मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में पोस्टमार्टम हाउस कर्मचारी अशोक कुमार की कोर्ट में गवाही हुई। नीला ड्रम काटते वक्त मिले बैगों में सिर, उस्तरा और पन्नी में हाथों के पंजे मिले। कोर्ट ने पांच पन्नों में बयान दर्ज किए।
मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर में हुए सौरभ हत्याकांड के मामले में शुक्रवार को जिला कोर्ट में अहम गवाही हुई। पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारी अशोक कुमार ने इस हत्याकांड में कई अहम राज खोले। पांच पन्नों में अशोक के बयान दर्ज किए गए।
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Meerut saurabh murder case
- फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारी ने बताया कि सौरभ हत्याकांड मामले में उसे नीला ड्रम काटने का निर्देश मिला। मौके पर पहुंचकर उसने अपने काम शुरू किया। करीब 30 मिनट में नीला ड्रम काटा। ड्रम तोड़ने पर उसमें तीन हिस्सों में बंटी हुई लाश मिली।
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saurabh murder case
- फोटो : अमर उजाला
बैग में सिर और उस्तरा, पन्नी में हाथ
अशोक ने कोर्ट को बताया कि ड्रम से दो बैग निकले। एक बैग में सौरभ का कटा हुआ सिर था, जबकि दूसरे बैग में उस्तरा रखा था। इसके अलावा काली पन्नी में हाथों के पंजे बरामद हुए। सबसे खौफनाक दृश्य यह था कि सौरभ की आंखों और कानों में सीमेंट भरा हुआ था।
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Saurabh Murder
- फोटो : अमर उजाला
पांच पन्नों में दर्ज हुई गवाही
कोर्ट ने कर्मचारी अशोक की गवाही को पांच पन्नों में दर्ज किया। आरोपी मुस्कान और साहिल की पैरवी कर रही वकील रेखा जैन ने अशोक से कई सवाल किए—ड्रम कब और कैसे काटा गया, अंदर लाश की स्थिति कैसी थी। सभी सवालों के जवाब अशोक ने विस्तार से दिए।
पुलिस ने कही सख्त सजा दिलाने की बात
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने कहा कि पोस्टमार्टम कर्मचारी की गवाही पूरी हो चुकी है। अब अगली गवाही पंचायतनामा भरने वाले एसआई धर्मेंद्र गौड़ की होगी, जिन्हें 30 सितंबर को कोर्ट में तलब किया गया है। पुलिस का दावा है कि इस केस में ठोस सबूत और मजबूत पैरवी से मुस्कान और साहिल को सख्त सजा दिलाई जाएगी।