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हादसा: तीन परिवारों की उजड़ी खुशियां, किसी का इकलौता बेटा छिना, बिलखते पिता बोले-उसकी मां को क्या जवाब दूंगा

Mon, 19 Oct 2026 12:14 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर थार हादसे में तीन युवकों की मौत से परिवारों में मातम है। राहुल, सक्षम और साहिल के परिजनों ने आखिरी बातचीत और बेटे को खोने का दर्द बयां किया।

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युवकों के फाइल फोटो, विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
दशहरे की छुट्टियों में दोस्तों के साथ घूमने की खुशी और जल्द लौट आने का भरोसा तीन परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दुख बन गया। मसूरी घूमने जा रहे पांच दोस्तों की थार कार रास्ते में हादसे का शिकार हो गई। इस हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। किसी मां की गोद सूनी हो गई तो किसी पिता के बुढ़ापे का सहारा छिन गया। मृतकों में एक ऐसा बेटा भी था, जो अपने परिवार की इकलौती उम्मीद था।

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विलाप करते सक्षम के पिता - फोटो : अमर उजाला
राहुल के पिता को याद आ रही आखिरी बातचीत
राहुल के पिता गोपाल सिंह को बेटे से हुई आखिरी बातचीत अब भी याद आ रही है। उन्होंने बताया कि राहुल शनिवार दोपहर कार लेकर घर से निकला था। रात करीब आठ बजे उन्होंने फोन किया तो राहुल ने कहा कि वह अभी घर आ रहा है। कुछ देर बाद बेटे का फिर फोन आया। उसने बताया कि वह घूमने जा रहा है। पिता ने घर लौटने के लिए कहा, लेकिन राहुल नहीं माना।

पिता को क्या पता था कि बेटे से हुई यह बातचीत उनकी आखिरी यादों में शामिल हो जाएगी। कुछ देर बाद कमला नगर में रहने वाले भतीजे ने फोन कर राहुल के एक्सीडेंट की खबर दी। राहुल पांच भाई-बहनों में से एक था और निजी डॉक्टर के यहां कंपाउंडर का काम करता था। हादसे की खबर से परिवार गहरे सदमे में है।
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राहुल का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सक्षम तीन दिन की छुट्टी लेकर दोस्तों के साथ निकला था
सक्षम के पिता राजेंद्र गौतम के लिए भी बेटे के साथ बिताए आखिरी पल भुला पाना आसान नहीं है। उन्होंने बताया कि सक्षम दो बेटों में बड़ा था। शनिवार को ड्यूटी से घर लौटने पर सक्षम ने बताया कि उसे तीन दिन की छुट्टी मिली है और वह मसूरी घूमने जा रहा है। शाम करीब सात बजे वह दोस्तों के साथ निकल गया।

परिवार को उम्मीद थी कि छुट्टियां बिताकर बेटा लौट आएगा, लेकिन रविवार सुबह फोन पर हादसे की खबर मिली। सक्षम सन फार्मा क्लासिक कंपनी में एरिया मैनेजर था। बेटे के भविष्य को लेकर परिवार ने जो सपने संजोए थे, हादसे ने उन पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया।

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सक्षम का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
साहिल परिवार का इकलौता बेटा था
साहिल के मौसा ब्रह्मनंद ने बताया कि साहिल के पिता बीएसएफ में अधिकारी हैं और वर्तमान में उनकी तैनाती बंगलूरू में है। साहिल अपनी मां और बहन के साथ दिल्ली में रहता था। वह परिवार का इकलौता बेटा था।

साहिल के अचानक चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस बेटे को परिवार ने बड़े अरमानों से पाला था, उसके जाने से उनकी दुनिया उजड़ गई।
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साहिल का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बेटे की मौत से टूटे पिता, बोले- मां को क्या जवाब दूंगा
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर नागल के पास थार कार के डिवाइडर से टकराने के बाद राहुल की मौत ने उसके पिता को तोड़कर रख दिया। जिला अस्पताल में बेटे को खोने के गम में बिलखते पिता के मुंह से निकला, ‘अब उसकी मां को क्या जवाब दूंगा।’ पिता के आंसू और उन्हें संभालते परिजनों का मंजर देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
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