फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्रिकेट छोड़ निशानेबाजी में बनाया विश्व रिकॉर्ड, शार्दुल के गांव में ढोल-नगाड़ों पर डांस, तस्वीरें

Thu, 23 Aug 2018 10:13 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 10
शार्दुल विहान की मां और गांव में खुशी मनाते परिजन - फोटो : अमर उजाला
क्रिकेट में अपना करियर बनाने की तलाश में निकले शार्दुल विहान को आज पूरी दुनिया जान गई है। खास बात यह है कि सिर्फ एक अंक से शार्दुल गोल्ड पर निशाना लगाने से चूक गए। वह किसान के बेटे हैं और उसने चार साल की मेहनत के बाद देश का नाम गर्व से ऊंचा किया है। शार्दुल के गांव में ढोल-नगाड़ों पर जश्न और जमकर डांस। देखें तस्वीरें:- 
विज्ञापन

2 of 10
शार्दुल विहान - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि शार्दुल क्रिकेट में अपना करियर बनाना चाहता था। वह एक साल तक विक्टोरिया पार्क में प्रैक्टिस करने गया। लेकिन उसके बाद अचानक शार्दुल ने ट्रैक बदल दिया और वह निशानेबाजी में अपना करियर तराशने लगा।
विज्ञापन

3 of 10
शार्दुल विहान - फोटो : अमर उजाला
शार्दुल ने चार साल तक कड़ी मेहनत की। जिसका परिणाम आज शार्दुल के परिवार सहित पूरे देश को मिल गया। शार्दुल की जीत पर पूरा देश खुश है और उसके पैतृक गांव में खुशी का माहौल है।

4 of 10
शार्दुल विहान का परिवार - फोटो : अमर उजाला
वहीं शार्दुल के माता-पिता को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। शार्दुल के माता पिता बेहद हैं और उनका कहना है कि बेटा हर रोज कई घंटे प्रैक्टिस करता था।
विज्ञापन

5 of 10
शार्दुल विहान का परिवार - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में मोदीपुरम के सिवाय गांव निवासी शार्दुल विहान ने जकार्ता में चल रहे एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया है। किसान परिवार से निकले दीपक विहान के पुत्र शार्दुल विहान ने अपना निशाना लगाकर सिल्वर मेडल जीत लिया, जबकि वह एक पॉइंट से गोल्ड मेडल से चूक गया।
विज्ञापन

6 of 10
शार्दुल विहान - फोटो : अमर उजाला
डबल ट्रैप शूटर शार्दुल गोल्ड का दावेदार था, लेकिन अंतिम समय में एक पॉइंट से छूटने पर सिल्वर से ही संतुष्ट होना पड़ा। सिल्वर मिलने के साथ शार्दुल ने कम उम्र में 141 पॉइंट का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जो अभी तक किसी खिलाड़ी के नाम नहीं है।
विज्ञापन

7 of 10
शार्दुल विहान की मां - फोटो : अमर उजाला
फाइनल में जिस खिलाड़ी से शार्दुल का मुकाबला चल रहा था उसका अनुभव भी शार्दूल की उम्र से ज्यादा था। शार्दुल विहान पल्लवपुरम स्थित दयावती मोदी एकेडमी में कक्षा 10 का छात्र है और ब्लैडर शूटिंग रेंज द्रोणाचार्य मैं प्रैक्टिस कर रहा था।

8 of 10
शार्दुल विहान
शार्दुल ने कुछ समय पहले जूनियर और सीनियर में भी मेडल जीता था। शार्दूल विहान को मेडल मिलने पर सिवाय गांव में ढोल-नगाड़ों के साथ परिवार के सदस्य और ग्रामीण जश्न मना रहे हैं।

9 of 10
शार्दुल विहान
शार्दुल के पिता दीपक का कहना है कि शुरुआत में उसने एक साल क्रिकेट खेला फिर बैडमिंटन खेला लेकिन उसके बाद 2014 से शूटिंग में अपनी किस्मत आजमाई। वह अर्जुन अवार्डी अनवर सुल्तान के निर्देशन में शूटिंग के गुर सीख रहा था।
विज्ञापन

10 of 10
शार्दुल विहान
शुरुआत में आ गया था लेकिन अंतिम क्षणों में पिछड़ने के कारण उसे सिल्वर मेडल से ही संतुष्ट होना पड़ा। उसका कहना है कि वह ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड लेकर नाम रोशन करेगा।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें