Yogesh Rohila News: सहारनपुर में पत्नी और तीन बच्चों के कातिल योगेश की जेल में बेचैनी से रातें कट रही हैं। जेल प्रशासन 24 घंटे निगरानी रख रहा है। सरकारी अधिवक्ता मुहैया कराने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र लिखा गया है।
UP Crime News: सहारनपुर के थाना गंगोह इलाके के सांगाठेड़ा गांव में जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाले योगेश रोहिला की जेल के अंदर बेचैनी में रात कट रही है। जेल प्रशासन उस पर 24 घंटे निगरानी रख रहा है। क्योंकि उसने बेचैनी और तनाव का बहाना बनाया है। उसे सरकारी अधिवक्ता मुहैया कराने के लिए जेल प्रशासन ने विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र लिख दिया है।
दरअसल, 22 मार्च को सांगाठेड़ा गांव में योगेश रोहिला ने पत्नी नेहा, बेटी श्रद्धा, बेटों देवांश व शिवांश को गोली मार दी थी। तीन बच्चों की उसी दिन मौत हो गई थी, जबकि पत्नी ने घटना के तीसरे दिन चंडीगढ़ पीजीआई में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के बाद योगेश रोहिला को जेल भेज दिया था। उसे बैरक नंबर 10 में रखा है।
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saharanpur murder
- फोटो : अमर उजाला
जेल प्रशासन के अनुसार, जब से योगेश जेल में आया है तब से बेचैन है। तनाव का बहाना बना रहा है। इसलिए जेल प्रशासन उस पर 24 घंटे निगरानी रख रहा है। उसकी आठ से दस दिन तक निगरानी रखी जाएगी। बाद में उसे जेल में ही काम उसके आवंटित कर दिया जाएगा। जेल में सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, लकड़ी आइटम बनाने और पाकशाला में खाने बनाने का काम होता है। चर्चा है कि इनमें से योगेश को काम दिया जाएगा। उधर, जेल अधीक्षक सत्य प्रकाश ने बताया कि योगेश ने सरकारी अधिवक्ता मुहैया कराने की मांग की गई थी। हमने विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र लिख दिया है।
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गांव सांगाठेडा में योगेश रोहिला के घर के बाहर खड़े ग्रामीण ओर रिश्तेदार
- फोटो : संवाद
ग्रामीणों का एलान, आरोपी योगेश की पैरवी करने वालों का होगा बहिष्कार
वहीं, सांगाठेड़ा गांव में अंतिम संस्कार से पहले ग्रामीणों ने बैठक कर आरोपी की पैरवी करने वाले व्यक्ति के बहिष्कार का एलान कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि गांव का जो भी व्यक्ति आरोपी योगेश की पैरवी करेगा उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। गांव में नेहा का शव पहुंचने से पहले चौधरी मांगेराम के आवास पर बैठक हुई। इसमें एकत्रित ग्रामीणों में जसबीर सिंह, सपा के जिला पंचायत सदस्य जिशान चौधरी, नीरज कुमार, राजपाल सिंह, संदीप कुमार, नीटू शर्मा आदि शामिल हुए।
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पत्नी और बच्चों के साथ भाजपा नेता योगेश
- फोटो : अमर उजाला
बैठक में निर्णय लिया गया कि तीनों बच्चों व पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी योगेश को कड़ी सजा दिलाई जाए। इसके लिए पूरा गांव मिलकर प्रयास करेगा। गांव से कोई भी व्यक्ति उसकी पैरवी में शामिल नहीं होगा। अगर कोई व्यक्ति उसकी पैरवी करता है तो सभी सार्वजनिक कार्यों से बहिष्कार किया जाएगा। ऐसे व्यक्ति के घर न कोई आएगा और न ही कोई जाएगा। ग्रामीणों ने आरोपी द्वारा नेहा के चरित्र पर लगाए गए आरोपों का भी खंडन किया। कहा कि नेहा धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थी। साजिश के तहत उसे बदनाम किया गया।
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पत्नी और बच्चों के साथ बैठा योगेश
- फोटो : सोशल मीडिया
लोहे के तसले लेकर घर में घुसे थे पुलिसकर्मी
चौहरे हत्याकांड के बाद आक्रोश के साथ खौफ का माहौल भी बना हुआ है। पड़ोसियों ने उस दिन की दिल दहला देने वाली घटनाओं का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि योगेश की लाइसेंसी पिस्टल का खौफ इतना था कि पुलिसकर्मी भी खुद को बचाने के लिए पड़ोसियों से लोहे के तसले लेकर उसके घर में घुसे थे। ग्रामीणों ने बताया कि जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो योगेश के हाथ में पिस्टल थी। किसी भी अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिसकर्मी पड़ोसियों के घरों से लोहे के तसले मांगकर अपनी ढाल बनाते हुए घर में दाखिल हुए।
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घायल नेहा को जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज लेकर जाते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
51 घंटे बाद जिंदगी की जंग हार गई नेहा
सहारनपुर के सांगाठेड़ा गांव में तीन बच्चों की चिताएं अभी ठंडी नहीं हुई थीं कि उनकी मां नेहा ने भी दम तोड़ दिया। 51 घंटे तक नेहा जिंदगी के लिए अस्पताल में लड़ती रही। दो दिन से चंडीगढ़ पीजीआई में इलाज चल रहा था। देर रात सांगाठेड़ा गांव में शव पहुंचा। 22 मार्च को सांगाठेड़ा गांव में भाजपा नेता योगेश रोहिला ने शक व गुस्से में अपनी पत्नी नेहा, बेटी श्रद्धा, बेटों देवांश व शिवांश को गोली मार दी थी। सभी के सिर में गोली मारी गई थी। श्रद्धा, देवांश व शिवांश की मौत हो गई थी, जबकि उनकी मां नेहा को जिला अस्पताल से गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था।
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गंगोह सीएचसी में योगेश की पत्नी नेहा को उपचार के लिए स्टेचर पर लेकर जाते स्वास्थ्यकर्मी
- फोटो : संवाद
परिजनों ने उसे चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती कराया था। वहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का काफी प्रयास किया। नेहा पीजीआई में वेंटिलेटर पर थी। उसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था और उसकी हालत स्थिर बनी हुई थी। करीब 51 घंटे तक तक मौत से जूझने के बाद सोमवार शाम नेहा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। गांव में खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। नेहा की बहन रीना और रश्मि का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग दोनों बहनों को सांत्वना दे रहे हैं।
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गांव में बच्चों के शव आने के बाद विलाप करती महिलाएं और परिजन
- फोटो : संवाद
नेहा की दादी बोली- उसे तो फांसी होनी चाहिए
मेरी नेहा ने किसी का क्या बिगाड़ा था। उन मासूम बच्चों का क्या कसूर था जो इतनी बेरहमी से इन सबकी जान ले ली। उनके हत्यारे को तो फांसी होनी चाहिए। यह कहना था कैराना तीतरवाड़ा चुंगी पर रहने वाली नेहा की दादी शकुंतला का। आंखों से आंसू लिए बुजुर्ग दादी का बुरा हाल है। शनिवार को नगर के तीतरवाड़ा चुंगी निवासी रजनीश रोहिला की बहन नेहा और उसके बच्चों शिवांश, देवांश व श्रद्धा को नेहा के पति योगेश निवासी गांव सांगाठेडा थाना गंगोह जनपद सहारनपुर ने लाइसेंसी पिस्टल से गोली मार दी थी। तीनों मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि सिर में गोली लगने से नेहा गंभीर रूप से घायल थी। वह चंडीगढ़ पीजीआई में जिंदगी के लिए जंग लड़ रही थी। उसके परिजन भी वहां मौजूद थे।
नेहा के भाई की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज किया केस
कैराना निवासी रजनीश की तहरीर पर गंगोह पुलिस ने हत्यारोपी जीजा योगेश के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। भाई रजनीश का कहना है कि जीजा ने मेरी बहन के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। इसके साथ ही बहन के बच्चों को भी गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया। रजनीश ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।