माता-पिता समेत परिवार के सात लोगों की हत्या की खूनी दास्तां लिखने वाली यूपी के अमरोहा जिले के बावनखेड़ी नरसंहार की खलनायिका शबनम को बरेली जेल भेज दिया गया है। शबनम जुलाई 2019 से रामपुर की जेल में बंद थी। शबनम का फोटो वायरल होने के मामले में जेल अधीक्षक पीडी सलोनिया ने दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। शबनम के साथ आजीवन कारावास की सजा पाने वाली बंदी आरती शर्मा को भी बरेली भेजा दिया गया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि शबनम और आरती शर्मा को सुरक्षा कारणों की वजह से बरेली की जेल भेज दिया गया है।
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शबनम
- फोटो : अमर उजाला
शबनम की कुछ दिन पहले एक अन्य महिला बंदी रक्षक के साथ हंसते हुए वायरल हुई फोटो रामपुर जिला कारागार की ही थी। डीएम के स्तर से कराई गई जांच में इस बात की पुष्टि हो जाने के बाद शबनम और फोटो में साथ मौजूद महिला बंदी को बरेली जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। जेल के भीतर फोटोग्राफी पर दो बंदी रक्षक निलंबित किए गए हैं।
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शबनम और सलीम
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि अपने माता-पिता समेत परिवार के सात लोगों की हत्या के आरोप में फांसी की सजा पाने वाली शबनम का डेथ वारंट 23 फरवरी को जारी नहीं हो सका था। राज्यपाल को पुन: विचारण दया याचिका भेजे जाने के कारण डेथ वारंट जारी होने की प्रक्रिया रुक गई थी। जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) ने बताया कि राज्यपाल को भेजी गई पुन: विचारण दया याचिका का नतीजा सामने आने के बाद ही इस मामले में अगला निर्णय लिया जा सकेगा। फिलहाल डेथ वारंट होल्ड किया गया है।
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दोषी शबनम और सलीम
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र के गांव बावनखेड़ी के शिक्षक शौकत अली की इकलौती बेटी शबनम पर 14/15 अप्रैल 2008 की रात को अपने ही परिवार के सात लोगों की जघन्य हत्या करने का आरोप है। जिसे लेकर जिला जज अमरोहा ने सजा-ए-मौत का निर्णय दिया था। इसी निर्णय को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के अलावा यहां तक कि राष्ट्रपति भी दया याचिका को अस्वीकार कर चुके हैं। डेथ वारंट की प्रक्रिया जिला जज की अदालत में शुरू हो इससे पहले उसकी ओर से पैरवी करते हुए नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के अधिवक्ताओं ने एक और दया याचिका राष्ट्रपति के नाम तैयार की है। जिसमें उन्होंने मौत की सजा पर पुन:विचार करने की प्रार्थना की है।
जेल में छुप-छुपकर रोती है शबनम
जेल प्रशासन अब तक दावा कर रहा था कि शबनम को मथुरा जेल के उसकी फांसी तैयारी किए जाने के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन उसे अब सब कुछ पता चल चुका है। जेल के सूत्रों की माने तो शबनम ने अब महिला बंदियों और जेल कर्मचारियों से बातचीत करना बंद कर दिया है। वह जेल में अक्सर छुप-छुपकर रोती रहती है। खाने-पीने में भी अब उसका मन नहीं लगता है।