उधर, पशुपालन विभाग की टीम ने मौके से मीट के नमूने भी लिए हैं। पुलिस अभी इस मामले में कोई जानकारी देने से इंकार कर रही है। चर्चा है कि फैक्टरी में पशुओं के अवशेष सहित मीट पैकिंग का कार्य भी चल रहा था।
एमडीए ने किया था सील
करीब सात वर्ष पहले प्रदेश सरकार के आदेश पर अवैध रूप से चल रही मीट फैक्ट्रियों पर छापामारी की गई थी। उस समय एमडीए की टीम ने हाजी इजलाल की मीट फैक्टरी को भी सील किया था। वहीं मैनेजर ने बताया कि संबंधित विभाग से अनुमति मिली है। लेकिन अभी जांच की जा रही है।
फ्रिजर में रखा है भारी मात्रा में पैकिंग हुआ मीट
पुलिस के अनुसार फैक्टरी के फ्रिजर में भारी मात्रा में पैक हुआ मीट रखा है। उक्त मीट को फैक्टरी प्रबंधन पुराना बता रहा है। लेकिन जिस समय फैक्टरी को सील किया गया था। उस समय फैक्टरी के सभी मीट को निस्तारित करा दिया गया था।
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फैक्टरी के संचालन से संबंधित कागजों की सभी विभागों द्वारा जांच कराई जा रही है। संचालन अवैध है या वैध जांच के बाद ही इसकी जानकारी होगी। मीट के नमूने लेकर जांच को भेज दिए हैं।
- राम नारायण सिंह, कार्यवाहक थानाध्यक्ष, खरखौदा