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यूपी: आखिर जिंदगी की जंग हार गया रामलीला में झुलसा अंकित, मौत की दहलीज तक ले गया शौक

Mon, 07 Oct 2019 01:45 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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मृतक अंकित का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर में एक सप्ताह पूर्व रामलीला मंचन के दौरान आग लगने से झुलसे अंकित को अभिनय का बेहद शौक था। यही शौक उसकी मौत का कारण बन गया। रामलीला में पात्र बनने के लिए वह कपड़े भी अपने पैसों से खरीदता था। आगे जानें कैसे ये शौक उसे मौत के मुहाने तक ले आया: -


 
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लोगों ने छात्र अंकित के शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया - फोटो : अमर उजाला
अंकित उपाध्याय का परिवार रामपुरी में रहता था, कुछ दिन पूर्व ही गांधीनगर में मकान बनाकर उन्होंने रहना शुरू किया। रामलीला में मंच पर अभिनय करने का अंकित को शौक था। चार सालों से वह कई पात्रों का अभिनय कर रहा था। 21 साल का अंकित उपाध्याय एसडी कॉलेज का बीए का छात्र था। आर्थिक रूप से कमजोर होते हुए भी मंच पर काम करने को लेकर वह उत्साहित रहता था। तीन भाइयों में अंकित बीच का था। 

 
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अंकित मौत पर गुस्साए लोगों ने रोड जाम कर दिया। - फोटो : अमर उजाला
अंकित के पिता कृष्णपाल के साथ तीनों भाइयों ने पशु पाल रखे हैं और कुट्टी काटने की मशीन लगा रखी है, जिसमें घास काटकर अपने जीवन का पालन कर रहे हैं। वह केवल रामपुरी की रामलीला में ही मंचन करता था, लेकिन इस बार जब कच्ची सड़क की रामलीला वालों को ताड़का के लिए कोई पात्र नहीं मिला, तो उसने यहां पर ताड़का का रोल किया। अगले दिन रामपुरी की रामलीला में उसका रोल था। 

रविवार की रात ताड़का का रोल करते हुए अचानक आग लग जाने से वह स्टेज पर ही तड़पने लगा। आग बुझाने के लिए रामलीला के आसपास न तो रेत था और न ही पानी। कंबल भी नहीं मिला और कुछ ही देर में वह 80 प्रतिशत जल गया। जिला चिकित्सालय के बाद मेरठ और इसके बाद दिल्ली सफदरजंग में उसका इलाज चला। सात दिन तक वह जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा और रविवार की सुबह उसने आखिरी सांस ली। 

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मंचन के दौरान आग लगने के बाद लोग बनाने रहे वीडियो - फोटो : अमर उजाला
अंकित तड़पता रहा लोग वीडियो बनाते रहे
अंकित जिस समय आग की चपेट में आया और वह धू-धू कर जल रहा था, लोग वीडियो बनाने में तल्लीन थे। उसकी तत्काल सहायता हो जाती तो जान बच जाती। रामलीला कमेटी के लोग भी मौके पर नजर नहीं आए। परिवार के लोग ही गंभीर हालत में बाइक पर बैठाकर उसे जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। उसकी आग बुझाने के प्रयास में उसके भाई का हाथ भी जल गया। 
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मौके पर मौजूद पुलिस - फोटो : अमर उजाला
कमेटी ने भाई से कराया ताड़का का रोल
रविवार की रात अंकित के झुलस जाने के बाद भी रामलीला का मंचन जारी रहा था। परिजनों ने बताया कि अंकित के चाचा के लड़के लव उपाध्याय को अस्पताल नहीं जाने दिया। उससे ताड़का का रोल कराया गया। स्टेज पर इतनी बड़ी घटना को कमेटी ने नजरअंदाज कर दिया। 
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अंकित के घर पहुंचे प्रदेश के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
राज्यमंत्री सांत्वना देने घर पहुंचे
प्रदेश के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल अंकित की मौत की सूचना मिलते ही गांधीनगर उसके आवास पर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने तत्काल मदद के रूप में अपनी ओर से परिवार को 25 हजार रुपये दिए और आश्वासन दिया कि सरकार की ओर से वह परिवार की आर्थिक मदद कराएंगे। वह अंकित के आग की चपेट में आने के बाद दिल्ली सफदरजंग में भी उन्हें देखने गए थे। 
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