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कार्यस्थल पर बेटियां: 'मेरी बेटी मेरा अभिमान' देखें बालिका दिवस पर बेटी के साथ ली गईं क्यूट सेल्फी

Thu, 24 Jan 2019 07:02 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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karan kashyap
बेटियों में आत्मविश्वास जगाकर भावनात्मक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से अमर उजाला ने अनूठी पहल ‘कार्यस्थल पर बेटियां’शुरु की है। इस पहल के तहत लोगों ने अपनी बेटियों को अपने कार्यस्थल पर लाए और उनके साथ सेल्फी लेकर अमर उजाला को भेजी। यहां प्रकाशित है ऐसी ही कुछ शानदार सेल्फियां: -

हमे गर्व है प्राची पर  
प्राची 
पिता : शरभ जैन
स्थान : बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर
बुढ़ाना के कपड़ा व्यापारी शरभ जैन ने कहा कि अमर उजाला की यह पहल काफी सार्थक है। बेटी प्राची दुकान पर आकर उसकी कुर्सी पर बैठी तो उसके खुशी देखने लायक थी।  कहा कि उन्हें प्राची पर गर्व है।

 
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कार्यस्थल पर बेटियां
...घर की रौनक है मेरी अंशिका
अंशिका 
पिता  : अर्जुन त्यागी
स्थान : गांव रई, मुजफ्फरनगर

दाएं -फोटो में
कनिका और अवर्णिका
पिता : आशीष त्यागी
स्थान : गांव रई, मुजफ्फरनगर
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कार्यस्थल पर बेटियां
...मेरी बेटी मेरी शान
मेरी बेटी ओजस्वी मेरा अभिमान है। उसकी हंसी देखकर मेरे चेहरे पर हंसी आ जाती है। उसको किसी बात की परेशानी न हो, इसका मैं हमेशा ध्यान रखता हूं।

कनिका और अवर्णिका
पिता : आशीष त्यागी
स्थान : गांव रई, मुजफ्फरनगर

मेरी बेटी लुबना पूरे परिवार की लाड़ली है। उसका चेहरा हर परेशानी से लड़ने की हिम्मत देता है। उसकी खुशी मेरे लिए बहुत अहम है।
लुबना अल्वी
पिता का नाम : साहेबान 
स्थान : स्पेयर पार्टस की दुकान, पुरकाजी
 

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कार्यस्थल पर बेटियां
नन्ही परी से मिलती है शक्ति  
ओजस्वी
पिता का नाम : अंकित कुमार
स्थान : प्रेमपुरी निवासी, मुजफ्फरनगर
भारती शिशु उपवन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अंकित कुमार का कहना है कि बेटी के रूप में घर में लक्ष्मी विराजमान है। बिटिया के चेहरे की मुस्कान हमें शक्ति देती है। जब घर पहुंचते हैं, तो बिटिया को देख दिनभर की थकान दूर हो जाती है। 
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कार्यस्थल पर बेटियां
बेटियां ही घरों को रोशन करती हैं
चौधरी स्पोर्ट्स के मालिक अंकित चौधरी ने कहा कि बेटी को कार्यस्थल पर लाकर उसके साथ सेल्फी ली। उनका कहना है कि हमे बेटियों पर नाज करना चाहिए, क्योंकि बेटियां ही दो घरों को रोशन  करती हंै।  
साध्या 
पिता : अंकित चौधरी
स्थान : महावीर चौक, मुजफ्फरनगर
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कार्यस्थल पर बेटियां
हमें गर्व है स्नेहा पर  
विक्रांत शुक्ला का कहना है कि उन्हें अपनी बेटी स्नेहा शुक्ला पर गर्व है। कारोबार में उतार चढ़ाव के बावजूद बिटिया ने हमेशा हौसला दिखाया। यदि हर परिवार में ऐसी बेटी हो, तो परिवार की तरक्की निश्चित है।  
स्नेहा शुक्ला
पिता : विक्रांत शुक्ला
स्थान : माधवपुर, हकीकतनगर, सहारनपुर

ध्रुविका गर्ग 
पिता : नितिन गर्ग 
स्थान : मोरगंज सहारनपुर
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कार्यस्थल पर बेटियां
घर की रौनक है मेरी पलक
पलक सिंघल 
पिता  : पंकज सिंघल 
स्थान : देवबंद 

मेरी बेटी नित्या पूरे परिवार की लाड़ली है। उसका चेहरा मुझे हर परेशानी से लड़ने की हिम्मत देता है। वह मेरे लिए बहुत लकी है।
नित्या गर्ग 
पिता का नाम : नमित गर्ग
स्थान : शिक्षा भंडार, पंसारी बाजार सहारनपुर

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कार्यस्थल पर बेटियां
मेरी बेटी मेरा अभिमान
नैना स्वामी
पिता : महंत स्वामी राघवेंद्र
स्थान : मानस निकेतन सिद्धपीठ, पंत विहार सहारनपुर
मेरी बेटी मेरा अभिमान है। उसके चेहरे पर हंसी देखकर मेरे चेहरे पर हंसी आ जाती है। उसको किसी बात की परेशानी न हो, इसका मैं हमेशा ध्यान रखता हूं।

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कार्यस्थल पर बेटियां
नन्ही परी से मिलती है शक्ति  
अमित का कहना है कि बेटी परी के रूप में घर में लक्ष्मी विराजमान है। बिटिया के चेहरे की मुस्कान हमें शक्ति देती है। व्यापार में रहने पर जब शाम को घर पहुंचते हैं, तो बिटिया की अठखेलियां देख दिनभर की थकान दूर हो जाती है। 

परी कर्णवाल
पिता का नाम : अमित कर्णवाल
स्थान : कक्कड़ गंज सहारनपुर 
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कार्यस्थल पर बेटियां
उनके हंसने से घर में आती है रौनक
बेटियों से घर में खुशहाली आती है। मुझे खुशी है कि मेरे एक नहीं दो बेटियां है और दोनों ही मेरे दिल के बहुत करीब है। रविश और अनुष्का की मुस्कुराहट घर में रौनक लेकर आती है। 
रविश और अनुष्का
पिता : अनिल शर्मा 
स्थान : बसंत विहार, सहारनपुर
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