उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में नए कानून के तहत धर्मांतरण का पहला मुकदमा मुंडाली थाने में दर्ज हुआ है। मुंडाली थाना क्षेत्र के मऊ खास गांव का रहने वाला ताराचंद हत्या के मामले में 2017 से जेल में बंद था। बताया गया कि जेल में उसका धर्मांतरण कराया गया। वहीं जेल से पैरोल पर बाहर आए ताराचंद ने गांव के कई युवकों को धर्मांतरण करने की बात कही। जिसका हिंदू संगठन के लोगों ने विरोध किया और मुंडाली थाने की मऊ खास चौकी पर हंगामा भी किया था। इस मामले की जांच सीओ किठौर कर रहे हैं।
सीओ के निर्देश पर सोमवार को ताराचंद और उसका धर्मांतरण कराने वाले उस्मान निवासी घोसीपुर खरखौदा के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। सीओ किठौर बृजेश सिंह ने बताया है कि 3/5 उत्तर प्रदेश धर्मांतरण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
ताराचंद की कटवाई थी दाढ़ी
ताराचंद ने दाढ़ी कटवा दी है और उसका कहना है कि उसने सिर्फ नमाज पढ़ी है, इस्लाम कबूल नहीं किया है। गांव के कुछ लोग उस पर धर्मांतरण की बात कहने का जबरन दबाव बना रहे हैं। इससे पहले हिंदू संगठन के लोगों ने जेल में उसके धर्मांतरण का आरोप लगाकर हंगामा किया था।