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हाईकोर्ट की फटकार के बाद पुलिस को दिखी 'बद्दो' की कोठी, भाभी का घर बताकर पौने दो साल तक झाड़ती रही पल्ला

Sun, 08 Nov 2020 04:28 PM IST
Dimple Sirohi गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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कार्रवाई करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
शातिर बदन सिंह बद्दो पर मेरठ का पुलिस-प्रशासन पर्दे के पीछे से मेहरबान थी। बद्दो पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही थी। हैरानी की बात है कि फरारी के 19 महीने तक पुलिस बद्दो की आलीशान कोठी नहीं दिखाई दी।

लीपापोती का हाल यह रहा कि करीब पौने दो साल में पुलिस उसके खिलाफ कुर्की वारंट तक नहीं ले पाई। पुलिस उसकी कोठी को बद्दो की भाभी बताकर पल्ला झाड़ती रही। हाईकोर्ट की फटकार के बाद पुलिस प्रशासन की नींद टूटी तो बद्दो की कोठी भी खोज ली और उसकी करीब दो करोड़ की संपत्ति भी कुर्क कर ली।
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कुख्यात बदन सिंब बद्दो का मकान - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली रोड से सटे पंजाबीपुरा में बद्दो की आलीशान कोठी है। जहां बद्दो और उसका बेटा सिकंदर रहता था। इस कोठी से सटी पीछे की साइड में उसकी भाभी कुलदीप कौर पत्नी सुखविंदर का मकान है, जोकि बेरीपुरा में है। कुलदीप कौर के घर कई बार पुलिस भी गई, लेकिन सामने खड़ी बद्दो की कोठी दिखाई नहीं दी। 28 मार्च 2019 को बद्दो पुलिस कस्टडी से फरार हुआ तो मामला लखनऊ तक गूंजा।

ढाई लाख के इनामी बद्दो की तलाश में यूपी पुलिस के साथ ही यूपी एसटीएफ, एटीएस और पंजाब पुलिस समेत तमाम एजेंसियां जुटी रहीं। लेकिन मेरठ पुलिस ने मोस्ट वांटेड बद्दो की घेराबंदी के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। बद्दो पर पुलिस प्रशासन मेहरबान क्यों था, यह बात कोई नहीं समझ पाया। बद्दो शातिर अपराधी था, फरारी से पहले भाभी के मकान को ध्वस्त करा दिया, ताकि पुलिस कोई कार्रवाई न करा सके। बद्दो की कोठी का यह आंख मिचौली का खेल 19 महीने तक चला। 
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बेशकीमती फर्नीचर मिला - फोटो : अमर उजाला
लंबे समय बाद भूमाफिया घोषित
जून 2020 को एडीजी राजीव सभरवाल ने मेरठ जोन की कमान संभाली। बद्दो फरारी प्रकरण में हुई कार्रवाई की समीक्षा में सामने आया कि बद्दो पर जमीन पर कब्जे, शराब कारोबार से जुड़े मुकदमे सबसे ज्यादा हैं। लेकिन उस पर निरोधात्मक कार्यवाही नहीं की गई।

एडीजी के निर्देश पर करीब एक माह पहले ही बद्दो को भूमाफिया घोषित किया गया। लेकिन उसके बाद भी बद्दो पर मजबूत कार्रवाई की बात सामने आती तो पुलिस पल्ला झाड़ देती कि उसके नाम कोई भी संपत्ति नहीं है। जिस मकान में बददो रहता था, वह उसकी भाभी कुलदीप कौर के नाम है। यह सुनकर अधिकारी भी चुप्पी साध लेते थे।

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कार्रवाई करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट ने पुलिस को जगाया
अपराधियों की अवैध संपत्ति को लेकर हाईकोर्ट भी सख्त है। सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक सोम की याचिका पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया। हाईकोर्ट ने मेरठ पुलिस ने पूछा कि बद्दो के खिलाफ क्या कार्रवाई की, जिसको लेकर अपर प्रमुख सचिव गृह को तलब कर लिया। इसके बाद पुलिस ने बद्दो की कोठी भी तलाश ली और करीब दो करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली।
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कार्रवाई करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
संदेह में पुलिस की कार्यशैली
शातिर अपराधियों के खिलाफ मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश भर में कार्रवाई हुई। जिसमें योगेश भदौड़ा, ऊधम सिंह, शराब माफिया रमेश प्रधान की अवैध संपत्ति कुर्क की गई। जबकि प्रदेश में सबसे बड़े अपराधी बदन सिंह बद्दो पर कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साधी जा रही थी। कई बार पुलिस अधिकारियों ने बद्दो के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहीं, लेकिन मकान उसकी भाभी का बताकर पुलिस खामोश हो जाती।

पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं कि करीब 19 महीने तक पुलिस बद्दो की आलीशान कोठी क्यों नहीं तलाश पाई। जबकि इसी कोठी में बद्दो और उसका बेटा सिकंदर रहता था। यह कार्रवाई बद्दो और सिकंदर दोनों पर हुई है। दोनों ही वांटेड है। ब्रह्मपुरी पुलिस ने दोनों के नाम से कुर्की वारंट मांगा था, जिसको कोर्ट ने स्वीकार कर कुर्की करने का आदेश दिया।
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मौके पर इकट्ठा हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
एमडीए और नगर निगम जिम्मेदार 
बददो की इस कोठी को छुपाने में एमडीए और नगर निगम भी जिम्मेदार है। तत्कालीन एसएसपी नितिन तिवारी ने एमडीए और नगर निगम को चिट्टी लिखकर बददो की संपत्ति के बारे में जानकारी मांगी थी, इसके बावजूद भी दोनों विभाग के अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। जबकि पंजाबीपुरा से बददो की कोठी से टैक्स भी दोनों विभाग वसूलते रहे। हाईकोर्ट का डंडा चला तो पुलिस के साथ एमडीए और नगर निगम की नींद टूटी।

19 महीने से छुपाने वाले दोनों विभाग अब कार्रवाई के लिये आगे आए है। वह भी रविवार से कार्रवाई करेंगे। दोनों विभाग के अधिकारी की बददो से क्या सेटिंग थी, इसकी भी जांच होगी। एसएसपी अजय साहनी ने बताया है कि बद्दो की भाभी कुलदीप कौर ने 2004 और 2018 में हाईकोर्ट में याचिका डाली थी कि बदनसिंह से उनका कोई लेना देना नहीं है। वह अपराधी है, इसके बावजूद भी बददो की करोड़ों की कोठी में कुलदीप कौर रहती थी। 
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