1800 साल पुरानी मूर्ति मिली
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ग्राम प्रधान एवं भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष मोहित ने बताया कि विवि से आई इतिहासकारों की टीम का शुभम पंवार, चेतन पंवार, संदीप शर्मा, महेश शर्मा, राकेश चौहान, अमन पाल, सोनू पाल, राहुल आदि ने विरोध किया। विवि की टीम ने ग्रामीणों को समझाया कि प्राचीन धरोहर को अगर सही जगह नहीं पहुंचाया गया तो उसके चोरी होने का डर है। अगर यह मूर्ति विवि के इतिहास संग्रहालय में रखी जाए तो शोध विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। इस पर भी ग्रामीण नहीं माने। उन्होंने विरोध जताया तो विवि की टीम लौट गई। विवि के इतिहास विभाग के प्रोफेसर विघ्नेश त्यागी ने कहा कि मूर्ति के पत्थर की जांच के बाद ही उसकी सही उम्र का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रथमदृष्टया यह राजा कनिष्क के काल की समझ आ रही है।