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शहादत को सलाम: इस काम में महारथी थे मेरठ के जांबाज अजय, दुश्मन को ढेर करने के बाद हुए शहीद

Wed, 20 Feb 2019 12:20 PM IST
Dimple Sirohi गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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martyr ajay kumar
जांबाज अजय कुमार के हौसले पर उनकी यूनिट के जवान भी गर्व करते थे। अजय सर्च ऑपरेशन टीम के सदस्य थे। टीम में आगे बढ़कर अजय आतंकियों से लोहा लेते थे।
 
बीती रविवार रात पुलवामा के पिंगलीना क्षेत्र के एक मकान में छुपे दो आतंकियों को ढेर करके सेना ने सर्च ऑपरेशन किया था। जिसमें एक आतंकी मकान से बाहर पास में ही गड्ढे में छुपा था। उस बुजदिल आतंकी ने अजय को पीछे से गोली मारी थी। यह बात अजय के पार्थिव शरीर के साथ आए एक साथी ने बताई।
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martyr ajay kumar
आतंकियों ने अजय पर कैसे वार किया? उस समय अजय क्या कर रहे थे? गोलियां आमने-सामने चलीं या फिर बम फेंका गया? ऐसे कई सवाल शहीद अजय के परिजनों के जेहन में उठ रहे थे। सोमवार रात अजय का पार्थिव शरीर मेरठ कैंट स्थित आर्मी हॉस्पिटल में पहुंचा।
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martyr ajay kumar
इसकी जानकारी लगते ही अजय के पिता और चचेरे भाई समेत करीब दस लोग मिलिट्री अस्पताल (एमएच) पहुंच गए। अजय के पार्थिव शरीर को मेरठ लाने वालों में उनकी यूनिट का जवान भी शामिल था। परिजन पुलवामा में रविवार आधी रात हुए सर्च ऑपरेशन के बारे में जानने लगे। 

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martyr ajay kumar
दो आतंकी मार गिराए थे
सेना के जवान (अजय के दोस्त) ने बताया कि वह भी मुठभेड़ में अजय के साथ था। रविवार रात करीब 12 बजे थे। एक सूचना पर यूनिट के मेजर विभूति शंकर के नेतृत्व में अजय और सेना के करीब 30 जवान दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में पिंगलीना क्षेत्र में पहुंचे। जहां पर एक मकान में पांच आतंकी छुपे थे। आतंकियों से सीधी मुठभेड़ हुई।
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पुलवामा मुठभेड़ में इसी घर में छिपे थे आतंकी - फोटो : अमर उजाला
सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया। सेना मकान में सर्च ऑपरेशन कर रही थी। पूरा मकान खंगाल डाला, लेकिन कुछ नहीं मिला। जिस पर सेना ने वापस लौटने की तैयारी कर ली थी। तभी मकान के पास एक गड्ढे में छुपे एक आतंकी ने  सेना पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं, जिसमें अजय शहीद हो गए थे।
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jammu srinagar attack protest - फोटो : अमर उजाला
सबसे आगे चलते थे अजय 
परिजनों के मुताबिक अजय के साथियों ने बताया कि सर्च ऑपरेशन में अजय हमेशा आगे रहते थे। आतंकी को सर्च ऑपरेशन में आतंकियों को ढूंढने में वह माहिर थे। इससे पहले भी कई मुठभेड़ और सर्च आपरेशन चलाए गए, जिनमें अजय ने आतंकियों को ढूंढकर मारा।
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martyr ajay kumar
इस ऑपरेशन में बुजदिल आतंकी ने अजय पर पीछे से वार किया, जिसमें अजय शहीद हो गए। हालांकि सेना के जवान दावा करते हैं कि अजय को गोली मारने वाले को उन्होंने वहीं ढेर कर दिया था। अजय बहुत बहादुर थे। 
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