जहरीली शराब केस
सबके दावे अलग-अलग
पुलिस प्रशासन का दावा है कि शराब में जहरीला पदार्थ मिलाया गया, या फिर शराब का स्वाद तीखा करने के लिए मीठा जहर मिलाया गया, जोकि जानबूझकर तेरहवीं में लोगों को बांटी गई। यह साजिशन वारदात हो सकती है, जिसकी जांच चल रही है। जबकि आबकारी विभाग के अधिकारी दावा करते कि अवैध तरीके से बनाई जा रही कच्ची शराब बांटी गई, जिसको पीने से लोगों की मौत हुई है। कच्ची शराब में इथाइल और मिथाइल की मात्रा कितनी प्रयोग करनी है, यह शायद कच्ची शराब बनाने वालों को नहीं पता था। यह वजह भी हो सकती है।