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मेरठ: शराब कांड को लेकर बड़ा खुलासा, मौत से पहले तड़पता रहा युवक, सबूत हैं ये तस्वीरें

Wed, 28 Apr 2021 04:12 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
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मेरठ शराब कांड: मौत से पहले तड़पता रहा कपिल। - फोटो : amar ujala
मेरठ के साधारणपुर गांव में शराब पीने से 10 लोगों की मौत के मामले में वीडियो वायरल हो गया। इसमें कपिल तड़पता हुआ दिख रहा है। इसके बाद कपिल की सोमवार को मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि शराब पीने की वजह से उसकी मौत हुई थी, जबकि पुलिस का कहना है कि बीमारी के चलते मौत हुई। लेकिन मंगलवार रात वायरल वीडियो से पुलिस का दावा झूठा साबित हो रहा है। वायरल वीडियो में कपिल तड़पता दिखाई दे रहा है। उसके साथ परिजन हैं। वीडियो में कपिल के मुंह से झाग निकलते दिखाई दे रहे हैं। उसके परिजन हाथों की मालिश करने में लगे हैं। यह वीडियो अस्पताल के बाहर का बताया गया। ज्यादातर मामलों में जहरीला पदार्थ खाने के बाद ही ऐसे झाग निकलते हैं।
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काफी देर तक तड़पता रहा कपिल। - फोटो : amar ujala
परिजनों से वीडियो के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कपिल ही है। परिजनों ने मंगलवार दोपहर आरोप लगाया था कि पुलिस ने दवाब बनाकर अंतिम संस्कार करा दिया था। पुलिस को शराब की बात बताई गई, लेकिन मामले को दबाने के चक्कर में पुलिस ने नजर अंदाज कर दिया है।
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ग्रामीणों ने दी मामले की पूरी जानकारी। - फोटो : amar ujala
पुलिस और आबकारी की रिपोर्ट का इंतजार 
इस मामले पर डीएम के. बालाजी ने बताया कि पुलिस और आबकारी विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। दोनों विभागों की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। वहीं, खुद को बचाने की जुगत में जुटे दोनों विभाग पहले ही साक्ष्य छिपाने के चक्कर में शराब से हुई मौतों को बीमारी से होना बता चुके हैं। शवों का पोस्टमार्टम तक नहीं कराया गया और अंतिम संस्कार करा दिया गया।

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ग्रामीणों ने दी मामले की पूरी जानकारी। - फोटो : amar ujala
क्या सही रिपोर्ट देंगे विभाग
जिलाधिकारी जिन दो विभागों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, वही विभाग इसके लिए जिम्मेदार हैं। पुलिस तो पहले ही बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार कराकर सबूत नष्ट कर चुकी है। आबकारी विभाग भी इस मामले में पूरी तरह जिम्मेदार है तो वह क्यों इस मामले को जहरीली शराब से जोड़ेगा। पहले भी कई मामले हो चुके हैं जिनमें पुलिस और आबकारी विभाग पल्ला झाड़कर अलग खड़े हो गए और आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में इन दोनों की रिपोर्ट क्या आएगी यह स्वत: समझा जा सकता है।
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ग्रामीणों ने दी मामले की पूरी जानकारी। - फोटो : amar ujala
क्यों नहीं की प्रशासनिक जांच
पीड़ित परिवार अब खुलकर मौत का कारण जहरीली शराब बता रहे हैं। फिर क्यों जिला प्रशासन की तरफ से इस मामले में अब तक प्रशासनिक जांच शुरू नहीं कराई गई। यही नहीं, इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच भी अलग से तय होनी चाहिए थी, लेकिन जिला प्रशासन को ऐसे विभाग की रिपोर्ट का इंतजार है जो यदि सही रिपोर्ट देते हैं तो खुद फंसेंगे। ऐसे में पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग तीनों ही इस मामले पर कटघरे में खड़े नजर आते हैं।
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मामले की जानकारी देते ग्रामीण। - फोटो : amar ujala
मौतों पर राजनीति, अफसर चुप
शराब कांड में 10 लोगों की मौत पर खूब राजनीति हो रही है, मगर कार्रवाई के नाम पर पुलिस ने चुप्पी साध रखी है। हालांकि मामला लखनऊ तक गूंजा है। वहीं, इस मामले में दबंगों के दबाव का हल्ला मचा हुआ है। ग्रामीणों पर पहले दिन से ही मौतों पर चुप रहने का दबाव बनाना शुरू हो गया था।

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