रवि कुमार
एशियन गेम्स में प्रतिभागी खिलाड़ियों में से मेरठ व आसपास के क्षेत्र से कई खिलाड़ी रहे। मवाना के भैंसा गांव निवासी रवि कुमार और अपूर्वी की जोड़ी ने 10मी. एयल राइफल में देश का पहला पदक कांस्य दिलाकर भारत का खाता खोला। कलीना निवासी 16 साल के शूटर सौरभ चौधरी की इस कामयाबी से देश गदगद हो उठा।रवि ने अपने आंगन में निशानेबाजी करना शुरू किया। धीरे-धीरे उनका निशानेबाजी का यह शौक जुनून में बदल गया, जिसके बाद उन्होंने पहली बार बागपत के जोहड़ी गांव में निशानेबाजी के गुर सीखे। दरअसल, यहां उनके नाना डॉ. राजपाल सिंह की शूटिंग रेंज थी जिसमें रवि ने ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी। सर्दी, गर्मी हो या बरसात वह हर दिन सुबह पांच बजे उठकर प्रैक्टिस के लिए जाते थे। यहां कई घंटे प्रैक्टिस करने के बाद उन्होंन कई शूटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया।यहां तक कि राइफल के लिए भी कई बार रजिस्ट्रेशन किया लेकिन बात नहीं बनी। रवि भारतीय वायुसेना में कार्यरत है और उन्होंने एयरफोर्स की राइफल से ही गोल्ड मेडल जीता।