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कोरोना: जुड़वां इंजीनियर भाइयों की मौत से परिवार तबाह, उजड़ गई दुनिया... बिखर गए सपने, पिता कर रहे थे शादी की तैयारी

Wed, 19 May 2021 07:08 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
सिसकियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। परिवार के एक सदस्य को भूल नहीं पाते कि दूसरे की याद में फिर आंखें नम हो जाती हैं। परिवारों पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है कि इन के दर्द को सिर्फ यही समझ सकते हैं। एक बेटे की शांति के लिए आज यज्ञ कराते हैं तो अगले दिन दूसरे बेटे की श्रद्धांजलि सभा होती है। क्या बीत रही होगी इन परिवारों पर... सोचकर भी कलेजा कांप जाता है। कोरोना महामारी के चलते अपने परिवारों के कई-कई सदस्यों को खोने वाले पत्नी-बेटे-बेटी और बूढ़े मां-बाप को यह दर्द ताउम्र सालता रहेगा। बेबस परिजन बिलखने के अलावा कुछ नहीं कर रहे हैं। रो-रोकर वे बस यही प्रार्थना कर रहे हैं कि जो उनके साथ हुआ वह दुनिया में किसी के साथ भी न हो।

मेरठ छावनी में रहने वाले एक ग्रेगरी रेमंड राफेल के बेटे जोफ्रेड वर्गीज ग्रेगरी और राल्फ्रेड जॉर्ज ग्रेगरी इंजीनियर थे। 23 अप्रैल को दोनों ने अपना 24 वां जन्मदिन मनाया था, लेकिन अगले दिन ही वह कोरोना का शिकार हो गए। 13 और 14 मई को दोनों भाइयों ने दम तोड़ दिया।
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जुड़वां भाइयों के फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
इनके पिता ग्रेगरी रेमंड राफेल का कहना है कि उनका परिवार इस घटना से टूट गया है। अब हम सिर्फ तीन लोग ही परिवार में बच्चे हैं। परिवार ने शुरू में घर पर इलाज किया, यह सोचकर कि बुखार कम हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दोनों को एक मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पहली रिपोर्ट में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई। 10 मई को उनकी दूसरी आरटी-पीसाआर जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी।
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विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
डॉक्टर उन्हें कोविड वार्ड से आईसीयू में ले जाने की योजना बना रहे थे लेकिन 10 मई के बाद फिर तबीयत बिगड़ी और वह दुनिया छोड़कर चले गए। पिता ने बताया कि वह और उनकी पत्नी सेंट थॉमस स्कूल में पढ़ाते हैं। उनके दोनों बेटों ने बीटेक की पढ़ाई की, जिसके बाद अच्छी कंपनियों में दोनों की नौकरी लग गई। 

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अपने माता-पिता के साथ दोनों भाई। - फोटो : amar ujala
बताया गया कि दोनों बेटों के जन्म में सिर्फ तीन मिनट का अंतर था। जिसमें राल्फ्रेड छोटा था, लेकिन अब कोरोना वायरस ने दोनों जुड़वा भाइयों को परिवार से छीन लिया। आनंद अस्पताल में दोनों भाइयों ने आखिरी सांस ली। अस्पताल के मैनेजर मनीष पंडित ने बताया कि दोनों एक मई से ही वेंटिलेटर पर थे।
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विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
प्रियंका गांधी के कार्यालय से आया फोनल जताया दुख 
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के कार्यालय से जुड़वा भाइयों के पिता के पास फोन आया था। प्रियंका गांधी को उनकी मौत का अफसोस है। वह कभी भी फोन कर सकती हैं। मृतकों के पिता ने बताया कि दिसंबर में वह बड़े बेटे जोफ्रेड की शादी करने की तैयारी कर रहे थे।
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