सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम, भारतीय वायुसेना
- फोटो : सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम, एक्स हैंडल
तिरंगे के रंगों से सजेगा मेरठ का आसमान
इस बार प्रदर्शन का एक खास आकर्षण विमानों से निकलने वाला रंगीन धुआं होगा। हॉक एमके-132 विमानों में भारतीय वायु सेना के नासिक स्थित बेस रिपेयर डिपो में विकसित किए गए स्मोक पॉड्स लगाए गए हैं। इनकी मदद से विमान आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग के धुएं की लकीरें छोड़ सकेंगे।
1996 में बनी थी सूर्यकिरण टीम
सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का गठन 1996 में हुआ था। टीम ने देशभर में 800 से अधिक प्रदर्शन किए हैं। इसके अलावा चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर, यूएई और दुबई के एयर शो में भी भारतीय वायु सेना की पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन किया है।
टीम को भारतीय वायु सेना का ‘एंबेसडर’ भी कहा जाता है। सूर्यकिरण के प्रदर्शन के जरिए युवाओं को वायु सेना और रक्षा सेवाओं में करियर के लिए प्रेरित किया जाता है।