आदिशक्ति जगतजननी की उपासना का पावन पर्व यानी चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 22 मार्च से हो रही है, जो कि 30 मार्च तक मनाई जाएगी। मां विंध्यवासिनी धाम में 22 मार्च से चैत्र नवरात्र मेला शुरू हो जाएगा। चैत्र नवरात्र में दूर दराज से विंध्यधाम आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार कुछ अलग अहसास होगा। पहली बार कई तरह के इंतजाम प्रशासन की ओर से किए गए हैं। 26 मार्च को विशेष आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान भव्य गंगा आरती कराने के साथ ही गंगा उस पार आकर्षक आतिशबाजी होगी।
पिछले बार की तरह इस बार भी माता का चरण स्पर्श नहीं होगा। तीनों मंदिरों विंध्याचल, अष्टभुजा व काली खोह की देसी व विदेशी पुष्पों से भव्य सजावट हो रही है। घाटों को भी खूबसूरत ढंग से सजाया जा जा रहा है। नवरात्र के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए त्रिकोण परिक्रमा पथ पर इलेक्ट्रिक बस का नि:शुल्क संचालन होगा। विंध्याचल बस अड्डा से बस चलेगी और दिनभर में पांच चक्कर लगाएगी। इसी प्रकार बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए चार गोल्फ कार्ट का संचालन होगा।