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Triple Murder: जमीन पर दंपती के शव, बेड पर थी युवती की खून से लथपथ लाश, मंजर याद कर कांप जाती है लोगों की रूह

Thu, 23 Mar 2023 02:19 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मृतका रिया का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के शास्त्रीनगर में हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड में तीन आरोपी विकास, उदयवीर और सचिन को छह साल नौ महीने बाद न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। बताया गया कि एलआईसी से सेवानिवृत अधिकारी चंद्रशेखर और उनकी पत्नी पूनम घर में देह व्यापार चला रहे थे। एक युवती का प्रेमी उनके घर अपने दो साथियों के साथ पहुंचा था। उन्होंने युवती और दंपती की हत्या की थी। इस तिहरे हत्याकांड के मामले में 25 पुलिसकर्मी, डॉक्टरों के बयान दर्ज हुए। 13 लोगों ने गवाही दी।

वारदात नौचंदी थानाक्षेत्र के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के पास गोल मंदिर के सामने 18 जून 2016 को हुई थी। एलआईसी से सेवानिवृत होने के बाद चंद्रशेखर और उसकी पत्नी पूनम ने घर में देह व्यापार चला रखा था। शेरगढ़ी की रहने वाले रिया नाम की युवती उनके घर पर अक्सर रहती थी।
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आरोपी उदयवीर - फोटो : अमर उजाला
घटना वाले दिन रिया के प्रेमी विकास निवासी माधवपुरम ने दोस्त उदयवीर को ग्राहक बनाकर चंद्रशेखर के घर भेजा। उदयवीर ने 100 रुपये देकर मकानमालिक चंद्रशेखर को आपत्तिजनक सामान खरीदने मेडिकल स्टोर भेज दिया। 

चंद्रशेखर के बाहर जाने के दौरान विकास और उसका साथी सचिन चंद्रशेखर के घर पहुंचे। तीनों ने मिलकर पहले रिया और फिर पूनम की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। करीब 10 मिनट बाद चंद्रशेखर लौटे तो उसको भी तीनों ने चाकू से मार डाला। तिहरे हत्याकांड की सूचना पर तत्कालीन आईजी जोन सुजीत पांडेय, डीआईजी लक्ष्मी सिंह और एसएसपी जे. रविंदर गौड़ फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थे। हालात देखते हुए शास्त्रीनगर में सेना लगानी पड़ी थी।
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मेरठ पुलिस
इस मामले में जिला जज रजत सिंह जैन की अदालत में सुनवाई चल रही थी। सरकारी अधिवक्ता सर्वेश शर्मा और पदम सिंह ने बताया कि चंद्रशेखर के भांजे मनीष ने मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना में पता चला कि विकास उर्फ विक्की की रिया से दोस्ती थी। बाद में विकास को पता चला कि रिया गलत काम करती है।
 

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meerut murder - फोटो : अमर उजाला
विकास ने उदयवीर को चंद्रशेखर के घर पर भेजा। तीनों की हत्या के बाद चंद्रशेखर के घर से एलसीडी और रिया की स्कूटी आरोपी ले गए थे। 24 जून 2016 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने खुलासा किया था। मामले में सरकारी वकील पदम सिंह ने 13 गवाह अदालत में प्रस्तुत किए। उनकी गवाही और पत्रावली पर उपस्थित साक्ष्य के आधार पर सजा सुनाई गई।
 
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आरोपी सचिन व विकास - फोटो : अमर उजाला
तीन दिन पुलिस की दस टीमों ने घेराबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। वारदात के बाद तीनों आरोपी हरिद्वार चले गए थे। वहां घेराबंदी हुई तो हिमाचल भागने की फिराक में थे। तत्कालीन एसओजी प्रभारी संजीव यादव और उनकी टीम ने आरोपियों को दबोचा था।
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meerut murder, meerut police - फोटो : अमर उजाला
खौफनाक वारदात कभी नहीं भूलेगा शास्त्रीनगर
खून से लथपथ युवती की लाश बेड पर नग्न अवस्था में थी। दंपती की लाश फर्श पर पड़ी थी। इस खौफनाक मंजर को शास्त्रीनगर के लोग कभी भी नहीं भूल सकते। तिहरे हत्याकांड की सूचना पर शहर के व्यापारी, भाजपा नेता मौके पर पहुंचे। लोगों का आक्रोश फूटा। इससे पहले मामला तूल पकड़ता तत्कालीन आईजी सुजीत पांडेय और डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने खुलासा कर दिया कि गलत काम के चलते तीनों की हत्या हुई है।
 
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