shamli jawan
श्रद्धांजलि सभा के बाद करीब नौ बजे शहीद प्रदीप की अंतिम यात्रा शुरू हुई तो हजारों की भीड़ से कस्बे की गलियां भर गई। शव के पीछे दो किमी लंबी लाइन थी। शव के साथ डीएम और एसपी चल रहे थे। सीआरपीएफ और आरएएफ आदि कई कंपनियों के कमांडेंट और सलामी गारद भी साथ थी। कस्बे के अलावा आसपास के कई गांवों से सर्वसमाज के लोग पहुंचे। व्यापारी, उद्यमी, मजदूर, किसान सब इसमें शामिल थे।