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EXCLUSIVE: इनाम के रुपयों से शौक नहीं पिता का कर्ज चुकाएंगे सौरभ चौधरी, सांझा किए 'सपने'

Fri, 05 Oct 2018 03:16 PM IST
अश्वनी जौहरी, अमर उजाला, मेरठ
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शूटर सौरभ चौधरी - फोटो : अमर उजाला
जिस उम्र में पैसा हाथ में आने पर युवा बाइक या अन्य शौक पूरे करने को मचल उठते हैं। वहीं, ये युवा ऐसे हैं जो उन सपनों को पूरा करने की तैयारी में हैं जो अकेले उनके नहीं, पूरे परिवार के हैं। उन्हें यह ख्याल है कि यह पैसा उन्होंने कितनी मेहनत से कमाया है...
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सौरभ चौधरी
बात ऐसे युवा खिलाड़ियों की हो रही है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय फलक पर देश का नाम रोशन किया है। प्रतियोगिताओं में मेडल जीते हैं और अब प्रदेश सरकार ने लखनऊ में इन्हें सम्मानित किया है। सभी को इनाम स्वरूप धनराशि मिली है। इसके बाद मानो इन खिलाड़ियों के सपनों को नए पंख लग गए। मेरठ के खिलाड़ियों ने यहां भी एक अलग मिसाल पेश की है। ‘अमर उजाला’ ने जब खिलाड़ियों से बात की तो उन्होंने पूरे उत्साह के साथ अपनी खुशियों और सपनों को सांझा किया।
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सौरभ चौधरी शूटर - फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले पिता का कर्ज चुकाएंगे
जकार्ता एशियन खेलों में 10 मीटर एयर पिस्टल में देश को स्वर्ण पदक दिलाकर मान बढ़ाने वाले सौरभ चौधरी अब अगले लक्ष्य की ओर बढ़ चले हैं। उन्हें सरकार की ओर से 50 लाख के इनाम की घोषणा की गई है। सौरभ को अर्जेंटीना में 6 अक्टूबर से शुरू हो रहे युवा ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करना है। यहां से लौटने के बाद वह अपनी इनामी राशि लेने लखनऊ जाएंगे। यहां तक का सफर तय करने के लिए सौरभ चौधरी को ही नहीं उनके परिवार को भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। सौरभ का शूटर बनने का सपना माता-पिता को पूरा करना था। इसलिए आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण परिवार को बैंक से लोन लेना पड़ा। सौरभ अपनी इस धनराशि से सबसे पहले पिता का कर्ज चुकाएंगे। पिता जगमोहन का कहना है कि महंगाई के इस दौर में हर जरूरत को पूरा कर पाना संभव नहीं है। सौरभ को उसकी जरूरत की हर चीज मिले, ताकि वह देश का मान बढ़ाए।

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पिता को सौंप दिया चेक
एशियन खेलों में बैडमिंटन टीम का हिस्सा रहे मेरठ के मनु अत्री को प्रदेश सरकार ने पांच लाख रुपये का चेक प्रदान किया है। बुधवार को चेक मिलने के बाद मनु अत्री हैदराबाद रवाना हो गए। मनु को यह पुरस्कार सैफ खेलों में दो स्वर्ण और एक सिल्वर पदक मिलने के कारण भी दिया है। मनु अत्री को 2016 ओलंपिक में प्रतिभाग करने के लिए सरकार की ओर से 10 लाख रुपये का चेक दिया गया था। प्रदेश सरकार से मिले 5 लाख के चेक को मनु ने अपने पिता को सौंपा दिया, लेकिन पिता राजाराम ने उस चेक को बेटे को लौटा दिया। उनका मानना है कि मनु को इस पैसे की सबसे अधिक जरूरत है। 2010 के लक्ष्य को साधने के लिए मनु अत्री कड़ा अभ्यास शुरू कर चुके हैं। वह इस पैसे को मनु अत्री के अभ्यास में सामने आने वाली जरूरतों को पूरा करने में खर्च करेंगे। वह मानते हैं कि एक खिलाड़ी के लिए देश की ओर से प्रतिनिधित्व करना भी बड़ी बात है।
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दिव्या काकरान - फोटो : अमर उजाला
माता-पिता का घर का सपना पूरा करेंगी
मूलरूप से मुजफ्फरनगर की रहने वालीं कुश्ती खिलाड़ी दिव्या काकरान वर्तमान में लोनी बॉर्डर से सटे ग्राम गोकुलपुर में किराए के मकान में परिवार के साथ रह रही हैं। माता-पिता ने सिलाई का काम कर दिव्या के हर सपने को पूरा किया। खुद का घर न होने की टीस मन में हमेशा रही। प्रदेश सरकार से मिले 30 लाख के चेक ने दिव्या के परिवार का मानों सपना ही पूरा कर दिया। दिव्या का कहना है कि वह इस राशि से दिल्ली में खुद का घर खरीदकर माता-पिता को तोहफे के रूप में देंगी। इससे पहले उन्हें 2010 में अंबाला में संपन्न हुए दंगल में भारत केसरी का खिताब और 10 लाख का नकद इनाम मिला था। चेक मिलने के बाद दिव्या ने सबसे पहले अपने माता-पिता को सूचना दी। भाई देव काकरान भी साथ रहा।
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शार्दुल विहान
खेल की जरूरत पर करेंगे खर्च
डबल ट्रैप शूटिंग में देश को रजत पदक दिलाने वाले शार्दुल विहान प्रदेश सरकार से मिले पुरस्कार से खासे उत्साहित हैं। वह देश के लिए और पदक जीतना चाहते हैं। शार्दुल अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को देते हैं। परिवार आर्थिक रूप से संपन्न है। इसलिए वह अपनी 30 लाख की इनामी धनराशि को खेल की जरूरतों पर ही खर्च करेंगे। शार्दुल का कहना है कि सरकार से इनामी राशि मिलने के बाद उनका हौसला कई गुना बढ़ा है। अभी तक वह डबल ट्रैप प्रतिस्पर्धा में शिरकत करते रहे हैं। अब वह ट्रैप की तैयारी शुरू करेंगे। उन्हें दिल्ली आना-जाना पड़ता है। इसलिए उनका प्रयास यही होगा कि वहीं रहकर वह अपनी तैयारियों को अंजाम दें। यदि सरकार इसी तरह खिलाड़ियों का मान बढ़ाये तो देश में पदकों की झड़ी लगेगी।
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रवि कुमार शूटिंग
इनाम की राशि माता-पिता को दी
18वें एशियन खेलों में 10 मीटर एयर राइफल के मिक्स मुकाबले में कांस्य पदक जीत देश का मान बढ़ाने वाले रवि कुमार मवाना के भैंसा गांव में रहने वाले एक साधारण परिवार से हैं। बुधवार को योगी आदित्यनाथ सरकार ने रवि कुमार को 25 लाख रुपये का चेक देकर सम्मानित किया। घर लौटते ही रवि ने चेक अपने माता-पिता के हाथों में सौंप उनका आशीर्वाद लिया। उनका कहना है कि यहां तक पहुंचाने में उनके माता-पिता का बहुत बड़ा योगदान है। हर खिलाड़ी का सपना बड़ी उपलब्धि पाना होता है। उनका यह सपना उनके माता-पिता ने पूरा किया और जब भी, जिस चीज की भी जरूरत पड़ी, उन्हें उपलब्ध करायी गयी। उनका परिवार जहां चाहेगा, इस पैसे को खर्च करेगा। फिलहाल खुद पर पैसा खर्च करने का उनके पास समय नहीं है। ओलंपिक की तैयारियों में जुट गये हैं।

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