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UP: 'अंकल पापा को छोड़ दो..', खुशी की खिलखिलाहट चीखों में तब्दील, न्यायिक कर्मी का कत्ल; चश्मदीद ने बताई कहानी

Mon, 12 Jan 2026 02:54 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

अमरोहा के डिडौली में कार की साइड लगने पर बाइक सवारों ने न्यायिक कर्मचारी को पीट-पीटकर मार डाला। पूरे वाकये के चश्मदीद राशिद के भतीजे सलमान (22) सदमे में हैं। रुंधे गले और लड़खड़ाती आवाज में पुलिस को बताया कि मामूली सी बात पर बाइक सवार और उनके साथ आए रिश्तेदार चाचा पर पर टूट पड़े। 
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Amroha Murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
यूपी के अमरोहा जिले में सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत के कर्मचारी राशिद को बीच सड़क पीट-पीटकर मार डाला। कार की साइड लगने पर बाइक सवारों ने न्यायिक कर्मचारी को पहले गाड़ी से खींचा। इसके बाद बीवी और बच्चों के सामने पीट-पीटकर मार डाला। दरअसल, कार को रॉन्ग साइड से ओवरटेक करते समय बाइक कार से टच हो गई थी। बाइक सवार युवकों ने फोन कर रिश्तेदारों को बुला लिया। उसके बाद हमला किया। डिडौली थाने में पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। दो हिरासत में लिए गए हैं।

अंकल पापा को छोड़ दो
जिस वक्त हमलावर राशिद को निशाना बनाकर लात-घूंसे बरसा रहे थे तो कार से निकलकर परिवार का हर सदस्य उन्हें बचाने के प्रयास कर रहा था। राशिद का छोटा बेटा अम्माद रुखसाना की गोद में था। सलमान ने बताया कि उस मासूम ने भी गुहार लगाई कि अंकल पापा को छोड़ दो...लेकिन वे नहीं माने।
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अमरोहा में राशिद हुसैन की पीट-पीटकर हत्या के बाद गमगीन परिजन - फोटो : संवाद
देखते-देखते रुखसार की दुनिया उजड़ गई
पूरे वाकये के चश्मदीद राशिद के भतीजे सलमान (22) सदमे में हैं। रुंधे गले और लड़खड़ाती आवाज में पुलिस को बताया कि मामूली सी बात पर बाइक सवारों ने कार चला रहे राशिद को गर्दन पकड़कर ड्राइविंग सीट से बाहर खींच लिया। दोनों बाइक सवार और उनके साथ आए रिश्तेदार राशिद पर टूट पड़े। उन्हें बचाने की कोशिश नाकाम हुईं तो रुखसार ने सुहाग का हवाला दिया। 
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हत्या के बाद गमगीन परिजन - फोटो : संवाद
हाथ जोड़कर शौहर को छोड़ने की गुहार लगाई लेकिन हमलावरों पर मानो खून सवार था। पत्नी व तीनों बच्चों की चीखें और मिन्नतें नजरअंदाज करके वे बेरहम हमले करते रहे। बेसुध होकर गिर जाने पर ही राशिद को छोड़ा। करीब आधे घंटे हमलावरों ने मनमानी की और फिर वे बेखौफ अंदाज से बाइकें दौड़ाकर चले गए।

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डिडाैली में जांच करती पुलिस - फोटो : संवाद
खुशी की खिलखिलाहट चीखों में हुई तब्दील
सलमान ने बताया कि राशिद हुसैन पांच भाइयों में चौथे नंबर के थे। साल 2015 से अदालत में क्लर्क के रूप में उनकी नौकरी शुरू हुई थी। रिश्तेदारी में जाने के लिए सारे लोग खुशनुमा माहौल में कार से निकले थे। परिवार साथ होने से रास्ते में कार सवार बच्चों की चुलबुली बातों के बीच परिवार की खिलखिलाहट भी गूंज रही थी। किसी को ऐसी उम्मीद नहीं थी कि कुछ समय बाद खुशियों की गूंज चीखों में बदल जाएगी।
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हत्याकांड के बाद गमगीन परिजन और ग्रामीण - फोटो : संवाद
बंबूगढ़ से लेकर संभल चौराहे तक के सीसीटीवी कैमरे चेक कर रही पुलिस
राशिद हुसैन की पीट-पीटकर हत्या के बाद पुलिस बंबूगढ़ से लेकर संभल चौराहे तक सीसीटीवी कैमरे चेक कर रही है। पुलिस का कहना है कि गलत दिशा से बाइक निकालने के दौरान कार टच होने पर बाइक सवारों ने नोकझोंक के दौरान भी राशिद से मारपीट की थी। बाद में साथी बुलाकर उनकी कार घेरी और फिर बेरहमी से पीटा, लिहाजा दोनों स्थानों के आसपास सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। लिहाजा बंबूगढ़ से संभल चौराहे तक के कैमरे चेक किए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि बाइक और कार की टक्कर की एक वीडियो भी मिली है। उसे देखा जा रहा है कि वह इस घटना से जुड़ी है या नहीं।
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राशिद हुसैन की पीट-पीटकर हत्या - फोटो : संवाद
फॉरेंसिक टीम ने की जांच
राशिद हुसैन की हत्या के बाद एसपी अमित कुमार आनंद के निर्देश पर फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने कार की भी बारीकी से जांच कर कुछ साक्ष्य जुटाए हैं।
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राशिद हुसैन - फोटो : संवाद
आरोपियों ने सीने पर बरसाए लात-घूंसे
राशिद हुसैन के भतीजे सलमान ने बताया कि हमलावरों ने कार से खींचकर चाचा पर लात-घूंसों से बेशुमार वार किए। ज्यादातर वार उनके सीने पर किए गए। बाद में आसपास के लोगों को इकट्ठा होता देख आरोपी मौके से भाग गए।

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घटना के बाद गमजदा परिजन - फोटो : संवाद
राशिद हुसैन के बड़े भाई जाहिद की डेढ़ साल पहले हार्ट अटैक से हो गई थी मौत
न्यायिक कर्मी राशिद हुसैन के बड़े भाई जाहिद की डेढ़ साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। परिजनों के मुताबिक परिवार की जिम्मेदारी राशिद हुसैन के कंधों पर थी। लेकिन, उनकी हत्या के बाद पूरा परिवार टूट गया है। पत्नी की रो-रोकर बुरा हाल है तो वहीं तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। 

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वारदात की जानकारी देते सीओ - फोटो : संवाद
पुलिस बोली, कार की टक्कर से पिता और दो पुत्र घायल होने की बात आई सामने
पुलिस के मुताबिक, न्यायिककर्मी राशिद हुसैन की कार से हुसैनपुर के रहने वाले नफीस, उनके आठ साल के बेटे अरहान और 14 वर्षीय अदियान के घायल होने की जानकारी मिली है। हादसे के बाद से तीनों जिला अस्पताल में भर्ती हैं।

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डिडाैली कोतवाली में माैजूद लोग - फोटो : संवाद
राशिद हुसैन के भतीजे की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में हादसे में घायल नफीस का बेटा शान भी नामजद है। डिडौली के इंस्पेक्टर हरीश वर्धन ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पहले हादसे में नफीस और उनके दो बेटों के घायल होने के बाद नफीस का एक और बेटा शान ने अन्य लोगों के साथ मिलकर राशिद हुसैन पर हमला किया।

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थाने में परिजन - फोटो : संवाद
इन धाराओं में दर्ज की गई एफआईआर
सीओ सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि मामले में बीएनएस की धारा 191(2), 103, 126(2), 61(1) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
  • धारा 126(1) : यह धारा गलत तरीके से रोकने से संबंधित है, जिसका अर्थ है किसी व्यक्ति को स्वेच्छा से उस रास्ते या दिशा में जाने से रोकना, जहां जाने का उसे कानूनी अधिकार है। यह एक अपराध है और इसके लिए एक महीने तक के साधारण कारावास या पांच हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों की सजा हो सकती है।
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अमरोहा के डिडाैली में राशिद हुसैन की हत्या की जांच करती पुलिस - फोटो : संवाद
  • धारा 61(1) : यह धारा आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित है, जिसमें दो या दो से अधिक लोग मिलकर कोई गैरकानूनी काम करने की साजिश रचते हैं और इसमें सजा अपराध की गंभीरता के अनुसार होती है, जिसमें कम गंभीर अपराधों के लिए छह महीने तक की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। जबकि गंभीर अपराधों के लिए उतनी ही सजा जितनी अपराध करने पर मिलती है।
  • धारा 191(2) : दंगा से संबंधित इस धारा में सजा का प्रावधान है, जिसके तहत दोषी को दो साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जा सकता है।
  • धारा 103 : यह धारा हत्या के लिए सजा से संबंधित है, जिसके अनुसार हत्या करने वाले को मृत्युदंड या आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा हो सकती है। यदि पांच या अधिक लोग मिलकर किसी जाति, धर्म या अन्य आधार पर हत्या करते हैं तो समूह के प्रत्येक सदस्य को यही सजा मिलेगी।
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