पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश से बिजनौर जनपद में गंगा यमुना समेत कई नदियां उफान पर हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण तटवर्ती मैदानों में बाढ़ के आसार बन रहे हैं। भारी वर्षा के चलते मालन, लकड़हान, सूखा, कोटावाली आदि नदियों का जलस्तर बढ़ गया।
मालन नदी के उफान ने जहां कृषिभूमि का कटान कर किसानों को नुकसान पहुंचाया है। वहीं रविवार को कई गांव से संपर्क कटा रहा। तेज बहाव के कारण कई जगह तटबंध टूटने से पानी ग्रामीण इलाकों तक पहुंच गया। देखें कैसे नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों में लोगों को उठानी पड़ रही हैं मुसीबतें: -
विज्ञापन
2 of 8
तटबंध बनाते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
कटान रोकने को लगवाई बल्लियां बहीं
मंडावर गांव फतेहपुर सभाचंद के पास गंगा का कटान लगातार जारी है। प्रशासन की ओर से सात अगस्त का कटान रोकने के लिए लकड़ियों की बल्लियों की अप्रोच लगवाई गई थी। ग्रामीणों के अनुसार इनमें से कुछ दो तीन दिन बाद ही बह गई थी। सिंचाई विभाग के संविदाकर्मी दयानंद का कहना है कि कटान रोकने के लिए रोज तटबंध बनाया जाता है, लेकिन तेज बहाव होने के कारण बह जाता है। ग्रामीणों की मदद से कटान रोकने के लिए झाड़ी गिराई जा रही हैं।
उधर, गांव नारायणपुर में बारिश से जलभराव होने से आवागमन में ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार ग्राम प्रधान से सड़क को ऊंचा कराने के लिए कहा गया, लेकिन ग्राम प्रधान ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। क्षेत्रीय लोगों को बरसात में हर बार गंगा के कटान से समस्या झेलने को मजबूर होना पड़ता है।
विज्ञापन
3 of 8
उफान पर नदियां
- फोटो : अमर उजाला
बढ़ापुर कस्बे का संपर्क कई गांवों से कटा
बढ़ापुर कस्बा तीन ओर से नदियों से घिरा है और कस्बे के समीप बहने वाली नदियों का जलस्तर पर्वतीय क्षेत्रों में हुई वर्षा पर निर्भर करता है। बीती रात्रि पर्वतीय क्षेत्रों में हुई वर्षा से कस्बे के समीप की गुलाह, पहाड़ा व नकटा नदी का जल स्तर इतना बढ़ा कि रविवार को कस्बे का संपर्क क्षेत्र के दर्जन गांवों से पूरे दिन कटा रहा।
4 of 8
जलस्तर बढ़ने से हो रहा भूमि कटान
- फोटो : अमर उजाला
कृषि भूमि के कटान से किसानों की चिंता बढ़ी
भारी वर्षा के चलते नजीबाबाद क्षेत्र में मालन, लकड़हान, सूखा, कोटावाली आदि नदियों का जलस्तर बढ़ गया। मालन नदी के उफान ने जहां कृषिभूमि का कटान कर किसानों को नुकसान पहुंचाया है, वहीं कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ने से भारी वाहनों का आवागमन कोटावाली रपटे से ठप हो गया।
मालन नदी ने घुमाव क्षेत्र खैरुल्लापुर व शाहपुरा की तटीय कृषिभूमि का तेजी से कटान करते हुए नुकसान पहुंचाया है। मालन नदी के बढ़ते जलस्तर ने बीरुवाला, चंदनपुरा, जसवंतपुर, चौगांवा, कछियाना, पाईबाग के नदी तटीय क्षेत्र की कृषिभूमि और फसल को नुकसान पहुंचाया है।
विज्ञापन
5 of 8
नदी का बढ़ता जलस्तर
- फोटो : अमर उजाला
खो नदी में बह गया चरवाहा
बढ़ापुर क्षेत्र में रविवार शाम ग्राम भाऊवाला निवासी एक पशु चरवाहा श्याम सिंह (55) खो नदी पार करते समय अचानक आए पानी में बह गया। वापसी के समय श्याम सिंह खो नदी में पानी उतरने की प्रतीक्षा करने लगा। काफी समय प्रतीक्षा के बाद पानी कम होने के आभास पर चरवाहा खो नदी में पशु लेकर उतर गया।
ग्रामीणों ने बताया कि श्याम सिंह अपने साथ बड़े पशुओं को नदी पार करा चुका था इसके बाद दोबारा में छोटे पशुओं लेकर नदी पार कर रहा था कि खो नदी के पानी में तेज बहाव आ गया और नदी के पानी के साथ बह गया। सूचना पर खो नदी किनारे पहुंचे ग्रामवासी चरवाहे की तलाश में लगे हैं।
विज्ञापन
6 of 8
उफान पर नदी
- फोटो : अमर उजाला
कोटावाली में उफान, रपटे से आवागमन ठप
भागूवाला में कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़कर कोटावाली रपटे के ऊपर तेज रफ्तार से बह रहा है। पुलिस प्रशासन ने रपटा क्षेत्र से गुजरने वाले भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया। थानाध्यक्ष संदीप त्यागी के निर्देशन में पुलिस ने रोडवेज बस सहित भारी वाहनों का भागूवाला- पूर्वी गंग नहर चंदक शाखा बाईपास मार्ग से रूट डायवर्ट किया है।
रूट डायवर्ट होने से भारी वाहनों को नजीबाबाद-हरिद्वार आवागमन में करीब छह किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। 2017 में कोटावाली नदी पुल में तकनीकी खराबी आने से उसे भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया था। हालांकि दुपहिया व छोटे वाहनों का नदी पुल से आवागमन जारी है।
विज्ञापन
7 of 8
चट्टानें गिरने से सैंडिल बांध मार्ग बंद
- फोटो : अमर उजाला
पेड़ और चट्टानें गिरने से सैंडिल बांध मार्ग बंद
कालागढ़ में हो रही बारिश के चलते कई स्थानों पर पेड़ गिर गए। वहीं, सैंडिल बांध मार्ग पर पेड़ों के साथ चट्टानें भी टूट कर गिरीं, जिसके चलते सैंडिल बांध मार्ग बंद हो गया। शनिवार की रात से हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। केंद्रीय कालोनी में रामगंगा मार्केट के सामने मार्ग पर पेड़ टूटकर बिजली के तारों पर गिर गया, जिससे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
सैंडिल बांध मार्ग पर तीन स्थानों पर चट्टानों के टुकड़े टूटकर बिखर गए। पेड़ भी गिर गए। मार्ग पर सरकारी विभागों के वाहनों का आवागमन ठप हो गया। मौके पर पहुंचे अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि अभी तीन स्थानों से मार्ग बंद हुआ है। जारी बारिश के कारण ऊपर से मलबा गिरने का खतरा रहता है। फिर भी किसी तरह से जेसीबी लगाकर रास्ता खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
खेतों में भरा पानी, निचले इलाकों में जलभराव
भारी बारिश से खेत और खलिहान जलमग्न हो गए। वहीं नगर में निचले हिस्से में जलभराव की स्थिति पैदा होने से लोगों को परेशानी हुई। लोगों का कहना है कि नगर पालिका बरसात शुरू होने से पहले नालों की अपेक्षा अनुरूप सफाई करा देती तो समस्या पैदा नहीं होती।
गांव भवानीपुर तरकौला के अलावा चकरपुर, पॉटी, मोरना आदि गांवों के किसानों का कहना है कि बारिश से फसलें जलमग्न हो गई हैं। कालागढ़ रोड पर टीचर्स कालोनी के सामने एनएच 74 पर बारिश में सड़क पर भारी कीचड़ होने से वाहनों व राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी।