एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह के अटपटे बोल पर मेरठ के शहरकाजी जैनुस सजिद्दीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। एसपी के बयान को अफसोसजनक बताते हुए कहा कि यह कौम की तौहीन है। शहरकाजी ने कहा 20 दिसंबर को जिन लोगों ने उत्पात मचाया या कानून हाथ में लिया हम उनका विरोध करते हैं।
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akhilesh narayan singh
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के साथ सहयोग के लिए हर कदम पर साथ खड़े हैं। कोई वीडियो ऐसा वीडियो नहीं है जिसमें भारत विरोधी नारे लग रहे हों। देश में रहने के लिए ही एनआरसी और सीएए का विरोध कर रहे हैं। अगर देश मे नहीं रहना होता तो एनआरसी और सीएए को लेकर विरोध प्रदर्शन नहीं करते। अगर पुलिस का मानना है कि देश विरोधी नारे लगे हैं तो पुलिस सबूत दे।
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पुलिस के पास ऐसा कोई सबूत नहीं है तो आला अधिकारियों को मामले में कार्रवाई करनी चाहिए। अधिकारी कार्रवाई नहीं करते हैं तो न्यायिक जांच बैठाएं। वीडियो में एसपी साफ पाकिस्तान जाने की बात मुस्लिमों को कह रहे हैं। एसपी सिटी ने तौहीन की है। अगर न्यायिक जांच नहीं होती तो हम मामले को कोर्ट ले जाएंगे। जहां दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
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मामले में कारी शफीकुर्रहमान ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा मेरठ सहित पूरे देश में जो भी हो रहा है अच्छा नहीं हो रहा है। गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर 20 दिसंबर को मेरठ शहर में हुए उपद्रव के बाद सोशल मीडिया पर मेरठ के एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह का वीडियो वायरल हो गया। जिसमें वह अटपटे बोल बोलते हुए दिख रहे हैं। वीडियो एक मिनट 43 सेकेंड का है।
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अफसर के हाथ में डंडा और हेलमेट है। बॉडी प्रोटेक्टर जैकेट पहनकर गली में जाते दिखाई पड़ रहे हैं। वह मोबाइल से वीडियो बनाते हुए गली में वापस मुड़ते हैं। एक समुदाय के लोगों से कहते हैं कि जो हो रहा है वह ठीक नहीं है। इस पर वहां खड़ा एक व्यक्ति कहता है कि जो लोग माहौल बिगाड़ रहे हैं, वह गलत हैं। इस पर एसपी सिटी कहते हैं कि उनको कह दो वह दूसरे मुल्क चले जाएं। कोई गलत बात मंजूर नहीं होगी।
इस दौरान उन्होंने कहा, यह गली मुझे याद हो गई है। जो एक बार याद कर लेता हूं तो उसे भूलता नहीं हूं। एक- एक आदमी को जेल भेज दूंगा। सुन लिया न। इसके बाद वह फोर्स के साथ चले जाते हैं। उल्लेखनीय है कि नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में मेरठ में 20 दिसंबर को भारी बवाल हुआ था। मेरठ में गोली लगने से पांच युवकों की मौत हो गई थी।