सहारनपुर समाचार: सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद शहर काजी नदीम अख्तर ने मीडिया को दिए बयान में बताया कि मस्जिद को ध्वस्त करने पर मुस्लिम ही नहीं हिंदू भी दुखी है। उन्होंने कहा कि मस्जिद की लड़ाई कानून के अनुसार ही लड़ी जाएगी। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पांच सितंबर की सुबह कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया था। सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद निर्माण को सरकारी जमीन पर अवैध घोषित किया था। मस्जिद समिति की पहली अपील भी खारिज हो चुकी थी।
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सहारनपुर के कलक्ट्रेट परिसर में मस्जिद को तोड़ता बुलडोजर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद सोमवार को एएसआई के सहायक पुरातत्व विशेषज्ञ ने स्थल पर मिले कुएं जैसी संरचना की जांच की। इसके बाद उन्होंने इसे उत्तर मध्यकालीन और करीब 200 से 250 वर्ष पुराना होने की संभावना व्यक्त की।
इसकी जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि करीब सप्ताहभर में जांच की रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी जाएगी। इसके बाद प्रशासन और शासन द्वारा ही कुएं की खोदाई और आगे सर्वे कराए जाने का निर्णय लिया जाएगा।
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कलक्ट्रेट परिसर में कुएं की जांच करने के लिए उतरते एएसआई के सहायक पुरातत्व अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बता दें, जांच के बाद सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार यादव ने बताया था कि हर राजवंश में ईंटों का अपना इतिहास रहा है। कुएं जैसी संरचना में जिन ईंटों का इस्तेमाल हुआ है वह लखौरी ईंटें हैं।
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कलक्ट्रेट परिसर में कुएं की गहराई नापती टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
उधर, सहारनपुर में जमीयत-उलमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मस्जिद विध्वंस को लेकर समाज के विभिन्न लोगों से मुलाकात की। महासचिव मौलाना मुहम्मद हकीमुद्दीन कासमी ने कहा कि मामले से संबंधित सभी दस्तावेज और साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं, जिन्हें अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। सहारनपुर के लोगों को इस मामले में जहां भी कानूनी सहायता की आवश्यकता होगी, जमीयत उलमा-ए-हिंद उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
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मस्जिद प्रकरण में पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान से वार्ता करते जमीयत उलेमा-हिंद का प्रतिनिधिमंडल
- फोटो : संगठन
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद इमरान मसूद, पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान, भूमि से जुड़े याकूब खान के पौत्र फिरोज खान और शाह हारून खान, एडवोकेट नौशाद तथा मुकदमे के पक्षकार एडवोकेट तनवीर अहमद सहित अन्य संबंधित लोगों से चर्चा की। अधिवक्ताओं के साथ विशेष बैठक कर मामले के सभी जटिल कानूनी पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
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कलक्ट्रेट परिसर की मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मिला कुआं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना मुहम्मद हकीमुद्दीन कासमी ने मस्जिद के विध्वंस पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की गई। कहा कि जिस तरह से जल्दबाजी में कार्रवाई की गई। उससे शहर के लोगों में बेचैनी हुई है। इस दौरान मौलाना कासिम नूरी, मौलाना अली हसन मजाहिरी, मौलाना अजीमुल्लाह सिद्दीकी, मौलाना मुहम्मद यूसुफ कासमी आदि रहे।
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कलक्ट्रेट परिसर की मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मिले कुएं को देखते लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शहर काजी नदीम अख्तर हुए भावुक
शहर काजी नदीम अख्तर ने मीडिया को दिए बयान में बताया कि मस्जिद को ध्वस्त करने पर मुस्लिम ही नहीं हिंदू भी दुखी है। उन्होंने कहा कि मस्जिद की लड़ाई कानून के अनुसार ही लड़ी जाएगी। जिले के सभी वर्गों के लोगों ने धैर्य और सौहार्द का परिचय दिया है। यही हमारी तहजीब है। यह बात कहते हुए वह भावुक भी हो उठे।
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कलक्ट्रेट परिसर की मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मिले कुएं को देखती पुलिस व अन्य लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कानून के हिसाब से लड़ी जाएगी लड़ाई : एमएलसी शाहनवाज
एमएलसी शाहनवाज ने मीडिया को दिए बयान में सड़क पर उतरने के सवाल पर कहा कि क्या हम सहारनपुर को दूसरा संभल और बरेली बनने दें। जनप्रतिनिधि के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि जिले का माहौल खराब न हो। कानूनी लड़ाई को कानून के हिसाब से ही लड़ा जाएगा। उन्होंने सभी से शांति की अपील की है।
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कलक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद की स्थिति
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सपा सुप्रीमो को सौंपी रिपोर्ट
सोमवार को जिले में आए सपा के प्रतिनिधिमंडल ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव को रिपोर्ट सौंपी है। इसके साथ ही उन्हें पूरे मामले और वर्तमान स्थिति से भी अवगत कराया गया है। सपा ने 23 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को जिले में भेजा था। इनमें से 11 नेता ही जिले में आ सके। अन्यों को नजरबंद कर लिया गया था।
मस्जिद नहीं दिल टूटा : सांसद इमरान
सांसद इमरान मसूद ने कहा कि यह मुद्दा राजनीति का नहीं है। मस्जिद नहीं दिल टूटा है। यह सहारनपुर है। यहां पर नफरत नहीं चलती है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के अंदर कागज बोलेंगे। वहां पर किसी की बात नहीं चलेगी। यह सारा मामला 2027 के चुनाव के चलते किया गया है। मस्जिद मामले में कमेटी को समय नहीं दिया गया। हम सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेंगे।