मुजफ्फरनगर के खतौली में एक शख्स ने प्रेमिका की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को चादर में लपेटा और ठेले पर डालकर घर से 700 मीटर दूर लाश को ले गया। इस दौरान उसे कहीं पुलिस गश्त नहीं मिली। ना ही लोग देख नहीं पाए।
यूपी के मुजफ्फरनगर के खतौली में ममता की हत्या के खुलासे के बाद वायरल वीडियो में पुलिस की सक्रियता की भी पोल खुल गई। आरोपी संदीप नामदेव शव को ठेले पर रखकर धकेलते हुए करीब सात सौ मीटर दूर गंगनहर तक ले गया। इस बीच कहीं पुलिस गश्त नहीं मिली। दुकानें खुली थी लेकिन लोगों को भी शक नहीं हुआ। तीन दिन और चार रात लाश पड़ी रही लेकिन पुलिस तंत्र फेल साबित हुआ।
मोहल्ला होली चौक पक्का बाग निवासी संदीप ने 10 जनवरी की रात घर में ही प्रेमिका ममता की हत्या की। इसके बाद शव को बैडशीट में लपेटा लिया। रात के करीब 10 बजे घर के सामने खाली प्लॉट में खड़े ठेले में शव को रखकर करीब सात सौ मीटर धकेलकर गंग नहर तक चला गया।
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आरोपी संदीप नामदेव और ममता का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पक्का बाग और बालाजीपुरम में पुलिस की गश्त नहीं मिली। रास्ते में दुकानें खुली होने के कारण आवाजाही चल रही थी लेकिन किसी भी व्यक्ति को आरोपी पर शक नहीं हुआ। आरोपी का इरादा शव को गंगनहर में ठिकाने लगाने का था।
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आरोपी संदीप नामदेव ठेले पर शव लेकर जाते हुए
- फोटो : वीडियो ग्रैब
वजन अधिक होने के कारण वह सफल नहीं हो सका। मुख्य मार्ग से गाड़ी आती देख कर वह शव को कांवड़ पटरी मार्ग पर रेलिंग और दीवार के बीच में ही छोड़कर भाग गया। ठेले पर रखकर शव ले जाते हुए वीडियो वायरल हुआ है।
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ममता का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस विवाद के बाद की गई ममता की हत्या
संदीप को शक था कि ममता अन्य लोगों से भी बात करती है और बहाने बनाकर रुपये ऐंठती है। आरोपी ने 16 लाख रुपये में प्लाट बेचा. इसी बीच ममता ने नाती के नामकरण के लिए पांच हजार रुपये की मांग कर दी। संदीप को यह बात नागवार गुजरी। आरोपी ने 10 जनवरी को बहाने से ममता को बुलाया। चाय में नशीली गोली मिलाकर पिला दी। ममता बेहोश हो गई और आरोपी ने उसका मुंह और नाक दबा दी। हत्या की पुष्टि करने के लिए चेहरे और सिर पर टेप लगा दी। दम घुटने से मौत हो गई थी।
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आरोपी संदीप नामदेव ठेले पर शव लेकर जाते हुए
- फोटो : वीडियो ग्रैब
घर से निकली और मौत के मुंह में गई ममता
मोहल्ला तगान निवासी ममता 10 जनवरी को शाम पांच बजे काम की तलाश में निकली थी। करीब एक घंटे बाद उसने बेटी को कॉल कर कहा कि वह बुआड़ा मार्ग पर है, कुछ देर में घर पहुंच जाएगी। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। पति कृष्णपाल ने पहले इधर-उधर तलाश की। ममता घर नहीं पहुंची तो सोमवार को थाने पहुंचकर तहरीर दी। पुलिस ने मंगलवार को गुमशुदगी दर्ज की। 14 जनवरी को ममता का शव मोहल्ला बालाजीपुरम के सामने गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर रेलिंग के निकट पड़ा मिला था।
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आरोपी संदीप नामदेव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस तरह हुई थी ममता और संदीप की मुलाकात
बर्गर बेचने वाले संदीप की पत्नी की 2012 में मौत हो गई थी। इसके बाद वह खतौली में एक सेंटर से ही टिफिन मंगाने लगा। यहीं पर ममता खाना बनाती थी। उसने घर आकर खाना बनाने की बात करने के लिए कहकर ममता का मोबाइल नंबर लिया। दोनों की बातचीत शुरू हुई। ममता ने अपने पति से झगड़े का हवाला दिया। कुछ दिन बाद ममता उसके घर जाकर खाना बनाने लगी और दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया।
ममता के मोबाइल से कॉल की और करता रहा हैलो...हैलो
पुलिस ने जांच शुरू की तो कॉल डिटेल में आरोपी की ममता के नंबर पर सबसे अधिक कॉल थी। यहीं से वह शक के दायरे में आया। जांच में सामने आया कि हत्या करने के बाद उसके मोबाइल फेंकने से पहले ममता के परिचित नितिन जैन को भी कॉल की। करीब 30 से 35 सेकेंड तक वह हैलो... हैलो बोलता रहा, ताकि आरोपी पर किसी को शक न हो। इसके बाद मोबाइल को तोड़कर नहर में फेंक दिया था।