थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह का फ्लैट
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दोनों मामलों की जांच सीओ किठौर ने की थीं और इसमें सुखदेव को क्लीन चिट देने के साथ ही धर्मेंद्र को दोषी करार दिया गया था। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारी को सौंप दी गई, लेकिन धर्मेंद्र के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं की गई। उच्चाधिकारी की शह के चलते धर्मेंद्र ने सुखदेव का मानसिक उत्पीड़न किया। दबाव बनाने के लिए उसके घर पर दबिश दी गई। इसके खिलाफ सुखदेव की ओर से 24 अगस्त को इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 10 सितंबर को याचिका पर सुनवाई हुई। मामले में हाईकोर्ट ने मेरठ के एसएसपी, हस्तिनापुर के एसओ धर्मेंद्र और विवेचक सत्यवीर को चार सप्ताह में जवाब देने का आदेश दिया है।