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मीट फैक्टरी में हुआ था बड़ा खुलासा: पूर्व मंत्री याकूब के परिवार का रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस, गैंगस्टर लगाने की तैयारी, संपत्ति की होगी जांच

Sat, 02 Apr 2022 11:38 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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हाजी याकूब कुरैशी। - फोटो : amar ujala
मेरठ में याकूब कुरैशी और उसके परिवार की घेराबंदी के लिए पुलिस का कानूनी डंडा चलना शुरू हो गया है। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के तेवर देखकर याकूब परिवार समेत भूमिगत हो गया। पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज करने के बाद चार्जशीट की तैयारी कर दी है। जिसके बाद याकूब और उनके परिवार पर गैंगस्टर भी लगाया जाएगा। पुलिस अब उसकी संपत्ति की भी जांच शुरू कराने की तैयारी में है। पुलिस ने बताया कि याकूब की तलाश में दबिश दी गई है।

सील लगी फैक्टरी में मीट पैकिंग कराने का भंडाफोड़ होने पर पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी व उसकी पत्नी संजीदा बेगम, बेटे इमरान, फिरोज को पुलिस ने मुकदमे में नामजद कर लिया है।
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याकूब की फैक्टरी में एमडीए की कार्रवाई। - फोटो : amar ujala
एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि याकूब और उसका परिवार गैंग बनाकर अवैध तरीके से मीट फैक्टरी चल रहे थे। जिसके सबूत पुलिस ने जुटा लिए है। फैक्टरी में अवैध तरीके से मीट पैकिंग हो रही थी, जिससे घातक संक्रमण फैलने का खतरा बना था। जल्द ही चार्जशीट लगाकर गैंगस्टर लगाने की तैयारी में पुलिस जुट गई है। 
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याकूब की फैक्टरी में छापा। - फोटो : amar ujala
20 दिन से तेजी से चल रहा था काम 
पुलिस के मुताबिक 20 दिन से फैक्टरी में तेजी से काम चल रहा था। सवाल है कि रात में ट्रक फैक्टरी में आते थे, रात भर काम चलता था। इसकी भनक किसी को नहीं लगी। चर्चा है कि याकूब ने सांठगांठ करने के बाद ही फैक्टरी में मीट पैकिंग का काम चलाया था। हालांकि पुलिस की जांच में दो महीने पहले फैक्टरी शुरू हुई थी।

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याकूब की फैक्टरी में छापा। - फोटो : amar ujala
जम्मू कश्मीर और बिहार के लोग करते थे फैक्टरी में मीट की पैकिंग 
पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की मीट फैक्टरी में जम्मू कश्मीर और बिहार के लोग रातभर पैकिंग करते थे। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों ने बताया है कि करीब 20 दिन से फैक्टरी में मीट पैकिंग का काम जोरशोर से चल रहा था। सवाल उठता कि फैक्टरी में लोकल से ज्यादा बाहर के लोग काम करते है। ताकि उनका किसी से संपर्क न हो सके। 
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हाजी याकूब की फैक्टरी में छापा। - फोटो : amar ujala
एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि पकड़े गए दस आरोपियों में से चार लोग जम्मू कश्मीर और दो लोग बिहार के निवासी है। आरोपियों से पुलिस समेत सभी विभाग के अधिकारियों ने पूछताछ की है। जिसमें उन्होंने बताया कि याकूब की फैक्टरी में 20 से अधिक लोग मीट पैकिंग का काम कर रहे थे। बाहरी लोगों को मीट फैक्टरी में इसलिए रखा गया है कि ताकि फैक्टरी की कोई बात बाहर तक न जाए। बाहरी मजदूर दिनरात वहां पर रहते थे और रात में पैकिंग का काम करते थे।
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