मेरठ में अचानक कुछ लोगों की भीड़ मोर्चरी पहुंची। इस दौरान झुलसे शव एंबुलेंस से उतरते देख वहां मौजूद लोगों के रोंगेटे खड़े हो गए। थोड़े अंतराल में एक-एक कर तीन शव लाए गए।
मवाना के सुभाष चौक पर सोमवार को जो कुछ हुआ, वह हृदय विदारक था। किसी तरह आग बुझी तो अंदर राजा, शादाब और रोहित उर्फ कालू के झुलसे शव देख कर लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा था। पुलिस ने आनन-फानन में एंबुलेंस की मदद से तीनों शव मेडिकल की मोर्चरी भिजवा दिए। कुछ देर में मोर्चरी पर भी भीड़ जुटने लगी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। रोहित के भाई मोनू ने हंगामा शुरू कर दिया। साथ मौजूद लोग उसे संभालने में लगे थे लेकिन वह भाई की मौत से आहत दिखे। भीड़ में मौजूद काफी लोग ऐसे थे, जिनकी हालत हादसे के बाद के हालातों को बयां कर रही थी। उनके कपड़े तेल व गंदगी से सने थे। कुछ के पैरों में तो चप्पल भी नहीं थी। मवाना निवासी वक्कास ने कहा कि उन्होंने इतना दर्दनाक हादसा नहीं देखा। एहतियात के तौर पर पुलिस बल बुला लिया गया। एसीएम द्वितीय सत्यप्रकाश व सीओ सिविल लाइन देवेश सिंह तब तक वहां डटे रहे, जब तक कि तीनों शव पोस्टमार्टम के बाद रवाना नहीं हो गए। नगर पालिका परिषद के चेयरमैन अय्यूब कालिया भी पूरे समय मोर्चरी पर मौजूद रहे।