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UP Chunav 2022 : मेरठ जिले की सातों सीटों पर कांटे की टक्कर, सेंधमारी का रहेगा अहम किरदार, पढ़िए पूरा समीकरण

Wed, 23 Feb 2022 12:58 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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मतदान के लिए लाइन लगीं महिलाएं। - फोटो : amar ujala
नतीजे 10 मार्च को आएंगे, लेकिन इन बीच चुनावी समीकरण और वोटिंग के बाद हार जीत का गणित सब लगा रहे हैं। मेरठ की सातों विधानसभा सीटों पर कांटे की टक्कर का अनुमान है, ऐसे में साफ है कि हार-जीत में दूसरों के वोट बैंक सेंध का फैक्टर अहम होगा। जिस प्रत्याशी ने दूसरे की वोटों में सेंधमारी की, वह बढ़त बना लेगा। 

वोटिंग के बाद नतीजे की उत्सुकता से चर्चा का बाजार गर्म है। जिले की अधिकांश सीटों पर चुनाव टक्कर का रहा है। आमने-सामने का मुकाबला भी बेहद नजदीक का बताया जा रहा है। ऐसे में दूसरे की वोटों में सेंधमारी जीतने के लिए काम बना सकती है। सेंधमारी का फैक्टर इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि कुछ जगह कार्यकर्ता से लेकर वोटर तक में प्रत्याशी को लेकर नाराजगी देखी जा रही थी, उनमें शिफ्ट होने की संभावना थी। एक ही जाति के होने की वजह से भी प्रत्याशी वोट पर अपना-अपना दावा ठोक रहे हैं। 
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UP Election 2022 Phase-1 Voting - फोटो : अमर उजाला
कैंट विधानसभा 
व्यापारियों को लेकर भाजपा, सपा-रालोद गठबंधन और बसपा प्रत्याशी भी अपना-अपना दावा कर रहे हैं। किसे कितने व्यापारी मिले और कितने पंजाबी मिले। यह गणित लगाया जा रहा है। 

शहर सीट 
शहर सीट पर गठबंधन के प्रत्याशी रफीक अंसारी मैदान में हैं। उनकी जीत का समीकरण मुस्लिम वोटों की एकता पर टिका है। सामने भाजपा के प्रत्याशी कमल दत शर्मा हैं, जो हिंदुओं की एकता और मुस्लिमों की वोटों में बिखराव के हिसाब से जीत का गणित लगा रहे हैं। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी रंजन शर्मा ने कितने हिंदू और कितने मुस्लिम वोट लिए, यह भी गुणा भाग लगाया जा रहा है।
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मतदान करने पहुंचे मतदाता - फोटो : अमर उजाला
दक्षिण सीट 
दक्षिण सीट पर हार जीत का फैसला दलित और मुस्लिमों वोटों की एकता और सेंधमारी पर टिका है। मुस्लिम वोट लामबंद बताए जा रहे हैं, पर उनमें कितनी सेंध लगी। साथ ही दलित वोटों में किसने ज्यादा सेंधमारी की, यह फर्क तय करेगा। 

सरधना सीट 
सरधना विधानसभा सीट पर कांटे की टक्कर में सेंधमारी अहम रहेगी। भाजपा ने मुस्लिम और दलित वोटों में कितनी सेंध लगाई और गठबंधन को दलित, जाट और सैनी वोट कितने मिले। ये वोट ज्यादा हासिल करने वाला आगे निकल जाएगा। 

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UP Election 2022 Phase-1 Voting - फोटो : अमर उजाला
सिवालखास सीट 
सिवालखास में मुस्लिमों के साथ जाट वोटरों की सेंधमारी पर खास ध्यान रहा है। खासकर भाजपा और गठबंधन प्रत्याशी में फैसला इसी आधार पर होना है कि किसने किसके वोटबैंक में कितनी सेंध लगाई। 

किठौर सीट 
इन सीट पर हार-जीत की बाजी इस पर टिकी है कि गुर्जर, जाट, दलित और मुस्लिम मतों में किसने कितनी सेंध लगाई। जिसकी सेंध ज्यादा जीत उसकी होगी। यहां भी भाजपा और सपा-रालोद गठबंधन प्रत्याशी के बीच सीधा मुकाबला बताया जा रहा है।
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UP Election 2022 Phase-1 Voting - फोटो : अमर उजाला
सच पता नहीं, पर चर्चा जोरों पर  
इन दावों में कितनी सच्चाई है, यह कहना तो मुश्किल है, मगर चर्चा का बाजार गर्म है। खासकर गांवों में चर्चा है कि वोट प्रतिशत कम करने के लिए प्रत्याशियों के कार्यकर्ताओं ने मतदाताओं की उंगली पर वोट डालने का निशान तो लगवा दिया, मगर उनका वोट नहीं डला। इसके अलावा कुछ मतदाताओं के पहचान पत्र ले लिए गए और मतदान का समय खत्म होने पर उन्हें दिए गए। अगर यह चर्चा सही है, अगर इन वोटरों की संख्या ज्यादा है तो ये नतीजों पर फर्क डाल सकते हैं। हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। 

जिले में मत डाले गए - 16 लाख 98 हजार 194 
पुरुष    - 9 लाख 44 हजार 354 
प्रतिशत - 66.1
महिला  - 7 लाख 53 हजार 837 
प्रतिशत - 62.98 
अन्य मतदाता - तीन 
प्रतिशत - 1.38
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