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एनआईए का बड़ा खुलासा, आतंकियों ने पश्चिमी यूपी में ऐसे खड़ा किया था नेटवर्क, ये था मॉड्यूल का नाम

Sun, 23 Jun 2019 01:40 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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एनआईए - फोटो : SELF
नेशनल जांच एजेंसी एनआईए ने दिल्ली और यूपी से गिरफ्तार दस संदिग्धों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करते हुए कई बड़े खुलासे किए हैं। एनआईए के अनुसार आतंकियों के इरादे भारत में आईएस का खलीफा राज लाने के थे। इसके लिए एक खास आतंकी मॉड्यूल तैयार किया गया था जिसे एक खास नाम भी दिया गया था। वहीं आतंकियों ने पश्चिमी यूपी में मेरठ से दो संदिग्धों के जरिए आतंकियों ने अपने खतरनाक नेटवर्क को खड़ा किया था। 
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अबसार के घर पूछताछ करती एनआईए की टीम
एनआईए ने शुक्रवार को एक हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल करते हुए बताया कि गिरफ्तार लोग जिहाद के जरिए भारत में खलीफा राज लाने के साजिश रच रहे थे। इसके लिए वे हथियार और विस्फोटक जमा कर रहे थे। इनका इरादा दिल्ली-एनसीआर में बड़ी वारदातों को अंजाम देना था। इसके लिए जो आतंकी मॉड्यूल तैयार किया गया था उसका नाम था हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लमा।

आतंकियों ने मेरठ महानगर में नईम और अबसार के जरिये नेटवर्क खड़ा किया था। आतंकी संगठन ने हथियार सप्लायरों को मोहरा बनाकर लोगों को जोड़ने का काम शुरू किया था। जिसके चलते एनआईए और एटीएस ने मेरठ में लंबे समय डेरा भी डाला था। कई गोपनीय जानकारी जुटाकर आतंकियों का नेटवर्क तोड़ने के लिए कई लोगों से पूछताछ भी की।
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छापेमारी के दौरान एनआईए की टीम। - फोटो : amar ujala
किठौर थानाक्षेत्र का राधना गांव हथियार बनाने के नाम से बदनाम है। आतंकी संगठन से जुड़े लोग अमरोहा निवासी सुहेल के जरिये राधना निवासी नईम से मिले। नईम और सुहेल आपस में रिश्तेदार बताए गए। नईम ने कई अवैध हथियार संदिग्ध लोगों को उपलब्ध कराए।

जिसके बाद आतंकी संगठन ने मेरठ में अपने पैर फैलाने शुरू किए थे। आरोपियों ने किठौर के एक बाग में ट्रेनिंग सेंटर चलाया। जहां पर युवाओं को जोड़ने का सिलसिला भी चला था। आतंकी किठौर में कई बार हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने के लिए आए थे।

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नईम को लेकर राधना गांव पहुंची थी एनआईए
एनआईए और एटीएस ने सुहेल को गिरफ्तार किया। जिसकी निशानदेही पर नईम को पकड़ा गया। एनआईए ने नईम से पूछताछ कर कई गोपनीय जानकारी जुटाई। उसके बाद एनआईए ने मुंडाली क्षेत्र के जिसौरा गांव से अबसार को गिरफ्तार किया। अबसार अमरोहा की एक मस्जिद में मौलाना था। उसकी भूमिका संदिग्ध थी। एनआईए-एटीएस ने अबसार से भी काफी जानकारी जुटाई। इसके अलावा राधना और जिसौरा के कई लोगों से पूछताछ की।

लिसाड़ीगेट में खंगाला रिकॉर्ड
आतंकियों से जुड़े नईम और अबसार की गिरफ्तारी के बाद एनआईए व एटीएस ने करीब एक महीने तक मेरठ में डेरा डाला। लिसाड़ीगेट में कई लोगों से पूछताछ की। सुरक्षा एजेंसियों ने लोकल पुलिस से किनारा बनाए रखा। दबिश के दौरान ही उनको इस्तेमाल किया गया।
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अमरोहा में एनआईए - फोटो : अमर उजाला
युवाओं को बनाया था निशाना
आतंकी अपने संगठन में जोड़ने के लिए युवाओं को अपना निशाना बना रहे थे। किठौर में नईम के जरिये ही कई बार मीटिंग भी हुई। लोगों को पैसा का लालच देकर गोपनीय जानकारी जुटाने की बात कही। हालांकि एनआईए और एटीएस ने इन दोनों लोगों के अलावा तीसरे युवक की भूमिका नहीं बताई। एनआईए व एटीएस की कार्रवाई से किठौर में कई संदिग्ध लोग घरों से चले गए थे।
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