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पीरियड्स में घबराएं नहीं, रखें इन बातों का ध्यान, 'सपनों की उड़ान' में बेटियों को किया जागरूक

Sat, 08 Sep 2018 07:31 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
बेटी चाहे कितनी भी बड़ी हो जाए लेकिन मां के लिए वह हमेशा उसके जिगर का टुकड़ा ही रहती है। यही कारण है कि बेटियां अपनी हर परेशानी को लेकर मां के पास जाती हैं। अपने पहले पीरियड के दौरान भी वे अपनी मां से ही सलाह लेती हैं। लेकिन जानकारी या जागरुकता के अभाव में असुविधाजनक तरीके अपनाती हैं। इस वजह से कई बार बेटियों को संक्रामक रोग होने का खतरा बना रहता है। इसी समस्या ध्यान में रखते हुए व्हिस्पर चॉइस और अमर उजाला लेकर आ आए हैं एक खास कार्यक्रम जिसका नाम है 'सपनों की उड़ान।'
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ताकि आगे बढ़ती रहें बेटियां

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सपनों की उड़ान - फोटो : अमर उजाला
हर मां अपनी बेटी को उसके जीवन के उतार-चढ़ाव पर उसकी हर मुश्किल को हल करने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं। शारीरिक और मानसिक बदलाव को लेकर बेटियों को मां से बेहतर सलाह कोई नहीं दे सकता। किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक व मानसिक बदलावों को लेकर बच्चियों में काफी झिझक होती है। अपने पहले पीरियड को लेकर भी बच्चियां काफी नर्वस हो जाती हैं। पीरियड्स के दौरान कपड़े का इस्तेमाल कई संक्रामक रोगों का कारण बन सकता है। सुविधाओं के अभाव में वे कई बार स्कूल मिस कर देती हैं। ऐसे में मां ही एकमात्र ऐसी सख्श होती है जो उन्हें इसके बारे में जानकारी दे सकती हैं और उन्हें जागरुक बना सकती हैं ताकि उन्हें आगे बढ़ने से कोई न रोक सके। साथ ही महीने के उन मुश्किल दिनों में अपनी पढ़ाई मिस न करें।
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सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है पीरियड्स

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सपनों की उड़ान कार्यक्रम में शामिल बेटियां - फोटो : अमर उजाला
व्हिस्पर च्वॉइस और अमर उजाला की ओर से मेरठ के चौधरी चरण सिंह विवि में 'सपनों की उड़ान' कार्यक्रम में कई स्कूलों की छात्राएं और उनकी माताओं ने प्रतिभाग किया। विशेषज्ञों ने पीडियड्स से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीरियड्स सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, इसमें डरने की जरूरत नहीं। चिकित्सकों ने बच्चियों को इस दौरान संक्रमण से बचने के लिए कपड़े के बजाय सेनेटरी नैपकिन के इस्तेमाल की सलाह दी। वीडियो के जरिए सेनेटरी नेपकिन के इस्तेमाल के सही तरीके भी समझाए और इसके फायदे भी बताए गए। महिला रोग विशेषज्ञों बताया कि किशोरावस्था में बहुत से शारीरिक परिवर्तन होते हैं। पीरियड्स भी सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है। इसमें खानपान का ध्यान रखना चाहिए। इस दौरान चिड़चिड़ापन और पेट दर्द की शिकायत रह सकती है। इससे घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। 

पीरियड्स के कारण बेटियां साठ दिन मिस कर देती हैं स्कूल

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टीवी एक्ट्रेस माही विज - फोटो : अमर उजाला
आंकड़ों पर गौर करें तो पीरियड्स के दौरान आज भी साल के तकरीबन 60 दिन बच्चियां स्कूल नहीं जा पातीं। स्कूल मिस करने से उनकी पढ़ाई का नुकसान तो होता ही है साथ ही तमाम परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। व्हिस्पर चॉइस और अमर उजाला के खास कार्यक्रम सपनों की उड़ान के अंतर्गत वर्कशॉप में शहर की सभी मां बेटियों को आमंत्रित किया जा रहा है। यहां बच्चियों की पीरियड्स से संबंधित सभी जिज्ञासाओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। चौधरी चरण सिंह विवि के नेताजी सुभाषचंद्र बोस प्रेक्षागृह में आज दोपहर 2 बजे से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। व्हिस्पर चॉइस और अमर उजाला सपनों की उड़ान में इस नाजुक विषय पर टेलीविजन की मशहूर अदाकारा माही विज बेटियों और माताओं से रूबरू हुईं। 
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खेल खेल में सीखा सेल्फ डिफेंस

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सपनों की उड़ान - फोटो : अमर उजाला
यहां बेटियों और मॉम ने एक साथ मिलकर खूब मस्ती की और कई गेम्स में भी हिस्सा लिया। यहां बेटियों को सेल्फ डिफेंस के गुर सिखाए गए। आप भी अपनी बेटी के साथ इस आयोजन का हिस्सा बनकर जागरूक हों। आयोजन के दौरान सेल्फ डिफेंस के गुर भी सिखाए जाएंगे। विस्पर च्वाइस अमर उजाला सपनों की उड़ान कार्यक्रम में मशहूर टीवी कलाकार माही विज भी आ रही हैं। वह बच्चियों को इस नाजुक विषय पर सहज होकर संवाद करेंगी। आयोजन में शामिल होने के लिए 9266445445 पर मिस कॉल करके पंजीयन करा सकती हैं। साथ ही 9711260773 पर अपना अपने शहर का नाम व्हाट्सएप कर सकते हैं। 

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