शनिवार को मां विंध्यवासिनी दरबार बंद रहा। बावजूद इसके सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु माता दरबार पहुंच गए। दर्शन न मिलने से पहुंचे भक्त मंदिर सीढ़ी पर ही माला-फूल व प्रसाद चढ़ाते हुए श्रद्धा के शीश नवाकर अपनी-अपनी घरों की ओर लौट गए।
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सीढ़ियों पर भक्तों ने नवाया शीश
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना मामले कम होने के बाद भले उत्तर प्रदेश का मिर्जापुर जिला कोरोना कर्फ्यू से बाहर आ गया हो लेकिन वीकेंड लॉकडाउन लागू है। इसी कारण शनिवार को मां विंध्यवासिनी दरबार भी बंद रहा। बावजूद इसके सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु माता दरबार पहुंच गए। दर्शन न मिलने से पहुंचे भक्त मंदिर सीढ़ी पर ही माला-फूल व प्रसाद चढ़ाते हुए श्रद्धा के शीश नवाकर अपनी-अपनी घरों की ओर लौट गए। दूर-दराज से आए श्रद्धालु माता के दर्शन न मिलने से मायूस दिखे। वे मंदिर प्रशासन को कोस रहे थे।
बता दें कि लॉकडाउन के दौरान विंध्याचल मंदिर भी बंद चल रहा था। बीते रविवार को 51 दिन के बाद मंदिर को खोला गया था। इसके बाद काफी संख्या में भक्त मां के दरबार दर्शन व पूजन के लिए पहुंचने शुरु हो गए थे। अब भी प्रदेश सरकार शनिवार व रविवार को दो दिन बंदी की है। इसके बाद भी काफी संख्या में श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी मंदिर दर्शन व पूजन के लिए पहुंचना शुरू हो गए।
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मां विंध्यवासिनी दरबार रहा बंद
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार सुबह में परिवार समेत भारी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान कर हाथों में नारियल, चुनरी, माला-फूल व प्रसाद लिए मंदिर की ओर प्रस्थान कर गए।
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सीढ़ियों पर भक्तों ने नवाया शीश
- फोटो : अमर उजाला
विंध्य कॉरिडोर के चलते टूट रहे मकानों के चलते ज्यादातर भक्त दीवान घाट, न्यू वीआईपी व पुरानी वीआईपी मार्ग के जरिए मंदिर तक पहुंचे। हालांकि मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने बैरिकेडिंग कर उनका रास्ता रोक कर रखा था।
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सीढ़ियों पर भक्तों ने नवाया शीश
- फोटो : अमर उजाला
काफी आग्रह के बाद कुछ भक्त मंदिर की सीढ़ी तक पहुंचकर माला-फूल व प्रसाद चढ़ाकर शीष नवाते हुए माता के झंडे का दर्शन किया। ज्यादातर भक्तों का कहना है कि जब मंदिर में मास्क, सेनेटाइजर व सोशल डिस्टेसिंग का पालन हो रहा तो फिर बंदी का कोई औचित्य नहीं है।