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इबारत 2018: कड़े प्रयासों से तेज रही विकास की रफ्तार, नए साल में लगेंगे उम्मीदों को पंख

Fri, 28 Dec 2018 07:11 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ में विकास - फोटो : अमर उजाला
अपना शहर मेरठ लगातार तरक्की के रास्ते पर कदम दर कदम बढ़ रहा है। साल 2018 में नगर निगम और कैंट क्षेत्र में विकास के कई कार्य कराए गए तो कई नए कामों की नींव रखी गई। शहर की रोहटा रोड जैसी अन्य सड़कों को छोड़ दें तो कई मुख्य मार्ग गड्ढों से मुक्त हो चुके हैं। कई इलाके हरियाली से भरपूर दिखाई दे रहे हैं। शहर को साफ रखने के लिए नित नए प्रयास किए जा रहे हैं। कैंट में कूड़ा निस्तारण पर प्रयोग हो रहा है। हालांकि कई प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिन पर काम शुरू होने का इंतजार है।
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मेरठ में विकास - फोटो : अमर उजाला
साल 2018 मेरठ शहर के लिए काफी खास रहा। नगर निगम ने जहां शहर की कई सड़क और चौराहों को जेबरा लाइन से लैस किया। वहीं शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था शुरू की। पार्कों के सौंदर्यीकरण पर भी काम किया गया। इतना ही नहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर लगभग आठ हजार शौचालयों का निर्माण किया गया। शहर में जगह-जगह स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी पेंटिंग दीवारों पर करायी गयी। इससे शहर की सुंदरता में चार चांद लग गए। निगम की सुविधाएं आनलाइन की गईं। अधिकारी व कर्मचारियों की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन से शुरू की गई।
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मेरठ में विकास - फोटो : अमर उजाला
कैंट बोर्ड ने संवार दिए चौराहे
कैंट क्षेत्र के कई चौराहों को पूरी तरह से संवार दिया गया। बेगमपुल पर आबूलेन की एंट्री पर बने तिकोने को तोड़कर यहां पर सुंदर निर्माण कर दिया है। आबूलेन बनने के बाद पहली बार यहां पर बोर्ड लगाया गया। सोफिया स्कूल चौराहे पर जहां सुंदर स्टेच्यू लगाए गए, वहीं माल रोड पर सप्लाई डिपो चौराहे की सूरत बदल गई।

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मेरठ में विकास - फोटो : अमर उजाला
पाइपों से बना दिया सुंदर डिवाइडर
सप्लाई डिपो चौराहे से डेयरी फार्म मवाना रोड तक सड़क के बीच में डिवाइडर नहीं होने से अक्सर हादसे होते थे। कैंट बोर्ड ने यहां पर पुराने पाइपों को काटकर डिवाइडर बना दिया। उनमें सुंदर पौधे लगा दिए। अब इस रोड पर अलग ही नजारा दिखता है। इसके साथ ही डेयरी फार्म तिराहे को सेल्फी प्वाइंट के रूप में तब्दील कर दिया। सूखे पेड़ को शानदार ढंग से सजाकर यहां पर वुड पार्क बना दिया गया।
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मेरठ में विकास - फोटो : अमर उजाला
कंपनी गार्डन बना और खूबसूरत
कंपनी गार्डन में इस साल बच्चों के पार्क में महापुरुषों की कलाकृतियां बनी तो वे सबके आकर्षण का केंद्र बन गईं। अब लोग यहां परिवार के साथ आते हैं तो खूब सेल्फी लेते हैं। सुंदर आकृतियां बच्चों का मन मोहने के साथ ही देश के महापुरुषों को जानने का मौका भी देती हैं।
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मेरठ में विकास - फोटो : अमर उजाला
स्काडा से चलने लगे ट्यूबवेल 
निगम की ट्यूबवेलों को चलाने के लिए अब चालकों की जरूरत भी खत्म हो गयी है। नगर निगम ने सभी ट्यूबवेलों पर स्काडा लगवा दिए हैं। लगभग 90 प्रतिशत ट्यूबवेल स्काडा से चलते हैं। नगर निगम में स्काडा कंट्रोल रूम बनाया है।
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मेरठ में विकास - फोटो : अमर उजाला
ये सपने जो नहीं हो पाए पूरे
- मल्टीलेवल पार्किंग 
मल्टीलेवल पार्किंग इस साल भी सपना बनकर रह गई। शहर में इसके लिए जगह ही नहीं मिल पाई। पूरा साल सड़कों पर खड़े वाहनों को पुलिस उठाती रही, लेकिन पार्किंग का कोई इंतजाम शहर में नहीं हो पाया।
- रैपिड और मेट्रो ट्रेन 
इन दोनों ही अहम प्रोजेक्ट की फाइलें इधर उधर घूमती रहीं। दोनाें में से किसी भी प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हो सका। हालांकि एनसीआरटीसी ने एनएच 58 पर कुछ जगह चौड़ीकरण का काम किया पर यह नाकाफी रहा। 
- हवाई अड्डा
मेरठ में हवाई अड्डा इस साल भी सपना ही रहा। इस पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई। बस वायदे होते रहे। कहा जाता रहा है कि अगले चरण में मेरठ शामिल होगा। लेकिन साल खत्म होते होते किसी भी चरण में मेरठ को शामिल नहीं किया गया।
- 90 वार्डों को सौंप दीं कूड़ा गाड़ी 
महानगर में घर-घर से कूड़ा उठाने की योजना के तहत शहर के 90 वार्डों को दो-दो वाहन दिए गए। इस व्यवस्था में दिन प्रतिदिन बदलाव भी हो रहा है। आने वाले समय में सड़कों पर कूड़ा दिखाई नहीं देगा। घरों से कूड़ा सीधे गाड़ी में और डंपिंग ग्राउंड पर पहुंचेगा। 
- हाउस टैक्स की ऑनलाइन सुविधा 
महानगर की जनता को घर बैठे भवन पर हाउस टैक्स लगवाने और नाम परिवर्तन कराने के लिए निगम ने वेबसाइट पर ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की है। लोगों ने आवेदन करने शुरू कर दिए। अब लोगों को बाबू राज से छुटकारा मिलेगा। लोग स्वयं अपने हाउस टैक्स लगवा पाएंगे। 
- निगम के वाहनों में लगा जीपीएस 
निगम ने अधिकारी वाहनों सहित सभी कूड़ा वाहनों में जीपीएस लगाकर डीजल की बर्बादी पर रोक लगाने का काम किया। जिससे निगम को प्रतिमाह कई लाख रुपये का लाभ हुआ। जीपीएस से निगम के कंट्रोल रूम में वाहन की लोकेशन देखी जा सकती है।   
- वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाई गईं 
कॉलोनी का कूड़ा कॉलोनी में और प्रतिष्ठानों का कूड़ा परिसर के अंदर ही नष्ट करके खाद बनाने की पहल नगर निगम ने करायी है। निगम ने शहर में लगभग 200 स्थानों पर कंपोस्ट यूनिट लगवाई हैं। इससे कूड़े का निस्तारण हो रहा है। साथ ही खाद का प्रयोग भी हो रहा है।

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मेरठ में विकास - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली से दूरी कम करेगा एक्सप्रेस वे, काम शुरू
यातायात के दृष्टिकोण से साल 2018 बहुत अहम रहा। इस साल दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे के अंतिम चरण डासना से मेरठ के बीच काम शुरू हो गया। साथ ही परतापुर में इंटरचेंज, आरओबी आदि बनने शुरू हो गए। दरअसल यह सरकार का अहम प्रोजेक्ट था, जो शुरू ही नहीं हो पा रहा था। उम्मीद है कि अगले साल के अंत तक इस हाईवे पर वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। साथ ही शहर के लोगों को जाम से काफी हद तक मुक्ति मिलेगी।

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मेरठ में विकास - फोटो : अमर उजाला
तेज हुआ काम
परतापुर फ्लाई ओवर के आरंभ पर दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे का काम तेजी से हो रहा है। यहां पर इंटरचेंज और आरओबी निर्माण का काम शुरू हो चुका है। 2019 खत्म होने से पहले दिल्ली से मेरठ के बीच यातायात और सुगम हो जाएगा।

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मेरठ में विकास - फोटो : अमर उजाला
निगम ने महानगर की सड़कों को छावनी की तरफ पर जेब्रा लाइन से सुसज्जित कर दिया है। दिन छिपते ही सड़क और शहर के कुछ चौराहे जगमगाने शुरू हो जाते हैं। अगर हम बच्चा पार्क से कमिश्नरी चौ. चरण सिंह पार्क, सर्किट हाउस मार्ग, ईव्ज चौराहा से कचहरी मार्ग की बात करें तो सड़क पर जेबरा लाइन और रिफ्लेक्टर से ये मार्ग चमकते हैं। कमिश्नरी चौराहा का दृश्य तो देखने लायक हो गया है।
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परतापुर फ्लाई ओवर के आरंभ पर दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे का काम तेजी से हो रहा है। यहां पर इंटरचेंज और आरओबी निर्माण का काम शुरू हो चुका है। 2019 खत्म होने से पहले दिल्ली से मेरठ के बीच यातायात और सुगम हो जाएगा।

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