वर्णन किया और कहा कि भाव दृढ़ होगा तो पत्थर में भी भगवान प्रकट हो जाएंगे।

 
 
 
 
 

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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
भगवान के साथ रहोगे तो मन भी भक्त बन जाएगा। उन्होंने नियमित हनुमान चालीसा का पाठ करने को प्रेरित किया। बाबा बागेश्वर धाम ने कहा कि यदि आपके पास समय की कमी है तो आप जय-जय जय हनुमान गोसाईं कृपा करो गुरुदेव की कृपा करो गुरुदेव की नाई चौपाई का पाठ करने से भी कल्याण हो जाएगा।
 
 
 
 
 

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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
कहा, श्रद्धालु  साथ लाएं हनुमान चालीसा
उन्होंने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए सभी को प्रतिबद्ध होना पड़ेगा, तभी हिंदू राष्ट्र बन पाएगा। उन्होंने पंडाल में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रित करते हुए कहा कि मंगलवार को कथा के बाद सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। इसलिए सभी श्रद्धालु अपने साथ हनुमान चालीसा लेकर आएं। इसके बाद हिंदू राष्ट्र बनाने में सभी अपना सहयोग देंगे।
 
 
 
 
 

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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
इन भजनों पर झूमे श्रद्धालु
तेरी अजब निराली शान, बागेश्वर बालाजी, लाल वीर लाली लसे, सियाराम मैं सब जग जानीं, श्रीराम जय राम जय-जय राम, मेरा महावीर बजरंगी जमाने से निराला है, वो तेरा है वो मेरा है, वही अंजनी का लाला है, तुम्हीं मेरी नैया आदि भजनों पर श्रद्धालु झूमे।
 
 
 
 
 

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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

मुरादाबाद का नाम हो माधव नगर : धीरेंद्र शास्त्री
कैंची धाम की तर्ज पर मुरादाबाद में भी बाबा नीब करौरी का धाम बना है। अब इसको मुरादाबाद कहना उचित नहीं है। मुरादाबाद को माधव नगर कर देना चाहिए। यह कहना है श्री बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का। वह सोमवार को लोहिया एस्टेट में आयोजित हनुमंत कथा में बोल रहे थे।

 
 
 
 
 

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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि यदि किसी को बुरा लग रहा है तो आई एम वैरी-वैरी नॉट सॉरी। जिस क्षेत्र में सिद्धबली हनुमान मंदिर हो, हरिहर मंदिर हो, गढ़ गंगा हो, शीतला माता का मंदिर हो, ऐसे में मुरादाबाद कहने में इन मंदिरों की अवहेलना है। उन्होंने कहा कि भारत में इतने नाम बदल गए। फैजाबाद अब अयोध्या हो गया है।
 
 
 
 
 

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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
इलाहाबाद प्रयागराज हो गया तो मुरादाबाद को माधव नगर कर देना चाहिए। कौन सी बड़ी बात है। पर माधव नगर कहने से कई लोगों के पेट में अपच हो जाएगी। कई लोग कल ही न्यूज में दिखाएंगे कि बाबा ने दिया विवादित बयान, मुरादाबाद का नाम बदलने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोगों को लगेगा कि यह उपद्रव करने आते हैं, लेकिन हम क्या बताएं, हमें हनुमान जी ने भेजा ही सच बोलने के लिए है।
 
 
 
 

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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
हमारा सौभाग्य है कि हम मुरादाबाद उर्फ माधव नगर आए हैं। बुरा न मानना। सबकी अपनी-अपनी भावना होती है। हम बहुत स्पष्टवादी हैं। हम नफरत नहीं, प्रेम के आदी हैं और गर्व से कहते हैं कि हम हिंदुत्ववादी हैं। हम किसी मजहब के विरोध में नहीं है। उनका सम्मान है, लेकिन हम अपने सनातन का सम्मान नहीं छोड़ेंगे। अपने सनातन का अपमान नहीं सहेंगे।
 
 
 
 
 

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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

अयोध्या और काशी की तरह हरिहर मंदिर में भी हो पूजा
हनुमंत कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि आज का नजारा देखकर लग रहा है कि हमें पिछले साल ही आ जाना चाहिए था। हमसे कोई कह रहा था कि यहां आना जरूरी है, क्योंकि यहां धर्म विरोधी बहुत हैं। अब उनकी ठठरी हम नहीं बांधेंगे तो कौन बांधेगा। यहां पर सिद्धबली हनुमान का धाम है। यहां पावन धाम हरिहर मंदिर है। किसी कारण से पूजा बंद है।

 
 
 
 
 

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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
लोग कहते हैं कि अंदर से आवाज आती है। जब अयोध्या में राम विराजमान हो गए हैं। काशी में भोलेनाथ आ गए हैं तो अब हरिहर मंदिर में भी रुद्राभिषेक होना चाहिए। आरती होनी चाहिए। बता दें कि संभल के एक धर्मस्थल को प्राचीन हरिहर मंदिर कहा जाता है। हालांकि पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने कथन के दौरान संभल का नाम नहीं लिया।
 
 
 
 
 

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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
श्री बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा टीवी पर सुनती थी। पहली बार मुरादाबाद में भव्य दरबार लगा और इस प्रकार बड़े पंडाल में बैठकर कथा सुनने का मौका मिला। हनुमान जी की कथा सुनकर काफी अच्छा लगा।- चंचल शर्मा, मिलन विहार

श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री में ही श्री बागेश्वर धाम दिखाई देते हैं। बागेश्वर धाम की कथा सुनकर मन को शांति मिलती है। आज की कथा सुनकर मन धन्य हो गया। हर दिन कथा सुनने आऊंगी। -कृष्णमती, बिजनौर
 
 
 
 
 

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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

बागेश्वर धाम की कथा सुनकर सभी दुख दर्द खत्म हो जाते हैं। बागेश्वर धाम तो नहीं जा पाई, लेकिन खुद अपने शहर में ही बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर को देखकर काफी अच्छा लगा। श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा सुनकर मन में एक अलग उत्साह है।- आंचल शर्मा, रतनपुर

पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को पास से देखना चाहती थी। जब से पता चला था कि मुरादाबाद में श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आ रहे हैं। सोमवार को देखने के बाद मन को शांति मिली है। पहले दिन की हनुमंत कथा काफी अच्छी रही। -मालती, लाइनपार

 
 
 
 

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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

दो दिन से बीमार चल रही थी। कलश यात्रा के दिन बागेश्वर धाम का प्रसाद खाते ही ठीक हो गई। पहले दिन हनुमंत कथा सुनकर काफी अच्छा लगा। कथा सुनकर लग रहा था कि जैसे साक्षात हनुमान जी सामने आ गए हों। -प्रवेश शर्मा, रतनपुर

हनुमान जी की कथा में लीन हो गई थी। कथा सुनने के बाद ऐसा लग रहा है कि मैं अभी भी कथा सुन रही हूं। हनुमान कथा सभी को अपने जीवन में उतारना चाहिए। दूसरे दिन फिर कथा सुनने आऊंगी। -रानी, सूर्यनगर

 
 
 
 
 

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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

अपने परिवार के साथ आए हैं। यहीं पर रहना है, जिस दिन कथा समाप्त होगी उसी दिन यहां से जाऊंगा। मेरा पूरा परिवार बागेश्वर धाम की पूजा करता है। श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से प्रेरणा मिलती है। -महावीर सिंह, बिजनौर

13 बार बागेश्वर धाम जाकर कथा सुन चुका हूं। यहां 14वीं बार कथा सुनने आया हूं। अब जहां पर श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा होती है, वहां पर सुनने जाता हूं। - रामसुंदर बिजनौर

 
 
 
 
 

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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

मेरी परिवारी समस्या है। जिसके लिए मैं धीरेंद्र शास्त्री के दरबार में आया हूं। एक बार और मैं मध्य प्रदेश में अर्जी लगने की आस में पहुंचा था लेकिन सफल नहीं हो पाया। इस बार उम्मीद है कि वे जरूर अर्जी लगाएंगे। - शिवम राठौर, कानपुर

मैं शाहजहांपुर से परिवार के साथ में धीरेंद्र शास्त्री का कथा सुनने पहुंचा हूं। मेरी नौकरी रक्षा मंत्रालय में लगी है लेकिन कुछ दिनों से मैं बहुत परेशान हूं। इस लिए आज मुरादाबाद में पहुंचा हूं। - जीएस गंगवार, शाहजहांपुर

 
 
 
 
 
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मुरादाबाद में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

आज मैं तीसरी बार दिव्य दरबार में पहुंचा हूं। वैसे तो मैं बिहार का रहने वाला हूं लेकिन दिल्ली में रहता हूं। मेरा पैर अचानक से शून्य हो जाता है। इसकी बहुत दवाई कि लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। दिव्य दरबार में एक बार अर्जी लग जाएगी तो पैर ठीक हो जाएगा  तुषार रस्तोगी, बिहार

 
 
 
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