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Uttarakhand Glacier Burst: अटकी रहीं सांसे, जागकर गुजारी रात, गंगा के पानी पर टकटकी लगाए रहे प्रशासन और ग्रामीण

Mon, 08 Feb 2021 08:48 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर

सार

- गंगा के पानी पर प्रशासन के साथ गांव वाले भी रखे हुए थे नजर
- चमौली में ग्लेशियर फटने के बाद गंगा में पानी नहीं आने पर ली राहत की सांस
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- फोटो : amar ujala
उत्तराखंड के चमौली जनपद में ग्लेशियर फटने के बाद उत्तर प्रदेश में गंगा के तटीय गांवों के लोगों की सांसें अटकी रहीं। रविवार रात को प्रशासन भी मुस्तैद रहकर गंगा के पानी पर नजर रखे रहा। कई गांवों के लोगों ने जागकर रात गुजारी।  गंगा में पानी नहीं बढ़ने पर प्रशासन के साथ गांव वालों ने भी राहत की सांस ली। गंगा में इस समय 7612 क्यूसेक पानी चल रहा है। 

 
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लोगों में दहशत - फोटो : अमर उजाला
रविवार को चमौली में ग्लेशियर फटने के बाद प्रशासन ने बाढ़ के खतरे के मद्देनजर पूरे जिले को अलर्ट कर दिया था। गंगा के तटीय गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। पलेज लगाकर गंगा के आसपास रहने वाले लोगों को भी वहां से हटा दिया गया था। रात भर बालावाली से लेकर चांदपुर तक गंगा के तटीय गांवों के लोग जागकर गंगा के पानी पर नजर रखे रहे। प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट रहा।

 
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गंगा किनारे बसे गांवों में अलर्ट - फोटो : अमर उजाला
डैबलगढ़ व राजारामपुर गांवों में बंदोबस्त व लेखपालों की टीम पुलिस के साथ गंगा के पानी पर नजर रखे रही। डीएम रमाकांत पांडेय व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह ने कई गांवों का दौरा किया और गांव वालों को बताया कि वे चौकसी बरतते रहें। गंगा बैराज के जेई पीयूष बालियान के मुताबिक ऊपर से ही गंगा के पानी को नियंत्रित कर लिया गया है। गंगा में 7612 क्यूसेक पानी चल रहा है जो कि सामान्य है। गंगा बैराज के सभी गेट पानी बढ़ने की आशंका के चलते खोल दिए गए हैं।

 

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- फोटो : amar ujala
पीपे के पुल के पल्ले उतारे
मंडावर के गांव डैबलगढ़ में गंगा के ऊपर बने पीपे के पुल को भी रविवार को बंद कर दिया गया था। ठेकेदार ने पुल के तख्ते उतार लिए थे ताकि पुल पर आवाजाही न हो सके। इच्छावाला गांव के लोगों ने ठेकेदार से सोमवार को गुहार लगाई कि उनके पशु भूखे प्यासे हैं। उन्हें पशुओं को चारा देने के लिए खेतों में जाना होगा। ठेकेदार ने तख्ते लगाकर उन्हें पुल से गंगा पार करा दी और फिर तख्ते उतार दिए।
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- फोटो : amar ujala
गांवों में लौटने लगे ग्रामीण
इच्छावाला के ग्रामीणों को रविवार को ही गांव से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था। मुजफ्फरनगर के एक सुरक्षित स्थान व बालावाली क्षेत्र के एक स्कूल में गांव वालों को रखा गया था। ये गांव वाले सोमवार को अपने गांव लौटने लगे हैं। इनके अलावा गंगा के आसपास पलेज लगाने वाले जो लोग हटाए गए थे वे भी अपनी पलेज देखने के लिए गए। ये लोग भी वापस होने शुरू हो गए हैं। इच्छावाला के ग्राम प्रधान गुलसनव्वर ने बताया कि जो गांव वाले प्रशासन के कहने पर सुरक्षित स्थानों पर गए थे वे अपने घर आने लगे हैं।

 
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- फोटो : amar ujala
गंगा में पानी के बढ़ने का खतरा टला: डीएम
डीएम रमाकांत पांडेय के मुताबिक उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने के बाद गंगा में पानी बढ़ने की संभावना खत्म हो गई है। गंगा में पानी नहीं बढ़ा है। अब पानी बढ़ने की उम्मीद भी नहीं है। उन्होंने अधिकारियों के साथ डैबलगढ़ समेत कई गांवों में गंगा के जलस्तर का जायजा भी लिया।
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