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UP police training: आज भी अंग्रेजी राज की तर्ज पर हो रही परेड, एक साल से घटकर छह माह हुआ प्रशिक्षण

Tue, 24 Nov 2020 12:49 PM IST
Dimple Sirohi मनु चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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Police training Meerut - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ट्रेनिंग में भले ही कई बदलाव हुए हैं। इसके चलते साइबर अपराध और कंप्यूटर गणना का प्रशिक्षण अलग से दिया जा रहा है। हालांकि शारीरिक प्रशिक्षण में पुलिस की परेड अंग्रेजी राज जैसी है। 

यूपी पुलिस में सिपाही भर्ती 2020 का प्रदेश के सभी 75 जिलों, पीएसी की बटालियन और पीटीएस मेरठ में प्रशिक्षण जारी है। मेरठ पुलिस लाइन में 268 रंगरूट ट्रेनिंग कर रहे हैं। ये सिविल पुलिस के हैं। पुलिस लाइन के ट्रेनिंग प्रभारी मेजर राकेश कुमार का कहना है कि ट्रेनिंग में अनुशासन मुख्य है। समय बदलने के साथ ट्रेनिंग का समय कम होता चला गया। यह 2015 के बैच के बाद छह माह की रह गई है। ट्रेनिंग में चाल, धीमी दौड़, कदमताल, शस्त्रों का प्रशिक्षण अहम हिस्सा है।
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Police training Meerut - फोटो : अमर उजाला
बदलाव भी आए
एसपी लाइन/ट्रैफिक जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि पुलिस की ट्रेनिंग में कई बदलाव आए हैं। हालांकि शारीरिक प्रशिक्षण, बलवा ड्रिल, परेड सेल्यूट और सलामी आज भी अंग्रेजी राज के हैं। परेड, सेल्यूट और सलामी की ट्रेनिंग सिपाही से लेककर आईपीएस के लिए बराबर है।

घुड़सवार की ट्रेनिंग के अतिरिक्त अब मोटर व्हीकल की ट्रेनिंग दी जा रही है। इनके अतिरिक्त कंप्यूटर, साइबर अपराध महत्वपूर्ण होता जा रहा है। जवानों में फिटनेस पैदा करना, शारीरिक व मानसिक मजबूती, कठिन समय में उचित निर्णय लेने का प्रशिक्षण दिया जाता है। आज पीआर, साइबर क्राइम की ट्रेनिंग का पार्ट अहम हो गया है।
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एसएसपी अजय साहनी - फोटो : अमर उजाला
शारीरिक प्रशिक्षण के साथ संगठित अपराध, आर्थिक अपराध से निपटने के लिए प्रदेश पुलिस को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। फोरेंसिक प्रशिक्षण, कम्प्यूटर, दूरसंचार, आधुनिक शस्त्रों का प्रशिक्षण देकर निपुण बनाया जा रहा। यह ट्रेनिंग जीवन भर काम आती है। -अजय साहनी, एसएसपी 

 

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अम्बेश कुमार, योगेश दाएं - फोटो : अमर उजाला
यह बोले रंगरूट
वर्दी पहनने का सपना पूरा हुआ
बीटेक कर चुके योगेश चौधरी का कहना है कि पढ़ाई करने के बाद कठिन परिश्रम किया। इसके बाद वर्दी पहनने का सपना पूरा हुआ। -योगेश

पहली भर्ती में ही चयन
बीटेक की पढ़ाई के बाद प्राइवेट कंपनी में जॉब की। परिवार की इच्छा थी कि पुलिस की नौकरी करूं। पहली ही भर्ती में चयन हो गया। -अम्बेश कुमार
 
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राहुल सिंह, तेजप्रकाश दाएं - फोटो : अमर उजाला
वर्दी का सम्मान बरकरार
वर्दी का लोग आज भी सम्मान करते हैं। एमए की पढ़ाई करने के बाद भर्ती देखी और सफलता मिली।-तेजप्रकाश

वर्दी पहनकर अच्छा लग रहा
शिक्षा पूरी करने के बाद पुलिस में भर्ती होने की तैयारी की। वर्दी पहनने का सपना पूरा हुआ तो अच्छा लग रहा है। -राहुल सिंह
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